एपल / दिलचस्प है Apple के Logo की कहानी, क्या आपने पहले कभी सुनी है?

Dainik Bhaskar

Sep 12, 2018, 04:45 PM IST


story behind apple logo have you listen it
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गैजेट डेस्क. एपल का इवेंट शुरू होने में कुछ ही वक्त बाकी है। उम्मीद की जा रही है कि इस बार कंपनी तीन नए आईफोन लॉन्च करेगी। नए आईफोन के साथ कुछ दूसरे गैजेट भी लॉन्च किए जा सकते हैं। Apple का लोगो आधे कटे सेब की तरह है। ये आधा क्यों है इसके बारे में कई यूजर्स नहीं जानते। इसलिए यहां पर हम एपल को लोगो के पीछे की कहानी बता रहे हैं।

 

जर्मन कम्प्यूटर साइंटिस्ट का जुड़ा है नाम: एलन मैथसिन ट्यूरिंग नाम के एक कम्प्यूटर साइंटिस्ट थे, जिन्होंने जर्मन के कोड तोड़ने की मशीन बनाई थी। इस मशीन का नाम 'ट्यूरिंग मशीन' था। ऐसा कहा जाता है एलन पर सरकार ने कई जुल्म किए थे। उनको मानसिक प्रताड़ित किया गया। जिससे एलन ने खुदकुशी कर ली। यह सुनने में आता है कि उन्होंने सेब को साइनाइट में रखा और सुबह उठकर उसको खा लिया और बाकी बचे सेब को टेबल पर रख दिया। टेबल पर रखा सेब ही एपल का Logo बन गया। एलन की कहानी पर फिल्म भी बनी, जिसका नाम 'The Imitation Game' था। 

 

ये भी है Logo की कहानी: कई सालों बाद जब दो बिजनेसमैन अपनी नई कम्प्यूटर कंपनी को ब्रांड बनाने के उद्देश्य से लोगो खोज में लगे थे, तब उन्हें कम्प्यूटर फील्ड से जुड़े 'एलेन ट्यूरिंग' का नाम ध्यान आया और एक सेब की इमेज को उनके लिए श्रद्धांजलि समझ अपनी कंपनी का ट्रेड मार्क बना दिया। 

 

कंपनी का ये है कहना: कई सालों तक यही एपल के लोगो की कहानी मानी जाती रही, लेकिन कंपनी के एक्सपर्ट्स का कहना है कि ट्यूरिंग की कहानी का एपल लोगो से कोई कनेक्शन नहीं है। सेब के इस आइकॉन को 'एडम और ईव, 'स्नोव्हाइट' और 'न्यूटॉन' के सेब से भी जोड़ा गया, जो पूरी तरह काल्पनिक थी। स्टीव जॉब्स से डिस्कशन पर पता लगा कि कंपनी ने सामान्य रूप से Apple को आइकॉन के रूप में चुना।

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