साइबर क्राइम / नेट से लूट में हर बार नया धोखा, पहले चीज बेचकर ठगते थे, अब खरीदकर ठग रहे हैं हैकर्स



new method of cyber crime by cheating from the net now hackers are cheating by buying
X
new method of cyber crime by cheating from the net now hackers are cheating by buying

  • 21 अरब डॉलर से ज्यादा की चपत लग चुकी है पूरी दुनिया में साइबर क्राइम से
  • सर्वे में सामने आया 89% लोग साइबर कानून को मजबूत बनाने की मांग कर रहे हैं

Dainik Bhaskar

Aug 12, 2019, 11:33 AM IST

गैजेट डेस्क. लुटेरे पहले बंदूक और चाकू के बल पर लोगों को लूटते थे, लेकिन अब लूट का तरीका बदल गया है। यह है साइबर क्राइम। ट्राईसिटी में साइबर ठगी लगातार बढ़ रही है। पुलिस ठगी के बारे में अवेयर करती है तो ठग नए तरीके शुरू कर देते हैं। कई मामले तो पुलिस के लिए भी नए हैं। इस साल साइबर क्राइम के चंडीगढ़ में ही 23 परसेंट मामले बढ़ गए हैं। जबकि मोहाली और पंचकूला पुलिस भी इस तरफ बढ़ रही है। हालांकि अधिकांश मामलों में एफआईआर दर्ज नहीं हुई हैं।

 

a

 

अधिकांश मामलों में नहीं होती एफआईआर

  1. पहले चीज बेचकर ठगते थे, अब चीज खरीदकर ठगते हैं

    आजकल साइबर लुटेरे ओएलएक्स या किसी ऐसी ऐप पर नजर रखते हैं, जहां लोग अपना सामान ऑनलाइन बेचते हैं। मान लो यदि आपने अपनी कोई चीज ओएलएक्स या नेट पर बेचने के लिए डाली है तो आपको लुटेरे का फोन आएगा। वह हल्की बार्गेनिंग भी करेगा, फिर एक रेट बता देगा। आपको लगेगा कि आपकी चीज का ठीक दाम मिल रहा है। पेमेंट भेजने की बात कहकर ठग आपसे पेटीएम या गूगल पे नंबर लेगा। कहेगा कि पहले पैसे डाल दूंगा और फिर सामान ले लूंगा। फिर दोबारा फोन आएगा कि पैसे डाल दिए हैं, आप अप्रूवल दे दें। जैसे ही आप अप्रूवल देते हैं तो उतने ही पैसे आपके अकाउंट से निकल जाते हैं। यानि असल में अप्रूवल का मैसेज क्रेडिट का नहीं, बल्कि डेबिट का होता है। ट्राईसिटी में इस साल करीब 72 शिकायतें इस तरह की ठगी की आ चुकी है।


    ऐसे बचें : ध्यान से देखें कि अप्रूवल वाले मैसेज में डेबिट लिखा है या क्रेडिट। डेबिट लिखा है तो समझो सामने वाला ठग है। उससे तुरंत बात करना बंद करें। 

  2. अब ओटीपी नहीं, लिंक डाउनलोड करवाकर करते हैं ठगी

    पहले आपके फोन पर आने वाले ओटीपी नंबर की जानकारी हासिल कर ही ठगी होती थी। अब जब लोगों में इस क्राइम के प्रति अवेयरनेस हुई तो क्रिमिनल्स ने भी नया तरीका शुरू कर दिया। अब क्रिमिनल आपके नंबर पर कोई अंजान लिंक भेजते हैं। इसके डाउनलोड होते ही आपका फोन आरोपी हैक कर लेता है और अकाउंट की सारी जानकारी चुराकर ठगी कर लेता है। पिछले एक हफ्ते में करीब 3 ऐसे मामले चंडीगढ़ साइबर सेल में आ चुके हैं।


    ऐसे बचें : किसी तरह की थर्ड पार्टी ऐप्लीकेशन को डाउनलोड और अलाओ करने से बचें। इनाम और कूपन के लालच में न आएं।

  3. हेल्पलाइन नंबरों के जरिए हो रही नई तरह की ठगी

    चंडीगढ़ पुलिस के पास पिछले एक महीने में 7 नए मामले सामने आए हैं। इसमें गूगल में डले हेल्पलाइन नंबरों के जरिए ठगी की जा रही है। क्रिमिनल्स ने गूगल में अपने नंबर एयरलाइन कंपनियों, रेलवे टिकट के हेल्पलाइन नंबर और कई बड़ी कंपनियों के नाम पर फीड कर रखे हैं। आप किसी का हेल्पलाइन नंबर गूगल में डालेंगे तो सही नंबर की जगह गूगल भी इन नटवरलालों का नंबर ही दिखाता है। इन फर्जी नंबर्स पर बात करते हैं कि आगे वाला हेल्प करने की जगह गलत सलाह देता है। आप उनके कहे पर लिंक डाउनलोड करते हैं या फिर ओटीपी नंबर बताते हैं तो तुरंत आपके अकाउंट से पैसे ठग लिए जाते हैं।


