तकनीक / दिव्यांग वैज्ञानिक ने स्मार्ट छड़ी बनाई, इसका वॉयस असिस्टेंट यूजर को बोलकर रास्ता बताता है



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  • स्मार्ट छड़ी यूजर को रास्ते में आने वाली दुकानों और इमारतों की जानकारी देती है
  • इसमें कई एडवांस्ड सेंसर लगे हैं, जो बाधा आने पर यूजर को अलर्ट करते हैं

Dainik Bhaskar

Sep 14, 2019, 04:18 PM IST

गैजेट डेस्क. तुर्की के दिव्यांग वैज्ञानिक कुर्सत सेलन ने आंखों की रोशनी खो चुके लोगों के लिए स्मार्ट छड़ी डिजाइन की है। मॉडर्न तकनीक से लैस यह छड़ी दिव्यांगों को बोलकर रास्ता बताती है। इसे वीवॉक नाम दिया गया है।

 

यह छड़ी रास्ते में आने वाली दुकानों और इमारतों के बारे में भी जानकारी देती है। इसमें कई एडवांस्ड सेंसर लगे हैं, जो रास्ते में किसी भी तरह की बाधा आने पर यूजर को अलर्ट करते हैं। सेलन यंग गुरू अकादमी के को-फाउंडर है।

एक बार चार्ज होने पर 5 घंटे तक काम करती है छड़ी

  1. स्मार्ट तकनीक से लैस वीवॉक दिव्यांगों को आसपास के चीजों के बारे में बोलकर बताती है। यह बिल्ट-इन स्पीकर, स्मार्टफोन इंटिग्रेशन सिस्टम के अलावा कई तरह के सेंसर से लैस है, जो बाधा होने पर यूजर को अलर्ट करते हैं।

  2. वीवॉक डिवाइस में एक इलेक्ट्रॉनिक हैंडल लगा है। यह अल्ट्रासॉनिक सेंसर की मदद से पैर से सीने तक आने वाली किसी भी तरह की बाधा को पहचान लेता है और हैंडल में वाइब्रेशन कर यूजर को अलर्ट करता है।

  3. यूजर इसे स्मार्टफोन से कनेक्ट कर सकते हैं। यह गूगल मैप और वॉयस असिस्टेंट फीचर को सपोर्ट करती है। इसमें लगे बिल्ट-इन स्पीकर यूजर को रास्ते में आने वाले दुकानों और इमारतों के बारे में बोलकर बतातें हैं, जिसे वह देख नहीं सकते।

  4. वीवॉक ओपन प्लेटफार्म तकनीक पर बेस्ड है, यानी इसे किसी भी थर्ड पार्टी ऐप के जरिए स्मार्टफोन से कनेक्ट किया जा सकता है। इसकी नेवीगेशन क्षमता को और बेहतर बनाने के लिए इसे राइडिंग ऐप और ट्रांपोर्टेशन सर्विस से जोड़ने पर भी विचार किया जा रहा है।

  5. यह एंड्रॉयड और आईओएस दोनों तरह के डिवाइस के साथ काम करेगा है। इसमें यूएसबी इन्पुट है, जिसकी मदद से इसे चार्ज किया जा सकता है। फुल चार्ज होने पर इसे 5 घंटे तक इस्तेमाल किया जा सकता है। इसकी कीमत लगभग 35 हजार रुपए है।

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