लैंडमार्क हॉस्पिटल की लापरवाही से गई 23 साल की लड़की की जान

Chandigarh News - 23 साल की मनीषा को मामूली पेट दर्द हुआ था, लेकिन लैंडमार्क हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने उसकी जान को खतरा बताकर उसकी...

Bhaskar News Network

Jul 14, 2019, 07:25 AM IST
Chandigarh News - 23 year old girl39s life was taken care of by landmark hospital
23 साल की मनीषा को मामूली पेट दर्द हुआ था, लेकिन लैंडमार्क हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने उसकी जान को खतरा बताकर उसकी सर्जरी कर दी। लेकिन सर्जरी के बाद मनीषा को होश नहीं आया और उसकी जान चली गई। परिवार ने अब लैंडमार्क हॉस्पिटल के खिलाफ परमानेंट लोक अदालत में केस फाइल किया है जिसमें उन्होंने 65 लाख रुपए मुआवजा दिए जाने की मांग की है। मनीषा के पिता ने हॉस्पिटल के खिलाफ प्रशासन को भी शिकायत दी थी। उनकी शिकायत पर डॉ.बीएस चवन की अध्यक्षता में मेडिकल नेग्लीजेंस कमेटी बनी जिन्होंने जांच के बाद लैंडमार्क हॉस्पिटल को ही दोषी बताया। इस कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर ही मनीषा के पिता ने लैंडमार्क हॉस्पिटल सेक्टर-33 के खिलाफ कोर्ट में केस फाइल किया। अब मामले की अगली सुनवाई 17 जुलाई को होगी। उन्होंने इस केस में फोर्टिस हॉस्पिटल को भी अदालत मंे पार्टी बनाया है।



मनीषा के पिता मोहन लाल यादव ने शिकायत में बताया कि 12 जुलाई 2018 को उनकी बेटी को पेट में दर्द हुआ। उसने किसी प्राइवेट डॉक्टर को चेक-अप करवाया तो पता चला कि उसकी किडनी में स्टोन है। मनीषा ने प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज करवाने का मन बनाया। उसने 16 जुलाई, 2018 को लैंडमार्क हॉस्पिटल में चेकअप करवाया। वहां, मनीषा को एडमिट कर लिया गया। उस समय मनीषा की हालत नॉर्मल थी, लेकिन डॉक्टरों ने कहा कि उसकी जान को खतरा है और सर्जरी करनी पड़ेगी। मनीषा के पिता को 2 लाख रुपए अरेंज करने के लिए कहा। 18 जुलाई, 2018 को मनीषा को सर्जरी के लिए ऑपरेशन थिएटर ले जाया गया। यादव ने आरोप लगाया कि उन्हें डॉक्टरों ने बताया ही नहीं कि सर्जरी की जरूरत क्यों है जबकि मनीषा तो नॉर्मल थी।


सर्जरी के बाद मनीषा को आईसीयू में भर्ती कर लिया गया। परिवार के किसी सदस्य को उससे मिलने नहीं दिया गया। उन्हें मनीषा की हालत के बारे में पता नहीं था। 22 जुलाई को उन्हें बताया गया कि मनीषा की हालत गंभीर है और उसे फोर्टिस रैफर करना पड़ेगा। लैंडमार्क हॉस्पिटल की एंबुलेंस से मनीषा को फोर्टिस भेजा गया। लेकिन वहां पहुंचने के कुछ देर बाद ही लैंडमार्क हॉस्पिटल का स्टाफ वहां से चला गया। फोर्टिस हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि मनीषा की तो मौत हो चुकी है। ये खबर सुनते ही उसका परिवार एकदम सदमे में चला गया। उन्हें पता ही नहीं था कि मनीषा के साथ डॉक्टरों ने ऐसा क्या किया की उसकी जान चली गई। मनीषा के परिवार ने लैंडमार्क के बाहर प्रोटेस्ट किया और पुलिस बुलाई, लेकिन पुलिस ने भी डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की।

सिटी रिपोर्टर | चंडीगढ़

23 साल की मनीषा को मामूली पेट दर्द हुआ था, लेकिन लैंडमार्क हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने उसकी जान को खतरा बताकर उसकी सर्जरी कर दी। लेकिन सर्जरी के बाद मनीषा को होश नहीं आया और उसकी जान चली गई। परिवार ने अब लैंडमार्क हॉस्पिटल के खिलाफ परमानेंट लोक अदालत में केस फाइल किया है जिसमें उन्होंने 65 लाख रुपए मुआवजा दिए जाने की मांग की है। मनीषा के पिता ने हॉस्पिटल के खिलाफ प्रशासन को भी शिकायत दी थी। उनकी शिकायत पर डॉ.बीएस चवन की अध्यक्षता में मेडिकल नेग्लीजेंस कमेटी बनी जिन्होंने जांच के बाद लैंडमार्क हॉस्पिटल को ही दोषी बताया। इस कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर ही मनीषा के पिता ने लैंडमार्क हॉस्पिटल सेक्टर-33 के खिलाफ कोर्ट में केस फाइल किया। अब मामले की अगली सुनवाई 17 जुलाई को होगी। उन्होंने इस केस में फोर्टिस हॉस्पिटल को भी अदालत मंे पार्टी बनाया है।

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