    ऐसे बचें : हेल्पलाइन पर बात करते समय अपने कार्ड और बैंक अकाउंट की डिटेल न दें। उनके कहे लिंक को डाउनलोड न करें। आप सीधे कंपनी की वेबसाइट खोलें और वहां से हेल्पलाइन नंबर हासिल करें। 

  4. मोबाइल की जासूसी करते हैं पति-पत्नी

    मार्केट में कई पेड ऐप हैं, जिससे एक-दूसरे के फोन का एक्सेस हासिल कर लिया जाता है। पति या पत्नी के मोबाइल में इस ऐप को इंस्टॉल कर दिया जाता है। इससे फोन पर आप क्या बात कर रहे हैं, वॉट्सऐप पर क्या कर रहे हैं, सब कुछ ऐप डालने वाला जान जाता है। इस जासूसी ऐप की बिक्री पति-पत्नियों में सबसे ज्यादा है। सेक्टर-39 की एक महिला ने अपने डॉक्टर पति के खिलाफ इस तरह उनके फोन पर ऐप डालकर जासूसी करने का केस दर्ज करवाया है। आजकल के दौर में ये ऐप बहुत तेजी से यूज हो रही हैं।


    ऐसे बचें : इस तरह के ऐप की खरीददारी न करें। यह साइबर क्राइम है, इसमें सजा हो सकती है। फालतू की ऐप तुरंत डिलीट करें। इस तरह की ऐप आपके फोन में हो सकती है तो साइबर सेल में जाकर फोन चेक करवा सकते हैं।

  5. पिशिंग फ्रॉड, बुजुर्ग या कुंवारे हो रहे ज्यादा शिकार

    सबसे ज्यादा इन दिनों पिशिंग फ्रॉड ही रहा है। इसमें बुजुर्ग, तलाकशुदा महिलाएं, कंुवारे लड़के ज्यादा शिकार बन रहे हैं। पिछले हफ्ते ही सेक्टर-34 निवासी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के 70 साल के रिटायर्ड मैनेजर इसका शिकार हुए। वे फेसबुक पर एक लड़की से चैटिंग करते थे। इस चक्कर में 15 लाख रुपए उन्होंने गंवा दिए। यह फ्रॉड नाइजीरिया और अफ्रीकी देशों से ऑपरेट हो रहा है। इसमें सोशल साइट्स पर महिलाओं या लड़कों की तस्वीरें डालकर झूठे प्रोफाइल बनाए जाते हैं। लोगों को कहा जाता है कि वे शादी करना चाहते हैं। पहले फेसबुक पर दोस्त बनते हैं, फिर वीडियो कॉल करते हैं। विदेश में बसने का झांसा देकर पैसे ऐंठने का प्रयास होता है। तब भी बात न बने तो इसके बाद मिलने का बहाना लगाते हैं। कहते हैं कि वे इंडिया आ रहे हैं। उनके लिए गिफ्ट ला रहे हैं।


    ऐसे बचें : ठग फोन करते हैं कि एयरपोर्ट पर कस्टम अधिकारियों ने पकड़ लिया है। सामान छोड़ने के लिए पैसे मांग रहे हैं। ऐसे फोन पर एक भी पैसा न दें। ये सब नकली हैं।

  6. थंब इम्प्रेशन मांग कर डाटा चुरा रहे

    स्वतंत्रता दिवस की आड़ में भी साइबर ठग नया खेल खेल रहे हैं। आजकल सोशल मीडिया पर स्वतंत्रता दिवस को लेकर मैसेज चल रहा है। लोगों को कहा जाता है कि अपना थंब इम्प्रेशन दें, तभी यह मैसेज खुलेगा। आपका आधार नंबर, पैन, बैंक अकाउंट आदि सभी बायोमैट्रिक है, इसलिए थंब इम्प्रेशन देने के बाद आपका पूरा डाटा ठगों के पास चला जाता है। ठग थंब इम्प्रेशन को को स्कैनिंग कर आपका डाटा चुरा सकते हैं और आपके बैंक अकाउंट को खाली कर सकते हैं।


    ऐसे बचें : ऐसी किसी भी साइट पर थंब इम्प्रेशन न दें। ये मैसेज फेक होते हैं। किसी इनाम के झांसे में न फंसें।

फ्रॉड से बचना है तो बस इन बातों को दिमाग में रखें

  1. डेबिट और क्रेडिट कार्ड

    • अपना कार्ड किसी के हाथ न लगने दें। बहुत से लोग कार्ड पर पासवर्ड लिखकर रखते हैं, यह चोरों का काम और भी आसान कर देता है। इस तरह की न करें। 
    • पने बैंक अकाउंट से जुड़े नंबर और ई-मेल को हमेशा चालू रखें और टाइम-टाइम पर चेक करते रहें। 
    • कोई कॉल करे कि वह बैंक से बोल रहा है तो समझ लें कि ठग है। क्योंकि बैंक किसी कस्टमर की कोई डिटेल फोन नहीं लेता।

