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रिपोर्ट / इंटरनेट को अधिकार मानते हैं 74% भारतीय यूजर्स, 91% ने माना- इससे देश में लैंगिक समानता आएगी

Dainik Bhaskar

Mar 16, 2019, 06:22 PM IST


booking holdings's research says Indian takes internet as a human right
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booking holdings's research says Indian takes internet as a human right
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  • होटल और ट्रेवल ब्रांड बुकिंग होल्डिंग्स की हालिया स्टडी 'द नेक्स्ट बिलियन' में सामने आए नतीजे
  • स्टडी में भारत, चीन और इंडोनेशिया के टेक एक्सपर्ट्स को शामिल किया गया
  • 88% लोगों ने माना- अगली पीढ़ी के लिए इंटरनेट की उपलब्धता बेहतर होने पर आर्थिक विकास होगा

गैजेट डेस्क. भारत के इंटरनेट यूजर्स का मानना है कि इंटरनेट की मदद से देश में आर्थिक विकास, समाज सुधार और राजनीतिक उन्नति को बढ़ावा मिलेगा। होटल और ट्रेवल इंडस्ट्री के ग्लोबल लीडर ब्रांड बुकिंग होल्डिंग्स की हालिया स्टडी 'द नेक्स्ट बिलियन' में यह जानकारी सामने आई है। अध्ययन में शामिल 74% लोगों ने माना कि भारतीय यूजर्स इंटरनेट को एक मूलभूत अधिकार की तरह मानते हैं। वहीं 91% के अनुसार इंटरनेट यूज से देश में लैंगिक समानता को बढ़ावा मिलेगा।
 

बुकिंग होल्डिंग्स ने एशिया में इंटरनेट के इस्तेमाल से जनसंख्या पर पड़ने वाले प्रभाव को जानने के लिए एशिया के तीन सबसे ज्यादा जनसंख्या वाले देश चीन, भारत और इंडोनेशिया के यूजर्स पर अध्ययन किया। तीनों देशों से 200 टेक एक्सपर्ट्स और 200 टेक लीडर्स को स्टडी में शामिल किया गया। इस तरह तीनों देशों के 1200 से ज्यादा टेक एक्सपर्ट्स के बीच यह सर्वे कराया गया। 


 

भारत में सोशल मीडिया के लिए होगा इंटरनेट का सबसे ज्यादा इस्तेमाल

  1. इस सर्वे में भारत के 400 से ज्यादा टेक एक्सपर्ट्स ने अपनी राय दी। सर्वे में शामिल 88% लोगों ने माना कि यदि अगली पीढ़ी के लिए इंटरनेट की उपलब्धता बेहतर होगी तो देश में आर्थिक विकास होगा। वहीं 84% के अनुसार इंटरनेट से सामाजिक सुधार आएगा। 65% ने माना कि इंटरनेट से राजनीतिक उन्नति होगी।

  2. सर्वे में शामिल 95% लोगों का विश्वास है कि अगली पीढ़ी इंटरनेट का इस्तेमाल अपने सामाजिक स्तर को बेहतर करने के लिए करेगी। ऑनलाइन सीखने के अवसरों की मौजूदगी और यूजर्स की बढ़ती संख्या से भारत का आर्थिक स्तर में विकास होने की संभावना है।

  3. 75% के मुताबिक- देश की नई पीढ़ी इंटरनेट का इस्तेमाल सोशल मीडिया के लिए करेगी। 71% के अनुसार समाचारों के लिए, 61% के अनुसार वॉइस या वीडियो कॉल के लिए और 59% का मानना है कि इंटरनेट का इस्तेमाल रिसर्च के लिए किया जाएगा।

  4. 91% ने माना कि डिजिटल भागीदारी बढ़ने से देश में लैंगिक समानता बेहतर होगी। 74% ने माना कि इंटरनेट हमारे लिए मूलभूत अधिकार के जैसा है। देश में क्या इंटरनेट ज्यादातर स्थानों पर उपलब्ध है और ज्यादातर लोग इसका इस्तेमाल भी करते हैं, इस सवाल पर 56% लोगों ने हामी भरी। 

  5. सर्वे में शामिल 84% का मानना है कि साइबर क्राइम से बचने के लिए डिजिटल सिक्योरिटी में कमी देश में इंटरनेट एक्सेस में सबसे बड़ी बाधा है। 76% अंग्रेजी भाषा को इंटरनेट एक्सेस में बाधा मानते हैं। 

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