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Diwali 2017 (दीपावली 2017)

Last Updated: October 18 2017, 12:06 PM

दीपावली यानि ज्ञान और प्रकाश का त्योहार। दीपावली हिंदुओं का सबसे प्राचीन त्योहार है जो पूरे भारतवर्ष में हर साल हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। भारत के अलावा इस त्योहार को ऑस्ट्रेलिया, फिजी, न्यूजीलैंड ब्रिटेन, संयुक्त राज्य अमेरिका, अफ्रीकी जैसे देशों में भारतीय मूल के लोग बड़ी ही धूमधाम से मनाते हैं। हिंदू कैलेंडर के हिसाब से दीपावली के त्योहार को कार्तिक माह में गर्मी की फसल काटने के बाद मनाया जाता है। यह त्योहार अंधेरे पर प्रकाश की विजय, असत्य पर सत्य की जीत के रूप का भी प्रतीक है। दीपावली के सेलिब्रेशन को लेकर कई कथाएं और मान्यताएं प्रचलित हैं। रामायण के मुताबिक, इस दिन यानि दीपावली के दिन भगवान राम चौदह वर्ष का वनवास पूरा कर अयोध्या वापस लौटे थे और उनकी वापसी का जश्न मनाने के लिए पूरे अयोध्या को दीपों से रोशन किया गया था और खूब खुशियां मनाई गईं। तभी से इस दिन को दीपावली के रूप में मनाया जाता है। वहीं महाभारत के अनुसार कुछ लोग दीपावली के त्योहार को 12 साल के वनवास और 1 साल के पांडवों के अज्ञातवास का प्रतीक मानते हैं, तो वहीं कई लोग इस त्योहार को भगवान विष्णु की पत्नी यानि लक्ष्मी से जुड़ा मानते हैं और उनकी पूजा के रूप में मनाते हैं। इस दिन लोग अपने घरों की अच्छी तरह से साफ-सफाई कर रात को दीपों और प्रकाश मालाओं से सजाते हैं, पटाखे और छुरियां जलाते हैं। घरों की सफेदी और रंग-रोगन का काम काफी पहले से शुरू हो जाता है। घर की सजावट, खान-पान और कपड़ों की भी खरीददारी की जाती है। रात को मां लक्ष्मी और भगवान गणेश का पूरी विधि के साथ पूजन किया जाता है। दीपावली शब्द की उत्पत्ति संस्कृत के दो शब्दों दीप यानि दीया और आवली यानि श्रंखला से हुई है। स्कंद पुराण के मुताबिक, दीया सूर्य के हिस्सों का प्रतिनिधित्व करता है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार सूर्य कार्तिक माह में अपनी जगह बदलता है और इसलिए यह त्योहार मनाया जाता है। भारत के अलावा इस त्योहार को नेपाल में भी बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है क्योंकि वहां नेपाल संवत में उस दौरान नया साल शुरू होता है। दीपावली के दिन भारत में जगह जगह मेले लगते हैं। इस दिन लोग खूब खरीददारी भी करते हैं। अंधकार पर विजय के रूप में प्रचलित दीपावली का त्योहार हमें भाईचारे का भी संदेश देता है। दीपावली से दो दिन पहले धनतेरस का त्योहार आता है जिस दिन लोग सोने, चांदी और पीतल के बर्तन खरीदते हैं। इस दिन बर्तन खरीदना बहुत ही शुभ माना जाता है। इससे अगले दिन छोटी दीपावली यानि नरक चतुर्दशी मनाई जाती है। इस दिन यमराज की पूजा की जाती है और उनके नाम के दीपक जलाए जाते हैं।

दीपावली यानि ज्ञान और प्रकाश का त्योहार। दीपावली हिंदुओं का सबसे प्राचीन त्योहार है जो पूरे भारतवर्ष में हर साल हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। भारत के अलावा इस त्योहार को ऑस्ट्रेलिया, फिजी, न्यूजीलैंड ब्रिटेन, संयुक्त राज्य अमेरिका, अफ्रीकी जैसे देशों में भारतीय मूल के लोग बड़ी ही धूमधाम से मनाते हैं। हिंदू कैलेंडर के हिसाब से दीपावली के त्योहार को कार्तिक माह में गर्मी की फसल काटने के बाद मनाया जाता है। यह त्योहार अंधेरे पर प्रकाश की विजय, असत्य पर सत्य की जीत के रूप का भी प्रतीक है। दीपावली के सेलिब्रेशन को लेकर कई कथाएं और मान्यताएं प्रचलित हैं। रामायण के मुताबिक, इस दिन यानि दीपावली के दिन भगवान राम चौदह वर्ष का वनवास पूरा कर अयोध्या वापस लौटे थे और उनकी वापसी का जश्न मनाने के लिए पूरे अयोध्या को दीपों से रोशन किया गया था और खूब खुशियां मनाई गईं। तभी से इस दिन को दीपावली के रूप में मनाया जाता है। वहीं महाभारत के अनुसार कुछ लोग दीपावली के त्योहार को 12 साल के वनवास और 1 साल के पांडवों के अज्ञातवास का प्रतीक मानते हैं, तो वहीं कई लोग इस त्योहार को भगवान विष्णु की पत्नी यानि लक्ष्मी से जुड़ा मानते हैं और उनकी पूजा के रूप में मनाते हैं। इस दिन लोग अपने घरों की अच्छी तरह से साफ-सफाई कर रात को दीपों और प्रकाश मालाओं से सजाते हैं, पटाखे और छुरियां जलाते हैं। घरों की सफेदी और रंग-रोगन का काम काफी पहले से शुरू हो जाता है। घर की सजावट, खान-पान और कपड़ों की भी खरीददारी की जाती है। रात को मां लक्ष्मी और भगवान गणेश का पूरी विधि के साथ पूजन किया जाता है। दीपावली शब्द की उत्पत्ति संस्कृत के दो शब्दों दीप यानि दीया और आवली यानि श्रंखला से हुई है। स्कंद पुराण के मुताबिक, दीया सूर्य के हिस्सों का प्रतिनिधित्व करता है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार सूर्य कार्तिक माह में अपनी जगह बदलता है और इसलिए यह त्योहार मनाया जाता है। भारत के अलावा इस त्योहार को नेपाल में भी बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है क्योंकि वहां नेपाल संवत में उस दौरान नया साल शुरू होता है। दीपावली के दिन भारत में जगह जगह मेले लगते हैं। इस दिन लोग खूब खरीददारी भी करते हैं। अंधकार पर विजय के रूप में प्रचलित दीपावली का त्योहार हमें भाईचारे का भी संदेश देता है। दीपावली से दो दिन पहले धनतेरस का त्योहार आता है जिस दिन लोग सोने, चांदी और पीतल के बर्तन खरीदते हैं। इस दिन बर्तन खरीदना बहुत ही शुभ माना जाता है। इससे अगले दिन छोटी दीपावली यानि नरक चतुर्दशी मनाई जाती है। इस दिन यमराज की पूजा की जाती है और उनके नाम के दीपक जलाए जाते हैं।

दीपावली आ चुकी है और हर कोई अपने घर में लक्ष्मी पूजन करके उन्हें अपने घर में...

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