--Advertisement--

साइबर सिक्योरिटी / जानिए क्या होती है क्रिप्टोग्राफिक- की जिसमें बदलाव करके रोके जाएंगे साइबर अटैक



global shutdown to be next 48 hours know what is cryptographic key
X
global shutdown to be next 48 hours know what is cryptographic key

Dainik Bhaskar

Oct 12, 2018, 01:50 PM IST

गैजेट डेस्क. दुनियाभर में हो रहे साइबर हमलों को रोकने के लिए अब एक नई पहल होने जा रही है, जिसकी वजह से अगले दो दिनों में इंटरनेट यूजर्स को नेटवर्क डाउन जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। दरअसल, रूसी अखबार रशिया टूडे ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इंटरनेट कॉर्पोरेशन ऑफ असाइंड नेम्स एंड नंबर्स (ICANN) मेंटेनेंस के दौरान क्रिप्टोग्राफिक की बदलाव करने जा रहा है। साथ ही साइबर हमलों से निपटने के लिए दुनिया के मुख्य डोमेन सर्वर की मेंटेनेंस की जाएगी, जिस वजह से डॉट कॉम (.com), डॉट इन (.in) और डॉट ओआरजी (.org) जैसे डोमेन से जुड़ी बेवसाइट डाउन रहेंगे।

 

क्यों हो रहा है ऐसा?

  • ICANN के मुताबिक, साइबर हमलों से बचने के लिए यह काफी जरूरी कदम है। कम्युनिकेशंस रेगुलेटरी अथॉरिटी (सीआरए) ने स्पष्ट किया कि अगर नेटवर्क ऑपरेटर और इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर इस बदलाव के लिए तैयार नहीं होते हैं तो उनके यूजर्स प्रभावित होंगे।
  • उन्होंने बताया कि अगर इंटरनेट यूजर्स पुरानी आईएसपी इस्तेमाल कर रहे हैं तो उन्हें अगले 48 घंटे तक वेब पेज एक्सेस करने और किसी भी तरह का ट्रांजेक्शन करने में दिक्कत हो सकती है।

क्या होती है क्रिप्टोग्राफिक की?

  1. 'क्रिप्टोग्राफी' का मतलब होता है कि किसी भी डेटा और इन्फोर्मेशन को प्रोटेक्ट रखना। इसके जरिए डेटा को 'सीक्रेट कोड' में बदला जाता है, जिस Cipher Text कहा जाता है और इस डेटा को सिर्फ वही पढ़ सकता है जिसके पास इसको 'डिक्रिप्ट' करने की 'सीक्रेट की' होगी।

  2. क्रिप्टोग्राफी का इस्तेमाल ई-मेल, मैसेज, क्रेडिट-डेबिट कार्ड की डिटेल्स और अन्य जरूरी जानकारियों को सुरक्षित रखने के लिए किया जाता है। इसमें 'इन्क्रिप्शन' और 'डिक्रिप्शन' दो तरह की प्रोसेस होती है।

  3. इन्क्रिप्शन में 'Plain Text' को 'Cipher Text' में बदला जाता है, जबकि डिक्रिप्शन में 'Cipher Text' को 'Plain Text' में बदला जाता है।

क्रिप्टोग्राफी में इन्क्रिप्शन और डिक्रिप्शन क्या होती है?

  1. इन्क्रिप्शन

    • इसमें किसी डेटा या इन्फोर्मेशन को एक ऐसे 'सीक्रेट कोड' में बदला जाता है, ताकि इसे कोई पढ़ नहीं सके। इस बदले हुए डेटा को ही Cipher Text कहा जाता है। इसे सिर्फ वही समझ या पढ़ सकता है, जिसके पास इसे डिक्रिप्ट करने की 'की' हो।

  2. डिक्रिप्शन

    • इस प्रोसेस में इन्क्रिप्टेड डेटा के Cipher Text को Plain Text में बदला जाता है। जैसे ही कोई डेटा Cipher Text से Plain Text में बदल जाता है, तो उसे पढ़ा जा सकता है।

दो तरह की होती है क्रिप्टोग्राफी

  1. सिमिट्रिक क्रिप्टोग्राफी (Symmetric Cryptography)

    • इसमें इन्क्रिप्शन और डिक्रिप्शन दोनों के लिए एक ही 'की' होती है, जिसका इस्तेमाल करके किसी भी डेटा या इन्फोर्मेशन को इन्क्रिप्ट या डिक्रिप्ट किया जाता है।

  2. एसिमिट्रिक क्रिप्टोग्राफी (Asymmetric Cryptography)

    • इसमें इन्क्रिप्शन और डिक्रिप्शन के लिए अलग-अलग 'की' होती है। मतलब इन्क्रिप्शन के लिए 'पब्लिक की' और डिक्रिप्शन के लिए 'प्राइवेट की' का इस्तेमाल किया जाता है।

Bhaskar Whatsapp
Click to listen..