इम्पैक्ट ऐप / हर एक किमी पैदल चलने पर सामाजिक संस्थाओं को मिलते हैं 10 रुपए, अब तक 40 लाख किमी चलकर लोगों ने 4 करोड़ रु. दान किए

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  • आईआईटी के दो छात्र ईशान नाडकर्णी और निखिल खंडेलवाल ने बनाया ऐप
  • अगस्त 2016 में ऐप को लॉन्च किया, अब तक देश में 95 हजार और विदेश में 5 हजार यूजर्स
  • अब तक 300 किसान और 70 शहीदों के परिवार समेत कई लोगों को मिली इससे मदद

Jan 23, 2019, 10:13 AM IST

गैजेट डेस्क. आईआईटी के दो दोस्तों में शर्त लगी थी। सात दिन तक रोज सात किमी दौड़ना था। ईशान नाडकर्णी ने चैलेंज पूरा किया और निखिल खंडेलवाल को शर्त के मुताबिक 1,000 रुपए देने पड़े। निखिल ने पैसे दिए जरूर, लेकिन ईशान को नहीं बल्कि सामाजिक संस्था को दान के रूप में। यहीं से 'इम्पैक्ट' ऐप का आइडिया आया। ईशान और निखिल ने अपने दोस्तों को साथ लिया और लग गए मिशन में। इम्पैक्ट ऐप के साथ हर एक किलोमीटर पैदल चलने पर 10 रुपए सामाजिक संस्थाओं को दान किए जाते हैं। 


सीएसआर फंड से आता है पैसा, दान के लिए संस्था का चुनाव यूजर करते हैं 

इम्पैक्ट के सीईओ ईशान नाडकर्णी ने कहा, "आरती इंडस्ट्रीज, हीरो मोटोकॉर्प, वेलस्पन, एसबीआई, डीएचएल और हिमालया जैसी कंपनियां अपने सीएसआर फंड से यह रकम देती हैं। डेवलपमेंट बैंक ऑफ सिंगापुर भी पहले इम्पैक्ट के साथ काम कर चुका है। रकम किस संस्था को जाए यह चुनाव यूजर कर सकता है। पैदल चलने और दौड़ने से जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाई जाती है।"


अगस्त 2016 में लॉन्चिंग, अब तक एक लाख से ज्यादा यूजर्स
इम्पैक्ट ऐप के संस्थापक और सीईओ ईशान ने बताया कि अगस्त 2016 में लॉन्चिंग के बाद से अब तक एक लाख से ज्यादा डाउनलोड हो चुके हैं। इनमें 95 हजार यूजर्स देश में और 5 हजार विदेश में हैं। डाउनलोड करने के बाद ऐप में आप अपना वजन डालकर हर वॉक या जॉग में होने वाली कैलोरी बर्न देख सकते हैं। रोज का लक्ष्य तय करके आप इसकी आदत बना सकते हैं। 


अब तक 4 करोड़ रुपए की मदद मिली
अब तक लोगों ने 40 लाख किमी पैदल चलकर 4 करोड़ रुपए की मदद विभिन्न नॉन-प्रॉफिट संस्थाओं तक पहुंचाई है। इसमें सूखे की मार झेल रहे 300 किसान परिवार, शहीदों के 70 परिवार, मुंबई की झुग्गी-बस्ती की 100 महिलाओं को आर्थिक मदद, महाराष्ट्र के जलगांव में 11,250 पौधों का रोपण, 385 स्कूलों के छात्रों को एक साल तक भोजन कराने के साथ-साथ एक हजार युवकों को रोजगार प्रशिक्षण देना शामिल है। 


ज्यादा लोग शामिल हों, इसलिए कम्पीटिशन करा रही कंपनी
इम्पैक्ट ऐप ज्यादा लोगों को मिशन में शामिल करने के लिए कम्पीटिशन करा रही है। कंपनियों में जाकर टीम बनाई जाती है। उन्हें एक-डेढ़ माह तक दौड़ने, चलने का लक्ष्य दिया जाता है। अच्छा परफॉर्म करने वाली टीम को सम्मानित भी किया जाता है। जो फंड इकट्ठा होता है उसे किसी सामाजिक संस्था को दिया जाता है। अब तक 19 कम्पीटिशन आयोजित की जा चुकी हैं। 

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