--Advertisement--

11 वकीलों को हाईकोर्ट जज बनाने की पहले सिफारिश की, बाद में आपत्ति जताई

- इन नामों पर हरियाणा सरकार पहले ही जता चुकी आपत्ति

Dainik Bhaskar

Jun 13, 2018, 04:31 AM IST
सिम्बॉलिक इमेज। सिम्बॉलिक इमेज।

चंडीगढ़. लगभग 6 महीने पहले 11 वकीलों को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के जज बनाए जाने की सिफारिश करने वाले कोलेजियम के मेंबर जस्टिस अजय कुमार मित्तल ने एक्टिंग चीफ जस्टिस बनने के बाद इसी सिफारिश पर अपनी आपत्ति जता दी है। जस्टिस मित्तल ने यूनियन लॉ मिनिस्टरी को लेटर लिख इनमें से कुछ नामों पर अपनी आपत्ति दर्ज की है। कहा कि ये नाम मेरिट पर तय नहीं हैं। नवंबर 2017 में चीफ जस्टिस एसजे वजीफदार, जस्टिस अजय कुमार मित्तल और जस्टिस सूर्यकांत के कोलेजियम ने 11 वकीलों को जज बनाने की सिफारिश की थी। चीफ जस्टिस वजीफदार के रिटायर होने के बाद एक्टिंग चीफ जस्टिस रहते हुए जस्टिस मित्तल ने इस सिफारिश पर अपनी आपत्ति दर्ज कर दी। इस मामले का रोचक पहलू यह भी है कि हरियाणा सरकार ने इन नामों पर पहले ही आपत्ति जता दी थी।

इनके नाम भेजे थे...

- पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट कोलेजियम की 11 वकीलों को हाईकोर्ट जज बनाने की सिफारिश हरियाणा सरकार ने लौटा दी है। इनमें पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज आरके नेहरू की बेटी मंजरी नेहरू कौल का नाम शामिल है।

- पंजाब सरकार ने लिस्ट पर सहमति दे दी थी लेकिन हरियाणा सरकार ने आपत्ति दर्ज कर दी थी। पंजाब की तरफ से सुकांत गुप्ता, हरसिमरन सिंह, अरुण कुमार मोंगा, जसदीप सिंह गिल, मंसूर अली, दपिंदर सिंह नलवा और हर्ष बुंगर का नाम शामिल है। हरियाणा की तरफ से मंजरी नेहरू कौल, संजय वशिष्ठ, मनोज बजाज और सुनील कुमार सिंह पंवार के नाम शामिल हैं।

X
सिम्बॉलिक इमेज।सिम्बॉलिक इमेज।
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..