रिपोर्ट / खूद की करेंसी बनाने जी रही है फेसबुक, इटली के यूजर्स को मिला 'पे विथ फेसबुक' का ऑप्शन



facebook use to make its owm cryptocurrency reports says
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facebook use to make its owm cryptocurrency reports says

  • रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ब्लॉकचेन बेस्ड यूजर ऑथेंटिकेशन फीचर पर भी कर रही काम
  • कंपनी अपनी क्रिप्टो करेंसी को 'फेसबुक कॉइन' नाम दे सकती है

Dainik Bhaskar

Mar 14, 2019, 04:47 PM IST

गैजेट डेस्क. डेटा लीक के आरोपों से जूझ रही दुनिया के सबसे बड़ी सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक अब क्रिप्टो करेंसी बनाने को लेकर सुर्खियों में है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक फेसबुक जल्द ही अपनी करेंसी लाने जा रही है जिससे यूजर मैसेंजर, इंस्टाग्राम और व्हाट्सअप जैसी सर्विस के जरिए एक दूसरे को पैसे ट्रांसफर कर सकेंगे। इतना ही नहीं फेसबुक जल्द ही ब्लॉकचेन बेस्ड यूजर ऑथेंटिकेशन फीचर एड करने पर विचार कर रही है।

 

हाल ही में इटली के कुछ फेसबुक के एंड्रायड और आईओएस यूजर्स को फेसबुक इस्तेमाल करते समय नया 'पे विद फेसबुक' ऑप्शन देखने को मिला। इटली के फेसबुक यूजर्स जिन्होंने अपनी स्थानीय भाषा इटेलियन चुन रखी थी ने बताया कि उन्हें एप्लीकेशन इस्तेमाल करते समय पे विद फेसबुक अकाउंट सेटअप करने का ऑप्शन मिला।

 

Facebook cryptocurrency

बिटकॉइन है पहली क्रिप्टो करेंसी

  1. यूजर्स द्वारा शेयर किए गए स्क्रीनशॉट में देखा जा सकता है कि सबसे टॉप पर बिटकॉइन का ऑप्शन दिखाई दे रहा है, जिसके नीचे अन्य पेमेंट मोड के छोटे-छोटे ऑप्शन दिख रहे हैं।

  2. फेसबुक पहले से ही मैसेंजर ऐप में पेमेंट फीचर का इस्तेमाल करता आ रहा है, जिसमें यूजर अन्य देशों के यूजर्स को पैसा ट्रांसफर कर सकते हैं। लेकिन नया पे विथ फेसबुक फीचर इससे काफी अलग है।

  3. कयास लगाए जा रहे हैं कि फेसबुक अपनी क्रिप्टो करेंसी को 'फेसबुक कॉइन' नाम दे सकता है, जिसे पे विद फेसबुक फीचर से इस्तेमाल किया जाएगा।

  4. चाइनीज ऐप वीचैट के पेमेंट ऑप्शन से इंस्पायर्ड, वर्चुअल करेंसी के इस फीचर को फेसबुक अपनी ऐप्स और सर्विस में भी प्रदान करेगा, जिसमें व्हाट्सऐप भी शामिल।

  5. डेटा प्राइवेसी के विवादों में फंसी फेसबुक क्रिप्टो करेंसी जैसे पेमेंट सिस्टम को अगले मुख्य आय के स्तोत्र के रूप में देख रही है।

  6. कंपनी पहले से ही अपने सारे बड़े प्लेटफार्म को एक सिंगल पेमेंट सिस्टम से जोड़ने पर काम कर रही है, जिससे यूजर्स ज्यादा समय तक इन प्लेटफार्म पर व्यस्त रहे।

  7. नियमों के अनुसार अभी भी क्रिप्टो करेंसी को ग्रे एरिया के रूप में देखा जाता है। जिसे कई देश तो अपनाने चाहते हैं, ज्यादातर देशों इसके खिलाफ खड़े नजर आते हैं। हालांकि यह कहना थोड़ी जल्दबाजी होगी कि फेसबुक इसे भविष्य में कैसे लागू करेगा।

क्या है क्रिप्टो करेंसी?

  1. यह करेंसी है जो कंप्यूटर एल्गोरिदम पर बेस्ड होती है। यह इंडिपेंडेंट करेंसी होती है, जिसका कोई मालिक नहीं होता। वहीं, यह करेंसी किसी भी ऑथोरिटी के काबू में नहीं होती यानी इसका संचालन किसी राज्य, देश या सरकार द्वारा नहीं किया जाता। इसे डिजिटल करेंसी, वर्चुअल करेंसी, इंटरनेट करेंसी, ई-करेंसी और पीपुल्स करेंसी के नाम से भी जाना जाता है।

     

    सबसे पहली क्रिप्टो करेंसी बिटकॉइन है, जिसे 2009 में जापान के सतोषी नाकमोतो नाम के इंजीनियर डेवलप किया था।

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