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सीईएस / नेटफ्लिक्स का पासवर्ड दोस्तों से शेयर करना होगा मुश्किल, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से इसे रोका जाएगा



artificial intelligence will stops you from sharing netflix password with friends
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artificial intelligence will stops you from sharing netflix password with friends

  • वीडियो सॉफ्टवेयर प्रोवाइडर कंपनी सिनामीडिया ने सीईएस में एआई आधारित सिस्टम पेश किया है
  • सॉफ्टवेयर की मदद से पता चलेगा यूजर ने अपना अकाउंट-पासवर्ड किसे और कहां शेयर किया है
  • रिपोर्ट के मुताबिक, पासवर्ड शेयरिंग से 2021 तक पे-टीवी का रेवेन्यू 9.9 बिलियन डॉलर और ओटीटी का रेवेन्यू 1.2 बिलियन डॉलर कम होगा

Dainik Bhaskar

Jan 10, 2019, 01:14 PM IST

गैजेट डेस्क. अब नेटफ्लिक्स और अमेजन प्राइम वीडियो जैसी वीडियो स्ट्रीमिंग सर्विस का पासवर्ड दोस्तों से शेयर करना मुश्किल हो सकता है। दरअसल, लास वेगास में चल रहे कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक शो (सीईएस) में वीडियो सॉफ्टवेयर प्रोवाइडर कंपनी सिनामीडिया ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर आधारित एक सिस्टम पेश किया है, जिसकी मदद से वीडियो स्ट्रीमिंग सर्विस देने वाली कंपनी यूजर के अकाउंट को ट्रैक कर सकेंगे। कंपनी के मुताबिक, ये सॉफ्टवेयर ये पता लगाने में सक्षम होगा कि कौन से यूजर लॉग इन हैं और उन्होंने अपना अकाउंट-पासवर्ड कहां शेयर किया है।


पासवर्ड शेयरिंग से कंपनियों को नुकसान
हाल ही में रिसर्च फर्म मैगिड (Magid) ने अपनी रिसर्च में दावा किया था कि 26% लोग वीडियो स्ट्रीमिंग सर्विस का अकाउंट-पासवर्ड दूसरे लोगों के साथ शेयर करते हैं। वहीं पार्क्स एसोसिएट ने अपनी रिसर्च में अनुमान लगाया था कि, अकाउंट-पासवर्ड शेयरिंग की वजह से 2021 तक पे-टीवी के रेवेन्यू में 9.9 बिलियन डॉलर और ओवर-द-टॉप (ओटीटी) के रेवेन्यू में 1.2 बिलियन डॉलर की कमी आ सकती है।

पता चल सकेगा यूजर ने अपना अकाउंट कहां और किसे शेयर किया?

  1. सिनामीडिया का कहना है कि इस सॉफ्टवेयर की मदद से कंपनियों को अपने नुकसान में कमी लाने में मदद मिलेगी। कंपनी के मुताबिक, ये सॉफ्टवेयर अकाउंट-पासवर्ड शेयरिंग एक्टिविटी पर नजर रखने के लिए बिहेवियरल एनालिटिक्स और मशीन लर्निंग का इस्तेमाल करता है।

  2. कंपनी का कहना है कि एआई आधारित इस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर कंपनियां तय कर सकेंगी कि एक अकाउंट का कितने यूजर इस्तेमाल कर सकते हैं, ताकि यूजर अपना अकाउंट-पासवर्ड अपने परिवार के साथ शेयर कर सके।

  3. इसके अलावा, किसी भी तरह की धोखाधड़ी को रोकने के लिए ये सॉफ्टवेयर सब्सक्राइबर डेटाबेस की निगरानी कर सकता है। कंपनी के मुताबिक, इससे पता लगाया जा सकेगा कि अकाउंट का इस्तेमाल कहां और कैसे किया जा रहा है।

  4. कंपनी ने समझाया कि, उदाहरण के लिए स्ट्रीमिंग सर्विस कंपनियां इस सॉफ्टवेयर से पता लगा सकेंगी कि यूजर अपने अकाउंट का इस्तेमाल अपने घर पर ही कर रहा है या कहीं और। साथ ही परिवार के अलावा किसी दूसरे व्यक्ति से अकाउंट-पासवर्ड शेयर करने की जानकारी भी इस सॉफ्टवेयर से मिल जाएगी।

पासवर्ड शेयर करने से इस तरह रोका जाएगा

  1. कंपनी के मुताबिक, एआई आधारित इस सॉफ्टवेयर की मदद से यूजर की लोकेशन और यूसेज पैटर्न को ट्रैक किया जाएगा।

  2. पासवर्ड शेयरिंग के आधार पर यूजर को 1 से 10 तक की रेटिंग मिलेगी। 1 का मतलब होगा यूजर ने किसी से पासवर्ड शेयर नहीं किया वहीं 10 का मतलब होगा कि पासवर्ड ज्यादा लोगों को दिया जा रहा है।

  3. इसके बाद इस डेटा के आधार पर यूजर को अलर्ट मैसेज के जरिए ऐसा नहीं करने की चेतावनी दी जा सकेगी।

ज्यादा लोगों को पासवर्ड शेयर करने के लिए प्रीमियम सब्सक्रिप्शन होगा

  1. सिनामीडिया का कहना है कि, अकाउंट-पासवर्ड शेयरिंग को अनदेखा करना स्ट्रीमिंग सर्विस देने वाली कंपनियों को बहुत महंगा पड़ रहा है। कंपनी ने बताया कि उनका नया सॉफ्टवेयर कंपनियों को ऐसे यूजर के खिलाफ एक्शन लेने की क्षमता देता है।

  2. कंपनी के मुताबिक, सॉफ्टवेयर के जरिए पता लगा जाएगा कि एक अकाउंट को कितने लोगों के साथ शेयर किया जा रहा है, अगर अकाउंट ज्यादा लोगों को शेयर किया जा रहा है तो उसके लिए प्रीमियम सब्सक्रिप्शन दिया जाएगा। इस सब्सक्रिप्शन को लेने के बाद ही यूजर अपने अकाउंट को ज्यादा लोगों तक शेयर कर सकेगा।

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