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39 साल पहले किया था ऐसा काम, अब जेल गए 95, 80 और 70 साल के 3 बुजुर्ग

39 साल पुराने मामले में कोर्ट ने छह दोषियों के री-अरेस्ट वारंट जारी किए थे।

Dainik Bhaskar

Dec 19, 2017, 12:39 AM IST
3 years ago 3 elderly people went to jail

खरड़ (मोहाली). धोखाधड़ी के 39 साल पुराने मामले में कोर्ट ने छह दोषियों के री-अरेस्ट वारंट जारी किए थे। इनमें से दो दोषियों की मौत हो चुकी है। जिन तीन दोषियों को मटौर गांव से पुलिस ने अरेस्ट किया है, उनमें 95 साल के अजमेर सिंह, 80 साल के बलदेव सिंह और 70 साल के भाग सिंह शामिल हैं। तीनों मटौर के रहने वाले हैं। पुलिस ने तीनों को रोपड़ कोर्ट में पेश किया। तीनों को बकाया सजा भुगतने के लिए पटियाला जेल भेज दिया गया है।

24 साल लड़ी थी केस की लड़ाई

1975 में गांव मटौर के शिवालय की जमीन के पैसे हड़पने के आरोपियों के खिलाफ गांव मटौर के सरंपच पंडित वैद्य शिवप्रशाद कौशिक, पूर्ण सिंह, तेजा सिंह और इंडस्ट्री डिपार्टमेंट ने शिकायत दी थी। खरड़ पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। पंडित कौशिक 35 सालों तक गांव के सरपंच रहे। गांव के लोग उन्हें ईमानदारी के मसीहा के तौर पर मानते थे। इस केस में भी इंसाफ के लिए पंडित कौशिक ने कोर्ट में लंबी लड़ाई लड़ी, लेकिन 1999 में उनका निधन हो गया।

ऐसे चली 39 साल तक कार्रवाई

- 24 अक्टूबर 1991 कोलोअर कोर्ट ने सभी आरोपियों को दोषी करार देते हुए डेढ़-डेढ़ साल की सजा और नगद जुर्माना लगाया था।
- 24 सितंबर 1992 कोदोषियों ने लोअर कोर्ट के फैसले के खिलाफ एडिशनल सेशंस जज के पास अपील की जो डिसमिस हो गई और सजा बरकरार रखी गई।
- 28 सितंबर को 1992 कोदोषियों ने एडिशनल सेशंस जज के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया
- 18 सितंबर 2007 कोहाईकोर्ट ने इनकी अपील डिसमिस करते हुए सजा बरकरार रखी और जेल भेजने के आदेश दिए।
- 4 साल तक गिरफ्तारीनहीं हुई। 31 मई 2011 को जस्टिस निर्मलजीत कौर ने सभी भगौड़े दोषियों को अरेस्ट करने के निर्देश दिए।
- 23 सितंबर 2011 कोबलदेव सिंह, भाग सिंह, अजमेर सिंह सुच्चा सिंह को गिरफ्तर कर जेल भेजा गया। निक्का सिंह ज्वाला सिंह की तब तक मौत हो चुकी थी।
- अक्टूबर 2012 मेंदोषियों ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चैलेंज किया
- 13 फरवरी 2012 कोसुप्रीम कोर्ट ने सभी को जमानत दी। चारों साढ़े 4 माह की जेल काटकर बेल पर बाहर गए।
- 28 मार्च 2016 कोसुप्रीम कोर्ट ने इनकी अपील डिसमिस कर दी। लोअर कोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए इन्हें दोबारा जेल भेजने के निर्देश दिए।

कौन हैं दोषी
एक दोषी भाग सिंह गांव के गुरुद्वारा कमेटी का प्रधान है। बलदेव सिंह कमेटी मेंबर है, अजमेर सिंह भाग सिंह का बड़ा भाई है। 1975 में शिवालय की जमीन के बदले मिले चार लाख रुपए छह लोगों ने हड़प लिए थे, तीन दोषियों की हो चुकी है मौत।

आगे की स्लाइड्स में जानें कैसे केस आगे बढ़ा...

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