टेक अपडेट /रिसर्च के लेकर कानून व्यवस्था तक, ड्रोन्स के उपयोग में बहुत आगे बढ़ चुकी है दुनिया



The world has gone so far in the use of drones
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The world has gone so far in the use of drones

Dainik Bhaskar

Jul 13, 2019, 11:14 AM IST

रवि शर्मा, पुणे. ड्रोन्स के उपयोग बढ़ते ही जा रहे हैं। ड्रोन यदि सेना के हाथ में है तो हथियार है और फायरफाइटर्स के पास है तो आग जल्दी बुझाने में बड़ी मदद है। इन्हें अब यूएवी के नाम से पुकारा जा रहा है, यानि "अनमैन्ड एरिअल व्हीकल्स'। जानिए इनके उन उपयोग के बारे में जो दुनियाभर में शुरू हो चुके हैं।

  • रिसर्च और बचाव कार्य

    ड्रोन्स का उपयोग प्राकृतिक आपदाओं जैसे हरिकेन, टॉरनेडो, भूकंप और बाढ़ के सर्वाइवर्स को ढूंढने में किया जाने लगा है। ड्रोन से मिलने वाले "बर्ड आई व्यू' से आपदा से घिरे लोगों को ढूंढना आसान हो जाता है। यूनिवर्सिटी ऑफ ज्यूरिख के रिसर्चर्स ने एक फोल्डेबल ड्रोन तैयार किया है जो डिजास्टर्स जोन में उपयोग किया जा सकता है। यह अपना आकार बदल सकता है और छोटी जगहों और क्रैक्स में से भी निकल सकता है। रेस्क्यू ऑपरेशन्स में यह मददगार है। 

  • कानून व्यवस्था

    अमेरिका के एक पुलिस डिपार्टमेंट ने कई इलाकों में ड्रोन्स की तैनाती की है जिससे कि अफसरों के पहुंचने से पहले स्थिति का जायजा लिया जा सके। इसी तरह सी शेफर्ड कन्सर्वेशन सोसायटी ने शिकारियों को रंगे हाथों पकड़ने के लिए समुद्र तटों पर ड्रोन्स का उपयोग शुरू किया है। गैरकानूनी रूप से सीमा में प्रवेश में इन्हें नजर रखकर रोका जा रहा है। 

  • आग पर काबू

    फायरफाइटर्स को अहम जानकारियां ड्रोन्स मुहैया करवा रहे हैं। आग से लड़ते वक्त यह लपटों की सटीक स्थिति और आग की वजह तक बताने में सक्षम हैं। इसी काम के लिए तैयार किए गए ड्रोन्स अत्यधिक गर्मी सहन कर सकते हैं और खूब ऊंचाई पर उड़ सकते हैं। इनमें लगे थर्मल कैमरे आग में फंसे लोगों की सही स्थिति बता देते हैं। जंगल की आग को वक्त रहते काबू करने में भी इनका उपयोग किया जा रहा है, थर्मोग्राफी से ड्रोन उन हॉट स्पॉट को दिखा देते हैं जो आंखों से दिखाई नहीं दे सकते। 

  • दवा पहुंचाना

    रवांडा और घाना के दूरस्थ इलाकों में ड्रोन्स का उपयोग दवाओं और खून को पहुंचाने में होने लगा है। रवांडा पहला देश है जिसने ड्रोन का उपयोग ब्लड डिलीवरी के लिए किया। इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी के कारण दुनिया भर के करीब दो अरब लोगों तक दवाएं बड़ी मुश्किल से पहुंच पाती हैं, इन इलाकों में ड्रोन्स कई जान बचा सकते हैं। 

  • मैपिंग

    आर्क्योलॉजिकल साइट्स के लिए थ्रीडी मैप तैयार करने से लेकर जंगलों को बचाने के लिए उनकी सीमाओं को मापने तक का काम ड्रोन कर रहे हैं। इस तरह के कामों में डेटा बेहद अहम होता है और ड्रोन्स यह सटीकता के साथ इकट्ठा कर लेते हैं। हर तरह के मैपिंग प्रोजेक्ट्स में इनका उपयोग बेहद सस्ता भी होता है। 

  • खेती

    खेत से डेटा जमा करने में ड्रोन काम आ रहे हैं। ये बता सकते हैं कि किन इलाकों मे कीड़े लगे हैं और किन इलाकों की फसल अब काटी जा सकती है। इससे वक्त की काफी बचत हो रही है और पैसा भी बच रहा है। 

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