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इनोवेशन / वैज्ञानिकों ने बीमारियों का पता लगाने के लिए बाल से भी 2000 गुना पतला चिमटा बनाया



scientist create nanoscale tweezers to extract molecules from cells
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scientist create nanoscale tweezers to extract molecules from cells

  • इस चिमटे को ग्लास रॉड से बनाया गया है, इसके निचले हिस्से में इलेक्ट्रोड लगे हैं
  • इलेक्ट्रिक करंट की मदद से कोशिकाओं को बिना नुकसान पहुंचाए उसके हिस्से को निकाला जा सकेगा
  • वैज्ञानिकों के मुताबिक, इसकी मदद से बीमारियों और उनके ट्रीटमेंट को समझा जा सकेगा

Dainik Bhaskar

Dec 05, 2018, 11:16 AM IST

गैजेट डेस्क. लंदन के इम्पीरियल कॉलेज के वैज्ञानिकों ने ऐसा ‘चिमटा’ बनाया है, जिसकी मदद से बीमारियों का पता आसानी से लगाया जा सकेगा। यह इंसान के बाल की मोटाई से भी 2000 गुना पतला है। इसकी मदद से सर्जरी के दौरान शरीर के किसी हिस्से को ज्यादा काटने की जरूरत नहीं होगी। इसकी मदद से बीमारी वाली कोशिकाओं का ज्यादा बेहतर तरीके से अध्ययन और उपचार किया जा सकेगा। चिमटे की मोटाई सिर्फ 50 नैनोमीटर है। एक नैनोमीटर एक मिलीमीटर का 10 लाखवां हिस्सा होता है, जबकि इंसान के बाल की मोटाई एक लाख नैनोमीटर तक हो सकती है।

 

ग्लास रॉड से बना है चिमटा
 

  • चिमटे को एक ग्लास रॉड से बनाया गया है, जिसमें ग्रेफाइट की तरह कार्बन वाले दो इलेक्ट्रोड हैं। कोशिका में मौजूद हिस्से को निकालने के लिए इसे जिंदा कोशिकाओं में डाला जा सकता है।
  • वैज्ञानिक इस चिमटे का इस्तेमाल डीएनए या माइटोकॉन्ड्रिया को सस्पेंड करने में भी कर सकते हैं। बेहद पतला होने की वजह से इससे कोशिकाओं को नष्ट किए बगैर संक्रमित हिस्सों को निकाला जा सकता है।

 
डीएनए को समझने में भी मदद मिलेगी
रिसर्चर डॉ. एलेक्स इवानोव ने बताया, ‘‘यह चिमटा कोशिकाओं और उसके हिस्से को अलग करने में एक औजार साबित होगा। हम जिंदा कोशिकाओं को समझकर उसके मॉलिक्यूल्स को अलग-अलग कर सकते हैं।’’ उन्होंने बताया कि इससे डीएनए को भी जांच सकते हैं। 

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