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सर्वे / पुरुषों की तुलना में अमेरिकी महिला सांसदों का कामकाज बेहतर,वे अपने वोटरों की ज्यादा मदद करती हैं



american women mps work better than men they help their voters more
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american women mps work better than men they help their voters more

  • सर्वे में पाया गया महिलाएं समाज की भलाई को ध्यान में रखकर राजनीति में आती हैं
  • उधर विधायिका में महिलाओं से संबंधित कानून आसानी से पास नहीं होते

Dainik Bhaskar

Aug 31, 2019, 06:59 PM IST

केटलिन मोसकेटेलो
कई राजनीतिक पंडितों का मानना है कि अमेरिका में महिला संसद सदस्य अपने पुरुष सांसदों की तुलना में ज्यादा प्रभावशाली साबित हुई हैं। वे अपने चुनाव क्षेत्र के कामों की ज्यादा फिक्र करती हैं।  सामाजिक परिवर्तन के मुद्दे उठाती हैं। बीते कुछ सालों से अमेरिकी राजनीति में महिलाओं की हिस्सेदारी लगातार बढ़ती जा रही है। फिर भी, उनकी संख्या इतनी निर्णायक नहीं है कि संसद और विधानसभाओं में उनकी भलाई के कानून आसानी से पास हो जाएं। 2018 में एक स्टडी में पाया गया कि समूची विधायी प्रक्रिया के दौरान महिलाओं के प्रस्ताव योजनाबद्ध ढंग से खारिज किए जाते हैं। उन्हें कमजोर बनाया जाता है।

कहना मुश्किल है कि समान प्रतिनिधित्व से स्थिति बदलेगी। इस समय अमेरिकी कांग्रेस में 25% और राज्य विधानसभाओं में 29 % महिलाएं हैं। वैसे, विधायिका में महिलाओं के अधिक प्रतिनिधित्व से बेहतर नतीजे निकले हैं। फरवरी में नेवादा महिलाओं के बहुमत की विधानसभा वाला अमेरिका का पहला राज्य बन गया। इसके बाद गवर्नर की मदद से विधानसभा में महिलाओं की भलाई से जुड़े कई कानून पास किए गए। इनमें कुछ कानून हैं-महिलाओं को समान वेतन के लिए कड़े प्रावधान, घरेलू हिंसा के खिलाफ सख्त दंड, परिवार नियोजन सेवाओं के लिए अधिक पैसा, गर्भपात से पहले डॉक्टर को महिला की वैवाहिक स्थिति बताने के नियम की समाप्ति।

फिर भी, महिला वोटर अक्सर इस विचार को ठुकरा देती हैं कि महिला को जेंडर का ध्यान रखकर वोट देना चाहिए। 2016 में स्पीकर नेंसी पेलोसी ने कहा था, किसी महिला से नहीं कहा जाना चाहिए कि वह किसी प्रत्याशी इसलिए वोट दे क्योंकि वह महिला है। लेकिन, पार्टी उम्मीदवारों के चयन के चुनाव में महिला का समर्थन करने के पक्ष में जोरदार दलीलें सामने आती हैं।

राजनीतिक पंडितों जेफ्री लेजारस, एमी स्टीगरवाल्ट ने अपनी किताब-जेंडर्ड वलनरेबिलिटी: हाउ वुमन वर्क हार्डर टू स्टे इन ऑफिस- में लिखा है, आमतौर पर कांग्रेस में महिलाएं अपने पुरुष साथियों की तुलना में अधिक प्रभावशाली साबित होती हैं। वे जिक्र करते हैं, महिला सांसद के जिला कार्यालयों में अधिक स्टाफ रहता है, वे अपने चुनाव क्षेत्र से संबंधित मसलों की समितियों में काम करते हैं और उनके द्वारा अपने वोटरों की मदद करने वाले विधेयकों को पेश करने की संभावना अधिक रहती है। अलग रिसर्च में पता लगा है, महिला संसद सदस्य अपने जिलों में केंद्र सरकार का अधिक पैसा लाती हैं।

महिलाओं के सही कारणों से चुनाव लड़ने की संभावना अधिक रहती है। अपनी पुस्तक-वुमन ट्रांसफॉर्मिंग कांग्रेस में राजनीति विज्ञान की प्रोफेसर सिंडी सिमोन रोसेंथाल ने जनप्रतिनिधियों के राजनीति में आने के कारणों पर सर्वे का जिक्र किया है। अधिकतर पुरुष सांसदों, विधायकों ने कहा कि उनकी हमेशा जनप्रतिनिधि बनने की इच्छा रही है। महिला प्रतिनिधियों का कहना था, वे सामाजिक बदलाव की उम्मीद करती हैं। अपने समाज के साथ अधिक मेलजोल चाहती हैं। कई मामलों में पुरुष कुछ बनने के लिए चुनाव लड़ते हैं जबकि महिलाएं कुछ करने के लिए राजनीति में आती हैं। 

सबसे अधिक महत्वपूर्ण पहलू है कि महिला जनप्रतिनिधि महिलाओं के हितों को बेहतर तरीके उठाती हैं। वे स्वास्थ्य सेवा, नागरिक अधिकार और परिवारों को प्रभावित करने वाले कानूनों को आगे बढ़ाती हैं। यहां अमेरिकी राजनीति के एक तथ्य पर गौर करना होगा। देश की आबादी में गोरे पुरुषों की संख्या एक तिहाई है पर राजनीतिक सिस्टम पर उनका प्रभुत्व है। यह इसलिए नहीं कि वे अधिक विश्वसनीय हैं या उनके चुने जाने की संभावनाएं ज्यादा हैं। दरअसल, वे अन्य लोगों की तुलना में ज्यादा संख्या में चुनाव लड़ते हैं। रिफ्लेक्टिव डेमोक्रेसी कैंपेन की रिपोर्ट के अनुसार 2018 के मध्यावधि चुनाव में  महिलाओं और अश्वेतों के चुनाव जीतने की संभावना श्वेत पुरुषों के समान ही रही है। डेमोक्रेटिक महिला उम्मीदवारों के रिकॉर्ड संख्या में चुनाव लड़ने का नतीजा उनकी सफलता के रूप में सामने आया है। 

2020 के राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवारी के दावेदारों में कई महिलाओं के शामिल होने से चुनाव की दिशा बदलती दिखाई पड़ रही है। पहली दो बहस में उम्मीदवारों ने गर्भपात का अधिकार, समान अधिकार कानून और वेतन में अंतर जैसे मुद्दे उठाए थे। महिला उम्मीदवारों के कारण पुुरुषों को भी ये मसले सामने रखना पड़े हैं।

(मोसकेटेलो लेखक हैं- सी जेन विन: द इंस्पायिरंग स्टोरी ऑफ द वुमन चेजिंग अमेरिकन पॉलिटिक्स किताब की।)
 

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