यहां जमीन से 400 फीट नीचे चल रहा कैफे, 18 साल से ज्यादा उम्र वालों को ही जाने की अनुमति

DainikBhaskar | December 06, 2018 01:09 PM IST

इंटरनेशनल डेस्क।  सर्बिया में जमीन के नीचे 400 मीटर की गहराई में खदान के अंदर एक कैफे चलाया जा रहा है। इसकी खासियत यह है कि खतरे को देखते हुए 18 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को ही इसमें

प्रदूषण रोकने के लिए मरी हुई मछलियों के बायोगैस से चलेंगे जहाज

DainikBhaskar | November 30, 2018 09:54 AM IST

नार्वे की क्रूज शिपिंग कंपनी हर्टिंग्रुटेन ने इस प्रोजेक्ट के लिए छह नए जहाजों में इन्वेस्टमेंट किया। 2019 तक दुनिया का पहला हाइब्रिड क्रूज शिप लॉन्च होगा। कंपनी के पास 17 जहाज हैं और 2050 तक जहाजों को पूरी तरह कार्बन

नॉर्वे / समुद्र में प्रदूषण रोकने के लिए मरी हुई मछलियों के बायोगैस से चलेंगे जहाज

DainikBhaskar | November 30, 2018 06:29 AM IST

ओस्लो. नॉर्वे की एक कंपनी अब अपने शिप को चलाने के लिए मरी हुई मछलियों का इस्तेमाल करेगी। पिछले हफ्ते क्रूज शिपिंग कंपनी हर्टिंग्रुटेन ने ऐलान किया कि वह आने वाले समय में समुद्र को पूरी तरह प्रदूषण से मुक्त

अमेरिका व नार्वे से विदिशा आकर किया मतदान

DainikBhaskar | November 29, 2018 04:06 AM IST

अमेरिका व नार्वे से विदिशा आकर किया मतदान विदिशा| लोकतंत्र के महापर्व के मौके पर शहर के इंदिरा कांप्लेक्स निवासी अभिजीत सिंह पंवार 34 साल ने अमेरिका के बोस्टन सिटी से विदिशा आकर हाउसिंग बोर्ड कार्यालय स्थित केंद्र में

रूस से सटे नाॅर्वे में 31 देशों के 50 हजार जवान, 10 हजार सैन्य वाहन उतरे

DainikBhaskar | October 28, 2018 02:11 AM IST

बर्लिन| नाटो देशों ने रूस से सटे नाॅर्वे के ट्रिडेंट जंक्चर में युद्धाभ्यास शुरू किया है। इसमें 31 देशों के 50 हजार सैनिक, 250 एयरक्राफ्ट, 10 हजार सैन्य वाहन हिस्सा ले रहे हैं। इसे शीत युद्ध के बाद नाटो का

नॉर्वे / द्वितीय विश्व युद्ध में जर्मनों के साथ संबंध रखने वाली महिलाओं का हुआ था अपमान, सरकार ने माफी मांगी

DainikBhaskar | October 18, 2018 12:56 PM IST

ओस्लो. नॉर्वे की प्रधानमंत्री अरना सोलबर्ग ने सरकार की तरफ से उन महिलाओं से माफी मांगी है, जिनसे द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जर्मन सैनिकों के साथ रिश्ते रखने के चलते खराब बर्ताव किया गया था। द्वितीय विश्व युद्ध के

उत्तरी ध्रुव / बर्फ के नीचे 9.3 लाख प्रकार के बीज और खेती का 13 हजार साल का इतिहास सहेजा गया

DainikBhaskar | October 11, 2018 03:38 PM IST

ओस्लो. अगर प्रलय या भयंकर अकाल जैसी स्थिति आने पर दुनियाभर की फसलें खत्म हो जाएं, तब भी इन्हें दोबारा उगाने की संभावना रहेगी। नॉर्वे के वैज्ञानिकों ने ऐसी किसी आपात स्थिति से निपटने के लिए बीजों को सहेजकर रखा