स्मार्ट गैजेट / ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग ही नहीं हार्ट फेल भी करवा सकते हैं हैकर्स



Hackers can not only make audio-video recording a heart failure by hacking smart device
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Hackers can not only make audio-video recording a heart failure by hacking smart device

  • स्मार्टफोन, लैपटॉप के अलावा दुनिया में अभी 8 अरब स्मार्ट डिवाइसेस हैं
  • स्मार्ट होम है तो लाइट, दरवाजा, कैमरा, एसी, डोरबेल आदि भी हैक कर सकते हैं

Dainik Bhaskar

Jul 14, 2019, 11:58 AM IST

अभिषेक धाभाई. पिछले हफ्ते सूरत मे स्मार्ट टीवी हैक करने और निजी पलों का वीडियो बनाकर इंटरनेट पर डालने के दो मामले सामने आए हैं। इन घटनाओं ने स्मार्ट डिवाइस यूजर्स को चिंतित कर दिया है। सिर्फ स्मार्ट टीवी ही नहीं बल्कि सभी तरह की 'इंटरनेट ऑफ थिंग्स' (आईओटी) डिवाइस के मामले में हमें चौकन्ना रहने की जरूरत है। स्मार्ट टीवी को इंटरनेट से कनेक्ट करना या किसी स्मार्ट डिवाइस को अपनी आवाज की मदद से नियंत्रित करने की तकनीक इंटरनेट ऑफ थिंग्स कहलाती है। आज हैकर्स इतने सक्षम हो गए हैं कि ये मेडिकल डिवाइस तक हैक कर यूजर का हार्ट फेल करवा सकते हैं। आईओटी एनालिटिक्स के मुताबिक वर्तमान में दुनियाभर में 8.3 अरब आईओटी डिवाइस हैं जो 2021 तक बढ़कर 11.6 अरब हो जाएंगी।

क्या-क्या हैक हो सकता है

  1. वाईफाई प्रिंटर्स हैक कर प्रिंट को देख और नियंत्रित कर सकते हैं।

  2. थर्मोस्टेट (एन्वॉयरन्मेंट कंट्रोल सिस्टम या इंटरनेट से जुड़े एसी) को हैक कर घर-दफ्तर के तापमान को नियंत्रित किया जा सकता है।

  3. बेबी मॉनिटरिंग डिवाइस से हैकर वीडियो देख सकता है।

  4. इंटरनेट से जुड़़ी कार को हैक कर उसके स्टीयरिंग, पहिए, जीपीएस, पार्किंग ब्रेक को अपने हिसाब से चलाया जा सकता है।

  5. पेसमेकर और अन्य मेडिकल डिवाइस, जो मरीज के हृदय को नियंत्रित करते हैं, वे भी अब आईओटी पर चलते हैं। पिछले साल अमेरिका के फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन ने यह माना कि हैकर्स इसको हैक कर हार्ट को फेल कर सकते हैं। या अन्य परेशानी पैदा कर सकते हैं।

हैकिंग के किस्से और इससे बचने के 11 तरीके

  1. 2018 में 7 अरब आईओटी डिवाइसेज थीं। इन डिवाइसेज में आईओटी शामिल हैं, इनमें स्मार्टफोन, टैबलेट, लैपटॉप और फिक्स्ड लाइन फोन शामिल नहीं हैं। मैकिंसे ग्लोबल इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट के अनुसार इस समय दुनियाभर में हर सेकंड 127 नई आईओटी डिवाइस इंटरनेट से कनेक्ट होती है। 


    स्मार्ट टीवी देखते समय जो भी नोटिफिकेशन्स आए उसे बिना पढ़े ओके न करें।

  2. अधिकतर स्मार्ट टीवी निर्माता टीवी में ऑटोमेटिक कंटेंट रिकग्निशन का सॉफ्टवेयर डाल कर रखते है, जो देखे गए कंटेंट का डेटा टीवी निर्माता या एप्लीकेशन ओनर को भेजता है। इसलिए बिना सोचे-समझे एसीआर को इजाजत न दें।

  3. स्मार्ट टीवी के एप को नियमित रूप से अपडेट करें।

  4. उसी ब्रांड का स्मार्ट टीवी खरीदें, जो नियमित रूप से सॉफ्टवेयर अपडेट और सिक्योरिटी अपडेट देता हो। 

  5. पेन ड्राइव या मेमोरी कार्ड स्मार्ट टीवी में लगाने से पहले हमेशा वायरस स्कैन करें।

  6. स्मार्ट टीवी के इंस्टालेशन के समय प्राइवेसी पालिसी को समझें। 

  7. आईओटी होम डिवाइस में रिमोट एक्सेस हमेशा बंद रखें। 

  8. वायरलेस राऊटर में गेस्ट लॉगिन अलग से रखें या स्मार्ट होम डिवाइस के लिए अलग से इंटरनेट नेटवर्क रखे। वाई-फाई पासवर्ड मुश्किल और अपडेट रखें। स्मार्ट होम डिवाइस के लिए अलग ई-मेल आईडी का इस्तेमाल करें। 

  9. स्मार्ट होम डिवाइस का माइक्रोफोन और कैमरा इस्तेमाल न होने पर बंद रखें। यदि आपको लगता है कि कैमरा बंद नहीं है तो नॉन ट्रांसपेरेंट टेप को कैमरे पर चिपका दें। 

  10. स्मार्ट डिवाइस में वायरस स्कैनिंग का विकल्प है तो स्कैनिंग करते रहनी चाहिए। 

  11. कोई भी अनजान या संदेहास्पद लिंक क्लिक न करें और फोल्डर डाउनलोड न करें।

  12. इन केसों ने बताया कि इसकी चिंता जरूर कीजिए

    • पिछले वर्ष यूएस जस्टिस डिपार्टमेंट ने एक इंटरनेट डोमेन को सीज किया था, जिसने करीब 5 लाख राउटर्स को हैक किया था। ये घर और दफ्तरों में लगा था। 
    • इसी वर्ष दुबई में एक केस समाने आया जिसमें हैकर दूसरे देश में बैठकर उस व्यक्ति की वॉइस असिस्टेंट डिवाइस को हैक कर रहा था। उसकी सारी बातें सुन रहा था। उसके उसके ई-मेल अकाउंट तक पहुंच गया था।

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