स्टडी / एआई तकनीक जो आवाज सुनकर बताएगी- आप डिप्रेशन में हैं या नहीं



AI can spot depression via sound of your voice knbow how its work
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AI can spot depression via sound of your voice knbow how its work

  • कनाडा के यूनिवर्सिटी ऑफ अल्बर्टा के कम्प्यूटिंग साइंस के वैज्ञानिकों ने की स्टडी
  • डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार भारत में 5.6 करोड़ लोग अवसाद के शिकार है
  • डब्ल्यूएचओ के मुताबिर अवसादग्रस्त देशों में भारत छठे स्थान पर

Dainik Bhaskar

Jul 14, 2019, 04:42 PM IST

गैजेट डेस्क. आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस तकनीक की मदद से अब लोगों को अवसाद से उबरने में भी मदद मिलेगी। वैज्ञानिकों ने एक ऐसी तकनीक का विकास कर लिया है जो आवाज पहचान कर यह बताएगी कि वह अवसाद में है या नहीं। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन की रिपोर्ट में बताया कि अवसादग्रस्त देशों में भारत छठे स्थान पर है, यहां 5.6 करोड़ लोग अवसाद के शिकार है जबकि 3.8 करोड़ लोग चिड़चिड़ेपन और घबराहट जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं।

ऐप के जरिए लिए जाएंगे वॉयस सैंपल

  1. यूनिवर्सिटी ऑफ अल्बर्टा के कम्प्यूटिंग साइंस के वैज्ञानिकों ने ऐसी तकनीक का खोजा निकाला जो आवाज के जरिए अवसाद की पहचान करेगी है। इस स्टडी को मशरुरा तनसिम और प्रोफेसर ऐलिनी स्ट्रॉयुलिया ने पूरा किया जो पुरानी रिसर्चों पर ही बेस्ड है। उन्होंने बताया कि इंसानों की आवाज की लय में ही उनके मूड के बारे में जानकारी होती है।

  2. बेंचमार्क डेटा का इस्तेमाल करते हुए तनसिम और स्ट्रॉयुलिया ने ऐसी मैथडोलॉजी को डेवलप किया, इसमें कई मशीन लर्निंग एल्गोरिदम को जोड़ा गया जो आवाज के संकेतो का उपयोग कर अवसाद की सटीक स्थिति की पहचान करती है।

  3. उन्होंने कहा कि इसका वास्तविक अनुभव करने के लिए एक ऐप तैयार की जाए जो लोगों के वॉयस सैंपल इकट्ठा करेगी, खासतौर पर जब वह सामान्य बातें कर रहे हो। यह ऐप यूजर के फोन में चलेगी और उनके बदलते स्वभाव के लक्षणों को ठीक वैसे ही ट्रैक करेगी जैसे ऐप के जरिए कदमों को ट्रैक किया जाता है।

  4. डब्ल्यूएचओ के अनुसार दुनियाभर में सबसे ज्यादा लोग अवसाद की वजह से ही आत्महत्या जैसे कदम उठाते है। जिसपर काबू पाने के लिए वैज्ञानिक एआई तकनीक की मदद से एक ऐसी एप्लीकेशन तैयार करना चाहते हैं जो अवसाद से उबरने में लोगों की मदद कर सके।

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