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भारत और दुनिया के हर देश में लगाएंगे गुरुनानक के नाम पर 550 पेड़

सिखों के पहले गुरु, श्री गुरु नानक देव जी पहले एंवायर्नमेंटलिस्ट थे। सवा पांच सौ साल पहले उन्होंने कहा था- पवन गुरु,...

Danik Bhaskar | Sep 13, 2018, 02:05 AM IST
सिखों के पहले गुरु, श्री गुरु नानक देव जी पहले एंवायर्नमेंटलिस्ट थे। सवा पांच सौ साल पहले उन्होंने कहा था- पवन गुरु, पाणी पिता, माता धरती महत। यानी उन्होंने पर्यावरण को गुरु, पिता और माता का सर्वोच्च सम्मानजनक दर्जा दिया था। कहा था कि इनका सम्मान और रखरखाव भी लोगों को वैसे ही करना चाहिए जैसे मां, बाप और गुरु का करते हैं। पर दुख की बात ये है कि आज हम सब भूल गए हैं। अनप्लांड डेवलपमेंट के नाम पर कटने वाले पेड़ों की वजह से ही उत्तराखंड, केरल में बाढ़ जैसी त्रासदियां हुईं। समय रहते अगर हमने पर्यावरण संरक्षण के बारे में न सोचा तो ये कहर और भी बढ़ सकता है। यही वजह है कि श्री गुरु नानक देव जी के 550 वें जन्मदिन पर एनजीओ इको सिख ने 550 रुख गुरु दे नाम से ग्लोबल ट्री प्लांटिंग अभियान की शुरुआत की है। इसकी जानकारी बुधवार को चंडीगढ़ प्रेस क्लब में इको सिख ग्लोबल प्रेसिडेंट डॉ. राजवंत सिंह ने दी। उन्होंने कहा- इस पहल के तहत दुनिया के हर देश और विशेष रूप से पंजाब के लोगों को अपने-अपने एरिया में 550 पेड़ लगाने का आह्वान किया है। अगले साल नवंबर तक 10 लाख पेड़ लगाने का लक्ष्य है।

Eco Sikh

बुधवार को एनजीओ इको सिख के ग्लोबल प्रेसिडेंट डॉ. राजवंत सिंह चंडीगढ़ प्रेस क्लब पहुंचे। यहां उन्होंने दुनिया के हर देश और पंजाब में - 550 रुख गुरु दे नाम से ग्लोबल ट्री प्लांटिंग अभियान की जानकारी दी और लोगों से फल देने वाले पेड़ लगाने को कहा।

पाकिस्तान में भी लगेंगे 550 पेड़

डॉ. राजवंत सिंह ने कहा- वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन की एक रिपोर्ट के मुताबिक वायु प्रदूषण के मुताबिक हर साल 70 लाख लोग मर जाते हैं। अब समय है कि हम 10 लाख पेड़ लगाएं। इसमें हमने लोगों से फल देने वाले पेड़ों को लगाने की अपील की है। क्योंकि गरीब लोगों के लिए लंगर लगाया जाता हो, पर अगर हम उनके लिए जामुन, बेर, आम के पेड़ लगाएंगे, तो ये लंगर कई साल चलेगा। एक और बात ये है कि श्री गुरु नानक देव जी को एक महान शक्ति के रूप में पहचानने वाले पाकिस्तान के मुस्लिम राय बुलार ने गुरु के नाम पर 900 एकड़ जमीन की थी। अब उन्हीं की मौजूदा पीढ़ी ने भी पाकिस्तान स्थित बाग में 550 पौधे लगाने का वायदा किया है। पंजाब, हरियाणा, छत्तीसगढ़, जम्मू, करनाल, असम और डर्बी (यूके), हांगकांग तथा वाशिंगटन के 500 शहरों के 500 युवाओं की 30 से अधिक टीमों ने ट्री प्लांटेशन शुरू कर दिया है। भारत में 50 टीमें तैयार की गई हैं, जिनमें से 40 पंजाब में ही हैं। उन्होंने बताया- इको सिख इस रिपोर्ट को मजबूत करने के लिए एक मोबाइल ऐप मंच तैयार कर रहा है और इसे अगले साल यूएन में मां पृथ्वी के लिए एक एकीकृत सिख प्रयास के रूप में पेश किया जाएगा।

मुख्यमंत्री पंजाब से इको टूरिज्म साइट बनाने की अपील

इको सिख इंडिया की प्रेसिडेंट सुप्रीत कौर ने बताया- पंजाब में कोई भी इको टूरिज्म साइट नहीं है, जहां लोग वाइल्ड रिजर्व को करीब से एक्सपीरियंस कर सकें। इसलिए उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि सरकार पंजाब में गुरु के नाम पर 50-100 एकड़ जमीन पर एक पवित्र वन तैयार करें। यह वन सुल्तानपुर या किसी अन्य स्थान पर हो सकता है, जिसे श्री गुरु नानक देव जी ने देखा है। हम इस योजना में सहयोग करेंगे। इससे क्षेत्र में टूरिज्म तो डेवलप होगा ही, कई युवाओं को रोजगार भी मिलेगा।

पंजाब में गुरबानी आधारित गार्डन का हुआ उद्घाटन

इस दौरान इको सिख ने पेड़ों की जानकारी देती हैंडबुक भी रिलीज की। इसे लुधियाना बेस्ड डॉ. बलविंदर सिंह ने लिखा है। बलविंदर सिंह ने बताया- इसमें उन सब पेड़ों की जानकारी है जो खत्म हो रहे हैं, जो मेडिसनल हैं। इसके अलावा वह इको सिख के एक प्रोजेक्ट में मदद कर रहे हैं। बोले कि पंजाब में गुरु नानक बाग बनाया है, जो अपनी तरह का पहला नेचर ओएसिस है। इसमें सिख ग्रंथों में वृक्षों की अलग-अलग प्रजातियों को इस पांच एकड़ जमीन पर लगाया गया है। इसका उद्घाटन 20 अगस्त, 2018 को किया गया था। इस प्रोजेक्ट के लिए, इको सिख ने पट्टो हीरा सिंह गांव और पट्टो इको ट्री तथा लैंडस्केप सोसाइटी का सहयोग लिया। मोगा में स्थित इस ऐतिहासिक पवित्र स्थान का जिक्र गुरु नानक देव जी द्वारा और छठे, सातवें व दसवें सिख गुरुओं द्वारा पुराने ग्रंथों में किया गया है।