चेतावनी / स्वास्थ्य सेवाओं में एआई सिस्टम के दुरुपयोग का खतरा बढ़ा



Arthritic intelligence increase the risk of health abuse in health services
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Arthritic intelligence increase the risk of health abuse in health services

Dainik Bhaskar

Mar 25, 2019, 03:19 PM IST

केड मेट्ज, क्रेग स्मिथ
अमेरिकी शोधकर्ताओं ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के जरिए धांधली की आशंका जताई है। जर्नल साइंस में प्रकाशित एक पेपर के अनुसार डिजिटल डेटा का उपयोग कर एआई के व्यवहार में जोड़-तोड़ संभव है। उदाहरण के लिए फेफड़े के स्कैन में कुछ पिक्सल बदलकर एआई सिस्टम को बीमारी पहचानने या न देखने के मामले में बेवकूफ बना सकते हैं।


हार्वर्ड मेडिकल कॉलेज, एमआईटी में शोधकर्ता सेमुअल फिनलेसन ने अपनी रिसर्च में आगाह किया है ज्यादा पैसा वसूल करने के लिए डॉक्टरों, अस्पतालों और अन्य संगठनों द्वारा बिलिंग या अन्य इंश्योरेंस सॉफ्टवेयर में एआई के माध्यम से बदलाव संभव है। शोधकर्ताओं ने बताया, किसी इमेज में कुछ पिक्सल बदलकर त्वचा के साधारण जख्म को कैंसर प्रभावित बता सकते हैं। कंप्यूटर फीडिंग में मरीज की गलत जानकारी भेजकर एआई की डायग्नोसिस बदलना संभव है। कमर दर्द, शराब की लत की भी वास्तविक से हटकर अलग डायग्नोसिस बताई जा सकती है। 


पेपर में एआई सिस्टम के बचाव तंत्र पर हमलों (एडवर्सेरिअल अटैक) की बढ़ती आशंका पर चिंता जताई गई है। ये हमले चेहरा पहचानने की सेवाओं, ड्राइवरलैस कारों, आइरिस स्कैन और फिंगर प्रिंट पर हो सकते हैं। ये एआई सिस्टम के बुनियादी ढांचे पर प्रहार करते हैं। मशीन लर्निंग अपने खुद के व्यवहार के बारे में अप्रत्याशित नतीजे दे सकती है। 2016 में कार्नेगी मेलॉन की टीम साबित कर चुकी है कि फेस रिकग्नीशन सिस्टम को धोखा दे सकते हैंै। पिछले वर्ष टंडन इंजीनियरिंग स्कूल ने ऐसे वर्चुअल फिंगर प्रिंट बनाए जो फिंगर प्रिंट रीडर्स को 22% बार मूर्ख बना सकते हैं।

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