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Ramayan, Ramcharitmanas (रामायण से जुड़ी हर जानकारी)

Last Updated: May 11 2018, 14:14 PM

भारतीय साहित्य के विशाल काव्य रामायण की रचना संस्कृत भाषा में सबसे पहले वाल्मीकि ने की। इसकी रचना लगभग 3 हजार साल पहले हो चुकी है। उसके बाद लगभग 16 वी शताब्दी में गोस्वामी तुलसीदास जी ने अवधि भाषा में इस महाकाव्य को लिखा था। इस तुलसी रामायण को ही रामचरित मानस कहा जाता है। इसके अलावा अलग अलग काल में जैसे 12 वीं , 13वीं और 15वीं सदी में रामायण लिखी गई। लेकिन 16वीं सदी में लिखी गई तुलसीदास जी की रामचरित मानस ज्यादा प्रसिद्ध है। ये सभी रामायण वाल्मीकि रामायण से प्रभावित होकर ही लिखी गई हैं। रामायण महाकाव्य में में 24000 छंद और 500 सर्ग हैं जिनको 7 भागों में बांटा गया है। जिनके नाम है बाल काण्ड, अयोध्या काण्ड, अरण्य काण्ड, किष्किन्धा काण्ड, सुन्दर काण्ड, लंका काण्ड, उत्तर काण्ड।

भारतीय साहित्य के विशाल काव्य रामायण की रचना संस्कृत भाषा में सबसे पहले वाल्मीकि ने की। इसकी रचना लगभग 3 हजार साल पहले हो चुकी है। उसके बाद लगभग 16 वी शताब्दी में गोस्वामी तुलसीदास जी ने अवधि भाषा में इस महाकाव्य को लिखा था। इस तुलसी रामायण को ही रामचरित मानस कहा जाता है। इसके अलावा अलग अलग काल में जैसे 12 वीं , 13वीं और 15वीं सदी में रामायण लिखी गई। लेकिन 16वीं सदी में लिखी गई तुलसीदास जी की रामचरित मानस ज्यादा प्रसिद्ध है। ये सभी रामायण वाल्मीकि रामायण से प्रभावित होकर ही लिखी गई हैं। रामायण महाकाव्य में में 24000 छंद और 500 सर्ग हैं जिनको 7 भागों में बांटा गया है। जिनके नाम है बाल काण्ड, अयोध्या काण्ड, अरण्य काण्ड, किष्किन्धा काण्ड, सुन्दर काण्ड, लंका काण्ड, उत्तर काण्ड।

नेशनल डेस्क. नरेंद्र मोदी शुक्रवार को नेपाल पहुंचे। ऐतिहासिक जनकपुर मंदिर...

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