इनोवेशन / सड़क से गुजरते ही चार्ज हो जाएगी कार, वायरलेस चार्जिंग सिस्टम वाला दुनिया का पहला शहर होगा ओस्लो



oslo is the world first city who offer wireless charging syatem for e cars
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oslo is the world first city who offer wireless charging syatem for e cars

Dainik Bhaskar

Mar 25, 2019, 01:40 PM IST

नई दिल्ली. भारत समेत विश्व के कई देश प्रदूषण के चलते इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दे रहे हैं। लेकिन इस क्षेत्र में यूरोप के छोटे से देश नॉर्वे ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। नॉर्वे सरकार की कोशिशों के चलते देश की राजधानी ओस्लो दुनिया का पहला ऐसा शहर बनने जा रहा है, जहां वायरलेस चार्जिंग सिस्टम के जरिए इलेक्ट्रिक टैक्सी को चार्ज किया जा सकता है।

 

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साल 2018 में खरीदी गई 46,143 नई इलेक्ट्रिक कार
 

नॉर्वे को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए वहां की सरकार ने एक प्रोजेक्ट तैयार किया है, जो काफी कामयाब रहा है। ऐसे में भारत समेत दुनिया के अन्य देश इस मामले में नॉर्वे से सीख ले सकते हैं, कि कैसे नॉर्वे ने इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को दुरुस्त  किया और लोगों में इलेक्ट्रिक कार खरीदने को बढ़ावा देने के लिए टैक्स और अन्य छूट मुहैया कराई। नॉर्वे सरकार की कोशिशों का ही नतीजा है कि  34 करोड़ जनसंख्या वाले देश में साल 2018 में 46,143 नई इलेक्ट्रिक कार खरीदी गई।

 

नॉर्वे दुनिया में सबसे ज्यादा इलेक्ट्रिक कार की ओनरशिप वाला देश
 
इलेक्ट्रिक कार के मामले में नॉर्वे ने यूरोपिय कंट्री जर्मनी और फ्रांस को पीछे छोड़ दिया है। यूरोपियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन के मुताबिक पिछले साल जर्मनी में 36, 216 और फ्रांस में 31, 095 कार खरीदी गई। नॉर्वे के पब्लिक चार्जिंग नेटवर्क के हेड Gudbrann Hampel ने कहा कि नॉर्वे दुनिया में सबसे ज्यादा इलेक्ट्रिक कार की ओनरशिप वाला देश है। इसकी एक वजह रोड टोल, पार्किंग, चार्जिंग प्वाइंट में डिस्काउंट दिया जाना एक बड़ी वजह है। पिछले साल नॉर्वे में बिकने वाली 3 कारों में से एक इलेक्ट्रिक कार बिकी।

 

सरकार की तरफ से मिली ये छूट 
 

  • नॉर्वे सरकार ने इलेक्ट्रिक कार खरीदने वालों नागरिको को पार्किंग चार्ज में छूट दी
  • नॉर्वे सरकार ने रोड टोल को इलेक्ट्रिक कार के लिए मुफ्त किया।  
  • नॉर्वे की सरकार की तरफ से इलेक्ट्रिक व्हीकल डीजल और पेट्रोल कारों के मुकाबले टैक्स में छूट दिया।
  • इलेक्ट्रिक कार को लेकर बनने वाली सरकार की नीतियों पर पुराने फ्यूल मॉडल वाली कार लॉबी को पर हावी नहीं होने दिया।
  • चार्जिंग सिस्टम को ऐसा बनाया गया, जिससे इलेक्ट्रिक कार को चार्ज करने में कम समय लगे। 
  • प्रोजेक्ट के तहत नॉर्वे के ओस्लो शहर की सड़कों पर इंडक्शन टेक्नोलॉजी के साथ चार्जिंग प्लेट को इंस्टॉल किया गया है, जहां इलेक्ट्रिक कार को चार्ज किया जा सकता है।
  • नॉर्वे सरकार ने साल 2023 तक सभी टैक्सी को जीरो इमीशन नॉर्म्स के तहत बनाने का लक्ष्य तय किया गया है, जबकि 2025 तक सभी नई कार को जीरो इमीशन नॉर्म्स के दायरे में लाया जाएगा। नॉर्वे के अलावा ब्रिटेन, फ्रांस जैसे देश इसी लक्ष्य को हासिल करने के लिए साल 2049 तक की डेडलाइन तक की है। 
  • नॉर्न ने इलेक्ट्रिक वाहनों की राह की सबसे बड़ी बाधा चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को माना है। इसकी वजह से टैक्सी चालकों को लंबी लाइन में लगकर काफी वक्त के लिए इंतजार करना पड़ता है। 
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