सख्ती / पॉलिसी उल्लंघन का हवाला देते हुए गूगल-यूट्यूब ने हटाए ट्रम्प के 300 से अधिक विज्ञापन

फोटो क्रेडिट- ट्विटर फोटो क्रेडिट- ट्विटर
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Dainik Bhaskar

Dec 02, 2019, 04:12 PM IST
गैजेट डेस्क. एडवरटाइजिंग पॉलिसी के उल्लंघन को देखते हुए गूगल और उसके वीडियो शेयरिंग प्लेटफार्म यूट्यूब से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के लगभग 300 से ज्यादा विज्ञापनों को प्लेटफार्म से हटा दिया गया है। इसमें ज्यादातर चुनाव संबंधित वीडियो थे, जो पिछले कुछ समय से इन प्लेटफार्म पर सक्रिय थे। कंपनी ने इन्हें हटाने का फैसला 2020 ने होने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों को देखते हुए लिया है, वह भी तब जब सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर राजनीतिक विज्ञापनों पर लगाम टेक कंपनियों के लिए चिंता का विषय बन गया है। हालांकि, ट्विटर ने इस समस्या से निपटने के लिए प्लेटफार्म से सभी तरह के पॉलिटिकल विज्ञापनों पर बैन लगाने का ऐलान कर दिया है।

सोशल मीडिया पर तेजी से फैलती हैं फेक न्यूज

  1. सोमवार को जारी हुई सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प के 300 से अधिक वीडियो एड को प्लेटफार्म से हटा गया है। यह कंपनी की पॉलिसी का उल्लंघन कर रहे थे और काफी समय से प्लेटफार्म पर सक्रीय थे। टीवी के मुकाबले, सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर वीडियो एड तेजी से नकारात्मक प्रभाव फैलाते हैं। यह मशीन लर्निंग एल्गोरिदम पर काम करते हैं, और तेजी से टार्गेट ऑडियंस की पहचान करते हैं।

  2. हालांकि, विज्ञापन को प्लेटफार्म से हटाने के बावजूद कंपनी ने स्पष्ट नहीं किया है कि यह कौनसी पॉलिसी का उल्लंघन कर रहे हैं। इसलिए अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह कॉपी राइट का उल्लंघन है या फिर फेक कंटेट का मामला है। रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि किसी को अपमानित करने वाला कोई विज्ञापन स्क्रीन पर उपलब्ध नहीं है, ऐसे में ट्रांसपेरेंसी रिपोर्ट में हमें बहुत कम ट्रांसपेरेंसी नजर आ रही है। 

  3. हालांकि सोशल मीडिया पर राजनीतिक विज्ञापन, टीवी पर राजनीतिक विज्ञापनों की तुलना में अलग-अलग नियमों का पालन नहीं करते हैं। लेकिन गलत सूचना फैलाने में और उनसे निपटने में असमर्थता के कारण के कारण सोशल मीडिया पर राजनीतिक विज्ञापन विशिष्ट जांच के दायरे में आते हैं।

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