स्टडी / आर्टिफिशियल इंटेलिंजेस से तैयार की जा रही रोबोटिक सेना, युद्धभूमि में सैनिकों की करेंगे मदद



AI based robots could auto complete soldiers task in battlefield
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AI based robots could auto complete soldiers task in battlefield

  • किसी काम को करते समय सैनिकों के दिमाग में होने वाले बदलावों पर शोध हो रहा है
  • ऐसो रोबोट बनाने पर काम किया जा रहा है जो सैनिकों के दिमाग को भापकर उनकी मदद करेगा 

Dainik Bhaskar

Apr 15, 2019, 04:50 PM IST

गैजेट डेस्क.  जंग अब सैनिक नहीं, बल्कि रोबोट्स के बीच होगा। सुनने में यह बात शायद अजीब लगे, लेकिन कई देश इस पर काम कर रहे हैं। यूएस के साइंटिस्ट ऐसे रोबोट्स को बनाने पर काम कर रहे हैं, जो रणभूमि में सैनिकों की सहायता करेंगे, इसके लिए ऑर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक की भी मदद ली जा रही है। नई स्टडी में सामने आया कि शोधकर्ता लक्ष्य और काम को पूरा करने के दौरान सैनिकों के दिमाग में चलने वाले गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं।

 

अमेरिका में की जा रही रिसर्च

  1. यूएस आर्मी रिसर्च लैबोरेट्री के सीनियर न्यूरोसाइंटिस्ट जीन विटल ने बताया कि ऑर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक सैनिकों की परिस्थिति और उनके आचरण को भांप कर उनकी मदद करेगी, इससे एक दक्ष टीम बनाई जा सकेगी।

  2. यूनिवर्सिटी ऑफ बफेलो और एआरएल इस तकनीक पर काम कर रही है, जिसमें विशेषतौर पर इस बात पर ध्यान दिया जा रहा है कि कैसे मानव मस्तिष्क एक ही समय में कई कामों को करने का फैसला लेता है।

  3. विटल ने आगे कहा कि आर्मी ऑपरेशन में सैनिकों को एक ही समय में कई सारे काम करने पड़ते हैं। वो कई स्त्रोतों से आई जानकारियों का विश्लेषण करते हैं, खतरों का आकलन करते हैं, स्थिति को भांपते है और अपनी टीम के साथ साझा करते हैं। इससे यह कहा जा सकता है कि अलग अलग काम करने के लिए उनका दिमाग मस्तिष्क के अलग अलग क्षेत्रों में शिफ्ट होता रहता है। 

  4. उन्होंने बताया कि अगर मस्तिष्क का डेटा हमें इस बात का संकेत देता है कि वे किस काम को कर रहे हैं, तो इस डेटा का इस्तेमाल कर एआई सिस्टम तुरंत प्रतिक्रिया देकर काम को पूरा करने में सैनिकों की सहायता कर सकता है।

  5. इस टेक्नोलॉजी को सफल बनाने के लिए शोधकर्ताओं ने सबसे पहले यह पता लगाने की कोशिश की कि किसी विशेष काम को करने कि लिए मस्तिष्क अपने विभिन्न क्षेत्रों से कैसे तालमेल बिठाता है, इसे समझने के लिए शोधकर्ताओं ने एक कम्प्यूटेशनल दृष्टिकोण का सहारा लिया। फिर इसे कम्प्यूटर के माध्यम से कम्प्यूटेशनल मॉडल में बदला गया। जिससे यह पता लगाया जा सके कि किसी मानव मस्तिष्क के क्षेत्र उत्तेजित होने पर क्या करते हैं?

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