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गैजेट डेस्क. भारतीय स्मार्टफोन ब्रांड लावा ने नया डिजिटल पेमेंट ऐप लावा-पे लॉन्च कर दिया है। इसे खासतौर से फीचर फोन के लिए बनाया गया है। कंपनी के मुताबिक, इसे चलाने के लिए इंटरनेट कनेक्टिविटी की जरूरत नहीं पड़ेगी। कंपनी का दावा है कि लावा-पे हाई सिक्योरिटी स्टैंडर्ड्स से लैस है, इसके जरिए फीचर फोन यूज करने वाले कस्टमर भी आसानी से डिजिटल ट्रांजेक्शन कर सकेंगे। लावा-पे ऐप सभी फीचर फोन में प्री-लोडेड मिलेगा लेकिन पुराने कस्टमर को सर्विस सेंटर पर जाकर अपने फीचर फोन में ऐप इंस्टॉल कराना होगा। ऐप में पर्सन-टू-पर्सन पेमेंट करने की सुविधा मिलेगी।
यूपीआई आईडी की होगा जरूरत
ऐप से फंड ट्रांसफर करने के लिए कस्मटर को रिसीवर का मोबाइल नंबर ऐप में डालना होगा, जिसके बाद फंड रिसीवर के अकाउंट में ट्रांसफर कर दिया जाएगा। ऐप ट्रांजेक्शन पास कोड के जरिए पेमेंट होने की पुष्टि करेगा। हालांकि इस ऐप के इस्तेमाल के लिए यूजर को यूपीआई आईडी की जरूरत होगी। कंपनी से यह सवाल पूछने पर कि बिना इंटरनेट कनेक्शन के कोई कैसे यूपीआई अकाउंट बना सकेगा। इस पर कंपनी ने बताया कि यूजर को बैंक से यूपीआई आईडी बनवाना होगा, जिसके जरिए ऐप काम करेगा।
बिना इंटरनेट काम करेगा
पेमेंट कम्पलीट होने पर रिसीवर और सेंडर दोनों के फोन पर पेमेंट कंफर्मेशन का मैसेज आएगा। लावा के हेड ऑफ प्रोडक्ट तेजिंदर सिंह ने बताया कि यह पहला डिजिटल पेमेंट ऐप है जो बिना इंटरनेट कनेक्टिविटी के काम करेगा। यूजर इस ऐप की मदद से अपना अकाउंट बैलेंस भी चेक कर सकेंगे।
यूपीआई से अबतक हुआ कुल 2.2 लाख करोड़ का ट्रांजेक्शन
सिंह ने बताया कि कंपनी का लक्ष्य उन 50 करोड़ लोगों तक पहुंचना है, जो आज भी इंटरनेट का इस्तेमाल नहीं करते और बैकिंग के लिए ऑफलाइन चैनल का ही इस्तेमाल करते हैं। इस समय भारत में डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल लगातार बढ़ता जा रहा है। नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के रिपोर्ट के मुताबिक यूपीआई के जरिए फरवरी 2020 में 132.32 करोड़ रुपए ट्रांजेक्शन हुआ है। वहीं अबतक यूपीआई से कुल 2.2 लाख करोड़ का ट्रांजेक्शन हो चुका है।
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