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1) कोरोनावायरस से बचाव को लेकर जानें एक्सपर्ट्स की राय...
फरीदाबाद के फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल के एचओडी रवि शेखर झा ने बताया कि हाथों के साथ अपने स्मार्टफोन को भी साफ रखने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि कोरोना के संक्रमण से बचने के लिए हर 90 मिनट में फोन को रेगुलर डॉक्टर्स स्प्रिट या अल्कोहल बेस्ड हैंड सेनेटाइजर से साफ करें। झा के मुताबिक, आंख, मुंह और नाक को छूने से बचें। वहीं फोन को बार-बार छूने से बचने के लिए सबसे सही तरीका है कि फोन कवर या ब्लूटूथ डिवाइस इस्तेमाल करें। फोन को दिन में कम से कम दो बार जरूर साफ करें।
2018 में आई गैजेट इंश्योरेंस प्रोवाइडर इंश्योरेंस2गो की एक रिपोर्ट के मुताबिक, स्मार्टफोन की स्क्रीन पर टॉयलेट सीट की तुलना में तीन गुना ज्यादा कीटाणु होते हैं। स्टडी में सामने आया कि हर 20 में से एक स्मार्टफोन यूजर अपने फोन को 6 महीने से कम समय में एक बार साफ करता है।
श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट (नई दिल्ली) की ज्योति मुत्ता सीनियर कंसल्टेंट, माइक्रोबायोलॉजी ने बताया कि कोरोनावायरस से बचने के लिए स्मार्टफोन को भी अल्कोहल बेस्ड सेनिटाइजर से साफ करने की जरूरत है। इसके लिए फोन की स्क्रीन पर सेनेटाइजर की कुछ बूंद डालकर कॉटन पैड से साफ करें। ऑफिस से घर आने के बाद और सुबह घर से निकलने के पहले भी यही करें। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि साफ-सफाई के इस बेसिक तरीके को हमेशा मेंटेन करना चाहिए साथ श्वास संबंधी बिमारी से या झुकाम से पीड़ित व्यक्ति का फोन इस्तेमाल करने से बचे।
अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ सरे की स्टडी में सामने आया कि स्मार्टफोन के होम बटन पर सैकड़ों बैक्टीरिया मौजूद होते हैं जिसमें से कुछ हानिकारक भी होते हैं।
इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल(नई दिल्ली) के सीनियर कंसल्टेंट सुरनजीत चटर्जी ने बताया कि कोरोना से बचने के लिए हमें बार-बार हाथ धोना चाहिए। वहीं छींकते समय अपने मुंह को ढकना चाहिए। कोरोनावायरस समेत अन्य कीटाणु ग्लास, मेटल, प्लास्टिक और फोन स्क्रीन पर जीवित रहते हैं इसलिए हमें हाथों को बार बार सेनेटाइजर कर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हाथ साफ-सुथरे हैं।
डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के मुताबिक, कोरोना की चपेट में हर उम्र का व्यक्ति आ सकता है लेकिन बुजुर्ग और बिमार व्यक्ति जल्दी इसकी चपेट में आ सकते हैं। संगठन ने लोगों से अच्छी तरह से पका भोजन करने और यहां-वहां न थूकने की सलाह दी है।
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