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अपडेट / अमेजन म्यूजिक, स्पॉटिफाई और यूट्यूब समेत 9 ऐप सपोर्ट करेगा पिक्सल 4, हाथ के इशारे से बदलेंगे गाने

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दैनिक भास्कर

Sep 30, 2019, 06:42 PM IST

गैजेट डेस्क. गूगल का अपकमिंग स्मार्टफोन पिक्सल 4 और पिक्सल 4 XL में नया मोशन सेंस मोड की सुविधा मिलेगी। कंपनी का कहना है कि यह मोड 9 म्यूजिक ऐप को सपोर्ट करेगा। हालांकि कुछ समय पहले ही गूगल ने कंफर्म किया था कि अपकमिंग स्मार्टफोन गूगल पिक्सल 4 में रडार टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा। इसकी मदद से स्क्रीन को बिना हाथ लगाए हाथों के इशारों से ही ऐप्स को कंट्रोल किया जा सकेगा।

फेशियल रिकॉग्नाइजेशन फीचर से लैस होगा पिक्सल 4

रिपोर्ट के मुताबिक पिक्सल 4 का मोशन सेंस मोड अमेजन म्यूजिक, डीजर, गूगल प्ले म्यूजिक, आईहार्ट रेडियो, पांडोरा, स्पॉटिफाई, स्पॉटिफाई स्टेशन्स, यूट्यूब म्यूजिक और यूट्यूब जैसी ऐप्स सपोर्ट करेगा।

गूगल पिक्सल का मोशन सेंस फीचर प्रोजेक्ट सोली के तहत काम करेगा। यह रडार टेक्नोलॉजी पर काम करेगा जो हाथों के इशारों पर काम करेगा। गेश्चर कंट्रोल के एडवांस्ड वर्जन की मदद से हाथ हिलाकर गानों को स्किप किया जा सकेगा।

रिपोर्ट के मुताबिक गूगल पिक्सल 4 XL क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 855 प्रोसेसर से लैस होगा। इसमें 6 जीबी रैम, डुअल रियर कैमरा होगा, जिसमें 12 मेगापिक्सल का मेन कैमरा और 16 मेगापिक्सल का टेलीफोटो कैमरा होगा।

पिक्सल 4 में 5.7 इंच का 90 हर्ट्ज 1080 पिक्सल वाला ओएलईडी डिस्प्ले, 2800 एमएएच बैटरी मिलेगी जबकि पिक्सल 4 XL में 6.3 इंच का 90 हर्ट्ज 1440 पिक्सल वाला ओएलईडी पैनल मिलेगा। इसमें 3700 एमएएच बैटरी मिलेगी।

हालांकि गूगल ब्लॉग पोस्ट के जरिे पहले ही कंफर्म कर चुकी है कि नए पिक्सल फोन में मोशन सेंसिंग टेक्नोलॉजी पर काम करेगा। यह एक शॉर्ट रेंज रडार की तरह काम करेगा। यूजर फोन को दूर से भी हाथों के इशारों से कंट्रोल कर सकेगा।

कंपनी का कहना है कि पिक्सल 4 पहला ऐसा गूगल डिवाइस होगा जिसमें इस तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इस तकनीक को 'सोली' नाम दिया गया है। इस तकनीक के जरिए यूजर फोन को बिना हाथ लगाएं गाने बदल सकेगा, अलार्म बंद कर सकेगा और फोन कॉल को साइलेंट भी कर सकेगा। 

सोली तकनीक का एक और दिलचस्प पहलू यह भी है कि इसमें फेशियल रिकॉग्नाइजेशन सॉफ्टवेयर भी शामिल है, जो डिवाइस में नया जोड़ा गया है। इसके जरिए अनलॉकिंग प्रोसेस को और बेहतर बनाया जाएगा।

इसकी रडार टेक्नोलॉजी पहले ही पता लगा लेगा यह पता लगा लेती है कि यूजर कब फोन कब उठाने वाला है। जैसे ही कोई फोन के पास आता है तो फोन एक्टिवेट हो जाता है और अपने फेशियल रिकॉग्नाइजेशन फीचर को सक्रिय कर देता है।

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