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7 साल पहले जेसीबी भी नहीं खरीद सकता था, उस अरबों के मालिक ने किया सरेंडर

अफसरों और अकाली नेताओं के नाम सामने आ सकते हैं।

Dainik Bhaskar

Dec 14, 2017, 06:47 AM IST
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चंडीगढ़. इरिगेशन के विभिन्न प्रोजेक्टों में अफसरों की मिलीभगत से करोड़ों के टेंडर लाकर करीब 2000 करोड़ के घोटाले करने के मुख्य आरोपी ठेकेदार गुरिंदर सिंह भापा ने बुधवार को मोहाली कोर्ट में सरेंडर कर दिया। कोर्ट ने उसे 16 दिसंबर तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। भापा की गिरफ्तारी के बाद इन घोटालों में कई बड़े अफसरों और अकाली नेताओं के नाम सामने आ सकते हैं।


ये वे लोग हैं जिन्हें गुरिंदर सिंह ने विदेश में यात्राएं कराईं यही नहीं अपने टेंडर पास करवाने के लिए महंगी-महंगी गाड़ियां तक गिफ्ट की हैं। बताते हैं कि करीब 7 साल पहले उसने इरिगेशन विभाग में बड़े लेवल पर काम शुरू किया। उस समय उसके पास इतने पैसे भी नहीं थे कि वह एक जेसीबी मशीन खरीद सके। जेसीबी भी उसने लोन लेकर खरीदी थी। अब उसके पास अरबों की प्राॅपर्टी और लग्जरी गाड़ियां हैं।

केस दर्ज होने के बाद 4 महीने तक रहा फरार
गुरिंदर सिंह के खिलाफ विजिलेंस ने 17 अगस्त को मोहाली में केस दर्ज किया था। उसने कुछ दिन विजिलेंस की जांच जाॅइन की, लेकिन उसके बाद वह फरार हो गया था। विजिलेंस ने उसकी तलाश में कई ठिकानों पर छापेमारी की थी, लेकिन वह विजिलेंस के हाथ नहीं आया था। करीब 4 महीने बाद अब उसने बुधवार को मोहाली कोर्ट में सरेंडर किया है।

बैंक खातों से निकालकर ले गया था करोड़ों रुपए
गुरिंदर सिंह भापा अपने अलग-अलग बैंक खातों से करोड़ों रुपए भी निकालकर ले गया था। हालांकि विजिलेंस ने उसके कई बैंक खाते सील भी करवाए थे, लेकिन गुरिंदर को पहले ही पता चल गया था कि विजिलेंस उसके बैंक खाते सील करने वाली है, इसलिए वह पहले ही अपने खातों से करोड़ों रुपए निकलवाकर ले गया। अब विजिलेंस की पूछताछ के बाद पता चलेगा कि वह बैंकों से कितना पैसा निकालकर ले गया था।

चंडीगढ़ समेत कई शहरोंमें है करोड़ों की प्राॅपर्टी
विजिलेंस की अब तक की जांच सामने आया है कि गुरिंदर सिंह उर्फ भापा की चंडीगढ़, मोहाली, लुधियाना, पटियाला, नोएडा, गुड़गांव, दिल्ली और कई अन्य जगह पर करोड़ों की प्राॅपर्टी है। विजिलेंस को अभी तक उसकी करीब 40 प्राॅपर्टीज के बारे में पता चला है, जिनकी जांच के लिए एक टीम का गठन कर दिया गया है, जिसकी अध्यक्षता एसपी लेवल के एक अफसर कर रहे हैं। उसकी करीब 100 करोड़ की प्राॅपर्टी सिर्फ मोहाली और लुधियाना में ही है।

सुखबीर सिंह बादल समेत कई अकाली नेताओं का है नजदीकी
घोटाले का आरोपी गुरिंदर सिंह भापा पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल समेत कई अकाली नेताओं का करीबी है। अकाली नेताओं की सिफारिशों और अफसरों को रिश्वतें देकर उसने ई-टेंडरिंग में करोडों के कई सिंगल टेंडर हासिल किए। इस दौरान उसने सरकार से मनमर्जी से पैसा वसूला। केस दर्ज होने के बाद उसने मोहाली के लोअर कोर्ट में एंटीसिपेटरी बेल लगाई जो रद्द होने के बाद उसने हाईकोर्ट का रुख किया पर वह भी 7 दिसंबर को रिजेक्ट हो गई। िफर उसने अब मोहाली कोर्ट में सरेंडर किया है।

डिपार्टमेंट की कई काॅन्फिडेंशियल फाइलें गुरिंदर के कब्जे में
विजिलेंस के अनुसार गुरिंदर सिंह ने इरिगेशन विभाग की कई काॅन्फिडेंशियल फाइलों पर भी अपना कब्जा जमा रखा था। विजिलेंस को उससे ऐसी कुछ फाइलें पहले बरामद हो भी चुकी हैं, लेकिन उसके फरार होने के कारण पता नहीं चल पाया था कि उसके पास और कौन-कौन सी काॅन्फिडेंशियल फाइलें हैं। विजिलेंस के अनुसार गुरिंदर सिंह विभाग की कई काॅन्फिडेंशियल फाइलें अपने साथ ही ले गया था। ये वे फाइलें हैं, जो इरिगेशन के उक्त प्रोजेक्टों से संबंधित हैं और ये फाइलें गुरिंदर और अन्य आरोपियों के खिलाफ सबूत बन सकती हैं। अब विजिलेंस उससे उन फाइलों के बारे में भी पूछताछ करेगी।

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