उत्तर-दक्षिण का संगम, तेजेंद्र नारायण और मैसूर मंजूनाथ की संगति

dainikbhaskar.com | Last Modified - Feb 06, 2018, 03:11 PM IST

विशिष्ट संगीत एवं नृत्य संध्या का आयोजन चंडीगढ़ के टैगोर थिएटर में किया गया। इसे उत्तर-दक्षिण नाम दिया गया था।
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    प्राचीन कला केंद्र चंडीगढ़ और पायनियर आर्ट्स एजुकेशन सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में विशिष्ट संगीत एवं नृत्य संध्या का आयोजन चंडीगढ़ के टैगोर थिएटर में किया गया। इसे उत्तर-दक्षिण नाम दिया गया था।

    कार्यक्रम का आरंभ पंडित तेजेंद्र नारायण मजूमदार के सरोद वादन और डॉ. मैसूर मंजूनाथ के वॉयलिन पर जुगलबंदी से हुआ। पंडित तेजेंद्र नारायण, उत्साद बहादुर खां के शिष्य रहे हैं। मैसूर मंजूनाथ, विद्वान महादेवप्पा के पुत्र और शिष्य हैं। इसी साल उन्हें राष्ट्रीय संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार मिला है। मुंबई के कलाकार ओजस अधिया ने तबले पर और रविशंकर ने मृदंगम पर संगति की। कार्यक्रम की अगली प्रस्तुति में विदुषि रुचि शर्मा ने कथक नृत्य प्रस्तुत किया। इनके साथ संगति ख्याति शर्मा ने की।

    उत्तर दक्षिण नामक यह कार्यक्रम साल 2012 से आयोजित किया जा रहा है। इसमें 30 से भी अधिक प्रस्तुतियां की जा चुकी हैं। इसमें पंडित हरिप्रसाद चौरसिया से लेकर देश के नामचीन कलाकार प्रस्तुति दे चुके हैं।

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