रिपोर्ट / फोन पर बात करने का भारतीयों का समय दो साल में चार घंटे से ज्यादा बढ़ा



average voice calling usage per users increased since september 2016
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average voice calling usage per users increased since september 2016

  • सितंबर 2016 में हर यूजर प्रति महीना 366 मिनट कॉल पर बात करता था, सितंबर 2018 में यही समय बढ़कर 627 मिनट हुआ
  • अनलिमिटेड वॉइस कॉलिंग से समय बढ़ा, पहले हर मिनट के पैसे लगते थे; अब रोजाना 5 घंटे कॉलिंग के लिए मिलते हैं
  • देश में अगले साल 30 करोड़ से ज्यादा मोबाइल फोन बिकने का अनुमान, इससे कॉल पर बात करने का समय भी बढ़ेगा

Dainik Bhaskar

Feb 10, 2019, 10:26 AM IST

गैजेट डेस्क. इंटरनेट डेटा इतना सस्ता होने के बाद भी भारतीयों को मोबाइल पर बात करना ज्यादा पसंद है। टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी (ट्राई) के आंकड़ों को देखें तो भारतीयों का फोन पर बात करने का समय पिछले दो साल में दोगुना तक बढ़ गया। सितंबर 2016 तक हर यूजर प्रति महीना 366 मिनट (6 घंटा 6 मिनट) मोबाइल पर बात करने में खर्च करता था, लेकिन सितंबर 2018 तक यही समय बढ़कर 627 मिनट (10 घंटा 27 मिनट) पर पहुंच गया। इसी दौरान टेलीकॉम कंपनियों को हर मिनट की कॉलिंग से मिलने वाला रेवेन्यू भी कम होता गया। सितंबर 2016 में कंपनियों को एक मिनट की कॉलिंग पर जहां हर यूजर से 48 पैसे का रेवेन्यू मिलता था, वहीं सितंबर 2018 में यही रेवेन्यू कम होकर सिर्फ 12 पैसे हो गया।

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