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गुरुद्वारे से बुलाकर मारी थीं 7 गोलियां, लोग देखते रहे थे तमाशा

कोर्ट में कहा कि मामले में मुख्य आरोपी विक्की गौंडर मारा जा चुका है

Danik Bhaskar | Jan 30, 2018, 04:00 AM IST
सतनाम को पांच गोलियां लगीं,जिसमें खून बहने से उसकी मौत हो गई। सतनाम को पांच गोलियां लगीं,जिसमें खून बहने से उसकी मौत हो गई।

चंडीगढ़. सेक्टर-38 में गुरुद्वारे के सामने खुलेआम हत्या कर देने के मामले की जांच कराने की मांग संबंधी याचिका पर सोमवार को चंडीगढ़ पुलिस की तरफ से पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में सीबीआई और एनआईए से जांच कराने की दलीलों को नकार दिया। कोर्ट में कहा कि मामले में मुख्य आरोपी विक्की गौंडर मारा जा चुका है। ऐसे में जांच को शिफ्ट करने की जरूरत नहीं है।

याची पक्ष के वकील मोहिंदर कुमार ने कहा कि मामले से जुड़े तीन बड़े आरोपी हरमिंदर सिंह रिंदा, हरजिंदर सिंह आकाश और दिलप्रीत सिंह अभी भी चंडीगढ़ पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। एक साल में पुलिस इस मामले में फोन कॉल डिटेल्स और सीसीटीवी फुटेज तक नहीं जुटा पाई है। ऐसे में जांच ट्रांसफर करनी चाहिए। जस्टिस दया चौधरी ने मामले पर फाइनल जिरह के लिए शुक्रवार के लिए सुनवाई तय की है।

मृतक के भाई परमिंदर सिंह उर्फ प्रिंस की तरफ से याचिका दायर में कहा गया है कि उनके भाई सतनाम सिंह का दिन-दिहाड़े गोली से भूनकर हत्या कर दी गई। मलोया पुलिस ने इस मामले में 9 अप्रैल 2017 को एफआईआर दर्ज की थी। इस सारे मामले की एक राहगीर ने वीडियो बनाकर इसे सार्वजनिक कर दिया। इससे साफ है कि कैसे खुलेआम गोलियां चलाकर सतनाम सिंह की हत्या की गई। याचिका में कहा गया कि सतनाम सिंह के भाई निशान सिंह का भी मर्डर किया गया था और इस मामले में सतनाम शिकायतकर्ता और अहम गवाह भी था। इस मामले में गवाही से ठीक दो दिन पहले सतनाम की भी हत्या कर दी गई।

एक के बाद एक छह गोलियां दागीं थीं
- कातिल आई-20 कार में आए थे। कार गुरुद्वारे के 30 कदम दूर खड़े सतनाम के ट्रक के पास आकर रुकी थी।
- आरोपियों में से एक ने फोन किया और सतनाम गुरुद्वारे से बाहर आ गया और इसके बाद वह कार की तरफ चला गया थी।
- जैसे ही सतनाम कार के पास पहुंचा तो चालक ने कार बीच सड़क खड़ी कर दी और कार से नीचे उतर सतनाम को पीटना शुरू कर दिया थी।
- एक हमलावर ने तेजधार हथियार से हाथ पर वार किया, और एक ने सिर पर रॉड मारी। इसके बाद सतनाम जान बचाने के लिए वहां से भागा और पास में ही खड़े एक ट्रक के टायरों के नीचे घुस गया था।
- कातिलों ने पहले एक गोली चलाई वो गोली उसकी टांग में लगी और तीनों हमलावरों ने टायरों के बीच में बैठे सतनाम को खींचकर बाहर निकाला। फिर दोनों तरफ से घेरने के बाद आरोपियों ने एक के बाद छह गोलियां मारीं थीं।


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गौंडर गैंग के लोग शामिल हैं : याचिकाकर्ता
याचिका में कहा गया कि इस मामले में विक्की गौंडर गैंग के लोग शामिल हैं। इस मामले में आरोपी चनप्रीत सिंह चन्ना ने नाभा जेल ब्रेक कर फरार हुए खालिस्तान लिब्रेशन आर्मी के हरमिंदर सिंह मिंटू और कश्मीर सिंह, विक्की गौंडर को मदद की थी। इसके अलावा विक्की गौंडर गैंग के हरमिंदर सिंह रिंदा, दिलप्रीत सिंह और हरजिंदर सिंह आकाश इस मामले में फरार हैं और पुलिस इन्हें गिरफ्तार करने में नाकाम रही है। ऐसे में मामले की जांच निष्पक्ष एजेंसी से कराई जाए।

ये था मामला...

रास्ते पर फैला खून। रास्ते पर फैला खून।
सरपंच सतनाम सिंह सरपंच सतनाम सिंह
इसके बाद सतनाम जान बचाने के लिए वहां से भागा और पास में ही खड़े एक ट्रक के टायरों के नीचे घुस गया। इसके बाद सतनाम जान बचाने के लिए वहां से भागा और पास में ही खड़े एक ट्रक के टायरों के नीचे घुस गया।
कातिलों ने पहले एक गोली चलाई वो गोली उसकी टांग में लगी और तीनों हमलावरों ने टायरों के बीच में बैठे सतनाम को खींचकर बाहर निकाला। कातिलों ने पहले एक गोली चलाई वो गोली उसकी टांग में लगी और तीनों हमलावरों ने टायरों के बीच में बैठे सतनाम को खींचकर बाहर निकाला।
दोनों तरफ से घेरने के बाद आरोपियों ने एक के बाद छह गोलियां मारीं। दोनों तरफ से घेरने के बाद आरोपियों ने एक के बाद छह गोलियां मारीं।