वर्ल्ड कप /पहली बार यूज होगा स्पाइडरकैम, पतले से वायर पर 40kmph की स्पीड से मूव होता है कैमरा



मैदान में स्पाइडरकैम ले जाता कर्मचारी। मैदान में स्पाइडरकैम ले जाता कर्मचारी।
X
मैदान में स्पाइडरकैम ले जाता कर्मचारी।मैदान में स्पाइडरकैम ले जाता कर्मचारी।

  • 5 हिस्सों से तैयार होने वाली यूनिट को कहते हैं स्पाइडरकैम
  • मैदान के सभी छोर 35kg वजनी स्पाइडरकैम से होते हैं कवर
  • ये वर्टिकल और हॉरिजेंटल दोनों एंगल को करता है कवर

Dainik Bhaskar

May 21, 2019, 07:02 PM IST

गैजेट डेस्क. 30 मई से इंग्लैंड में शुरू हो रहे क्रिकेट वर्ल्ड कप 2019 में पहली बार कवरेज के लिए स्पाइडरकैम का इस्तेमाल हागा। हर मैच के कवरेज के लिए 32 कैमरे लगाए हैं। आठ अल्ट्रा-मोशन हॉक-आई कैमरे के अलावा फ्रंट और रिवर्स व्यू स्टंप कैमरे का भी इस्तेमाल होगा। आईसीसी पहली बार सभी 10 वॉर्मअप मैच का भी लाइव टेलीकास्ट करेगा। पहली बार 360 डिग्री रिप्ले भी दिखाएंगे। सभी वैन्यू के विजुअल्स के लिए ड्रोन कैमरा और बगी कैमरा का प्रयोग होगा।

 

क्या होता है स्पाइडरकैम?

 

खेल के मैदान पर हवा में झूलने वाले कैमरा का यूज किया जाता है। ये कैमरा एक पतले वायर की मदद से मैदान के एक छोर से दूसरे छोर को कवर करता है। ये कैमरा ऊपर, नीचे, दूर, पास, साइज जैसे कई एंगल के फुजेट हमें देता है। ये सब स्पाइडरकैम यूनिट की मदद से होता है। यानी इस पूरी यूनिट को स्पाइडरकैम कहा जाता है, इस यूनिट में कैमरा कोई भी यूज किया जा सकता है। इस कैमरा के फुजेट से मैच देखने का मजा कई गुना बढ़ जाता है। स्पाइडरकैम का इस्तेमाल फुटबॉल में लंबे समय से किया जा रहा है। अब इसका इस्तेमाल हॉकी, क्रिकेट, वॉलीबॉल, टेनिस, बेसबॉल जैसे कई खेलों में होता है। इस यूनिट को 5 चीजों से तैयार किया जाता है।

  • कंट्रोल स्टेशन

    कंट्रोल स्टेशन

    स्पाइडरकैम को ऑपरेट करने के लिए एक मैदान पर कंट्रोल स्टेशन बनाया जाता है। इसकी मिनिमम लंबाई 10 फीट और मिनिमम चौड़ाई 8 फीट होती है। इस कंट्रोल स्टेशन में इस्तेमाल होने वाली यूनिट का वजन करीब 120 किलोग्राम होता है। यूनिट के लिए जरूरी पावर सप्लाई 110VAC-230VAC, 16A, 50/60Hz होती है।

  • चरखी (विंच)

    चरखी (विंच)

    विंच और पुली की केबल के बीच किसी तरह बाधा नहीं होना चाहिए। इसका डायमेंशन 148cm x 88cm x 87cm और वजन 315 किलोग्राम है। विंच को प्रोटेक्शन देने के लिए सिक्युरिटी बैरियर्स का इस्तेमाल किया जाता है। इस बात का भी ध्यान रखा जाता है कि ये पब्लिक एरिया से दूर रहे।

  • पुली

    पुली

    पुली और विंच के साथ पुली और डॉली के बीच किसी तरह की बाधा नहीं होना चाहिए। पुली माउन्टिंग प्लेट का डायमेंशन 30cm x 30cm, वजन 5 किलोग्राम होता है। रेगुलर ऑपरेशन के दौरान पुली का अधिकतम लोड 120 किलोग्राम तक होता है।

  • डॉली

    डॉली

    फ्लाइंग एरिया में किसी तरह का अवरोध नहीं होना चाहिए। यानी यहां पर कोई दूसरी केबल, किसी तरह का कंस्ट्रक्शन या फिर बड़ी स्क्रीन नहीं होनी चाहिए। कुलमिलाकर इसका सेटअप नो फ्लाई जोन में किया जाता है। यानी जहां पर पब्लिक बैठती है, या फिर कोई ऐसा एरिया जहां पर कभी ये कैमरा नीचे गिर जाए तो किसी को चोट नहीं लग जाए। 

  • इंटरकनेक्शन

    इंटरकनेक्शन

    विंचेज और कंट्रोल स्टेशन को फाइबर केबल की मदद से इंटरकनेक्ट किया जाता है। इसे चार वायर से लटकाया जाता है। ये केबलार के होते हैं जो देखने में इतने पतले होते हैं कि आसानी से नजर नहीं आएं। इनका डायमीटर 0.5 सेंटीमीटर का होता है, लेकिन इस पर 30 से 35 किलोग्राम वजनी स्पाइडरकैम का पूरा सिस्टम इस पर आसानी से लटक जाता है। ये केबलार मैदान की छत या फिर पिलर से बांधे जाते हैं। यदि छत या फ्लड लाइड पिलर से केबलार को मजबूती नहीं मिलती, तब अस्थाई तौर पर पिलर लगाकर इस काम को पूरा किया जाता है।

  • कैसे काम करता है स्पाइडरकैम?

    कैसे काम करता है स्पाइडरकैम?

    स्पाइडरकैम में जिन चार केबलार का इस्तेमाल किया जाता है उनमें से दो के अंदर फाइबर ऑप्टिक केबल होती हैं, जिसकी मदद से ट्रांसमिशन किया जाता है। कैमरा को एक केबल से सिग्नल मिलते हैं, जिससे कैमरा को जूम करना, मूव करने जैसे काम या दूसरे सेटिंग्स की जाती है। वहीं, दूसरी केबल से सिग्नल को बाहर भेजने का काम किया जाता है।

     

    कैमरा के मूव करने की स्पीड 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक होती है। इसी वजह से इसमें जायरोस्कॉप टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाता है। इसी वजह से इतने फास्ट मूवमेंट के बाद भी ये कैमरा खुद को स्टेबलाइज्ड करके रखता है।

     

    कैमरा को फिक्स पैटर्न पर सेट करके रख सकते हैं। यानी कैमरा ऑटोमैटिक तय समय पर सभी छोर को कवर करता रहेगा और उन एंगल की फोटो देगा। जैसे गेंदबाज जब बॉल करने के लिए दौड़ता है तब कैमरा ऊपर जाने लगता है और शॉट का दायरा बड़ा हो जाता है। ये वर्टिकल और हॉरिजेंटल दोनों एंगल को कवर करता है।

COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना