सेफ्टी टिप्स / डेटा सुरक्षित रखना चाहते हैं तो ऐप्स को दें सीमित एक्सेस

Give limited access to apps if you want to protect data
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Give limited access to apps if you want to protect data

  • पर्सनल डेटा सिक्योरिटी के लिए आप एंड्रॉइड की सेटिंग्स में एप परमिशंस को कॉन्फिगर कर सकते हैं

Dainik Bhaskar

Jan 19, 2020, 11:19 AM IST

गैजेट डेस्क. अपने एंड्रॉइड फोन पर एप डाउनलोड करते समय उसे फोन में स्टोर की हुई निजी जानकारी जैसे आपके फोन नंबर, कॉल हिस्ट्री, एसएमएस और फोटोज की एक्सेस देना, आपकी मुश्किलें बढ़ा सकता है। साइबर सिक्योरिटी फर्म कैस्परस्की के रिसर्चर्स का कहना है कि ऐसा करके आप हैकर्स को अपने ऊपर नजर रखने, आपको स्पैम मैसेजेज भेजने, आपके खर्च पर कहीं भी कॉल करने और यहां तक कि किसी प्रीमियम सर्विस के लिए आपको साइन अप करने का मौका देते हैं। इसी के मद्देनजर सिक्योरिटी विशेषज्ञ आपको किसी एप को एक्सेस देने से पहले दो बार विचार करने का सुझाव देते हैं, खासतौर से जब एप को काम में लेने के लिए इस एक्सेस की जरूरत ही न हो। मसलन, ज्यादातर गेम्स को आपके कॉन्टैक्ट नंबर्स, कैमरा व मैसेंजर्स को आपकी लोकेशन और कैमरा के कुछ फिल्टर्स को आपकी कॉल हिस्ट्री की कोई आवश्यकता नहीं होती है। अगर आप भी अपने डेटा को सिक्योर रखने के लिए डेटा के एक्सेस को कम करना चाहते हैं तो एंड्रॉइड की सेटिंग्स में जाकर एप परमिशंस को कॉन्फिगर कर सकते हैं।

एसएमएस : वह एप जिसे आप एसएमएस व एमएमएस भेजने व रिसीव करने के साथ ही स्मार्टफोन की मेमोरी में मैसेजेज पढ़ने की परमिशन देते हैं, वह आपके सभी एसएमएस कॉरेस्पॉन्डेंस जिसमें आपके ऑनलाइन बैंकिंग और कन्फर्मिंग ट्रांजेक्शंस के वन-टाइम कोड्स वाले मैसेजेज भी शामिल हैं, तक पहुंच सकते हैं। इस अनुमति के बाद वह एप आपसे जुड़े हुए लोगों को आपके नाम से स्पैम मैसेजेज भेज सकता है या किसी प्रीमियम सर्विस के लिए आपको साइन अप कर सकता है। आप अपनी सेटिंग्स में जाकर यह देख और कंट्रोल कर सकते हैं कि कौन-कौन से एप्स को आपने यह अधिकार दिया है।

कैलेंडर : आपके कैलेंडर में इवेंट्स को देखने, डिलीट करने, बदलने या फिर कोई नया इवेंट एड करने की परमिशन लेकर कोई भी एप आसानी से यह देख सकता है कि आप क्या कर चुके हैं, आज क्या करने वाले हैं और भविष्य में क्या करेंगे। स्पायवेयर्स की यह पसंदीदा परमिशन है।

कैमरा : फोटोज व वीडियोज के लिए एप्स, कैमरा एक्सेस करने की अनुमति मांगते हैं। हालांकि ये एप्स किसी भी समय आपकी फोटो या वीडियो ले सकते हैं और वह भी बिना किसी वॉर्निंग के। कैस्परस्की के अनुसार, अटैक करने वाले आपकी इन इमेजेज के जरिए आपके लिए मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं।

कॉन्टैक्ट्स : एड्रेस बुक में कॉन्टैक्ट्स देखने, बदलने या एड करने के अलावा आपके स्मार्टफोन में रजिस्टर्ड अकाउंट्स की लिस्ट को एक्सेस करने की परमिशन मांगने वाले एप्स आपकी पूरी एड्रेस बुक को अपने सर्वर पर भेज सकते हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि स्कैमर्स और स्पैमर्स के अलावा इस एक्सेस का दुरुपयोग फेसबुक और गूगल जैसी नामी सर्विसेज ने भी किया है।

फोन : किसी भी एप को आपके फोन की एक्सेस के साथ कॉल हिस्ट्री को देखने और मोडिफाई करने, आपका फोन नंबर और कॉल्स की जानकारी हासिल करने की परमिशन मिल जाती है। इसका दुरुपयोग करते हुए कोई स्पायवेयर आपकी कॉल को बीच में बंद कर सकता है, उसे किसी दूसरे नंबर पर रीडायरेक्ट कर सकता है या किसी दूसरे नंबर पर कॉल कर सकता है।

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