  2. एटीएम

    • एटीएम से पैसे निकालने से पहले जांच लें कि कोई 'स्किमर' तो नहीं है। स्वेपिंग पॉइंट के अगल-बगल हाथ लगाकर देखें और कोई चीज नजर आए तो सावधान हो जाएं। स्किमर का डिजाइन ऐसा होता है कि वह मशीन का पार्ट जैसा लगता है। की-पैड में भी स्किमर लगाया जा सकता है इसलिए उसका एक कोना दबाकर देखें, अगर की पैड में स्किमर लगा होगा तो उसका एक सिरा उठ जाएगा। 
    • उसी एटीएम का प्रयोग करें, जहां सिक्योरिटी गार्ड हो। किसी के सामने मशीन पर अपना कार्ड ऑपरेट न करें। 
    • पेट्रोल पंप पर किसी के भी सामने अपना कार्ड ऑपरेट न करें। फिर चाहे वह पंप का कोई मुलाजिम ही क्याें न हो। 
    • एटीएम कार्ड का प्रयाेग करते समय किसी अंजान से अपना ओटीपी या पिन नंबर शेयर न करें। 
    • शातिर लोग मदद करने के बहाने एटीएम में पासवर्ड देख लेते हैं और कार्ड बदल देते हैं। अपना कार्ड किसी को न दें। मोहाली में ऐसे 24 मामले सामने आ चुके हैं।

  3. ऑनलाइन सेल-परचेज

    • सबसे ज्यादा केस ओएलएक्स पर आ रहे विज्ञापन के हो रहे हैं। जब तक खुद खरीदने वाली चीज देख न लें, पेमेंट ऑनलाइन न करें। आरोपी ठग आपको पे और पेड के चक्कर में फंसा लेते हैं। 
    • अपने फोन पर आने वाले मैसेज को पहले कई बार पढ़ें। इसके बाद ही ऑप्शन को दबाएं। 
    • ऑनलाइन पेमेंट करते समय मैसेज पढ़कर ही रिप्लाई करें। 

  4. डाटा चोरी

    • पंपों पर मिलने वाले किसी भी प्रकार के कूपनों पर अपनी पर्सनल डिटेल शेयर न करें। 
    • फेसबुक पर आने वाली अज्ञात की फ्रेंड रिक्वेस्ट एक्सेप्ट न करें। 
    • कभी भी कस्टम ऑफिस आपको कॉल नहीं करता। यदि आपने अपने बेटे या बेटी के रिश्ते के लिए मैट्रीमोनियल साइट पर जानकारी दी है तो आने वाले कॉलर को पहले वेरिफाई करें। बिना जांचे पर्सनल डिटेल शेयर न करें। 
    • फिजूल की साइटें या एप को डाउनलोड न करें। इनसे आपका पूरा डाटा आगे वाले के पास चला जाता है। 
    • ईमेल और फेसबुक पर आने वाले किसी अंजान लिंक को बिल्कुल भी क्लिक न करें। 
       

  5. ईमेल या सोशल नेटवर्किंग अकाउंट हैक होता है

    • ईमेल या सोशल नेटवर्किंग अकाउंट हैक होता है तो रिलेटेड वेबसाइट पर जाकर रिकवरी प्रक्रिया शुरू करें। 
    • पहले अपना जरूरी डाटा सहेजें, ताकि और नुकसान होने से बचें। 
    • अपराध कब हुआ, उसकी तारीख और समय जरूर नोट कर लें। सबूत इकट्ठे करें, जिनका इस्तेमाल कार्रवाई में होगा। 
    • फेसबुक अकाउंट पर अश्लील टिप्पणी की गई है या कोई अश्लील ईमेल भेजी गई है तो उसे सेव करें। क्योंकि फेसबुक वॉल पर की गई टिप्पणी को अपराधी हटा भी सकता है।। 
    • ईमेल अकाउंट किस आईपी एड्रेस से हैक किया गया था, उसका ब्योरा तीनों प्रमुख ईमेल सर्विस प्रोवाइडर गूगल, याहू और आउटलुक (लाइव-हॉटमेल) में मौजूद रहता है। 
    • गूगल मेल अकाउंट में सबसे नीचे दाईं तरफ लास्ट अकाउंट एक्टीविटी लिखा होता है। यहां दिए डिटेल लिंक को क्लिक करने पर यह जानकारी उपलब्ध होगी। 
    • रिलेटेड सर्विस प्रोवाइडर (ईमेल वेबसाइट, क्रेडिट कार्ड कंपनी, बैंक, सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट से कॉन्टैक्ट कर शिकायत करें। 
    • अगर वेबसाइट हैक हुई है तो अपनी वेब होस्टिंग कंपनी से बात कीजिए। 

COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना