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70 की उम्र में ट्रेन के साथ रेस लगाता था ये बुजुर्ग, ये है उनकी फिटनेस का राज

अपने आपको फिट रखने के लिए फिजिकली मेहनत करते हैं जिसकी दम पर ही वे आज भी इस उम्र में आसानी से दौड़ लेते हैं।

Danik Bhaskar | Dec 18, 2017, 01:58 AM IST

पंचकूला. दो दिवसीय 27 वीं मास्टर्स एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में एक 90 साल के रघुबीर ने दौड़ में 3 गोल्ड मेडल जीते हैं। वे रोजाना अपने आपको फिट रखने के लिए फिजिकली मेहनत करते हैं जिसकी दम पर ही वे आज भी इस उम्र में आसानी से दौड़ लेते हैं। बता दें कि ताऊ देवीलाल स्टेडियम में आयोजित इस चैम्पियनशिप का समापन रविवार को हुआ। इसमें दूसरे दिन पंचकूला के नाम 11 मेडल रहे, जिसमें मात्र एक गोल्ड मेडल शामिल रहा।

बकरी का दूध पीते हैं ये रघुबीर

मास्टर्स एथलेटिक्स चैम्पियनशिप के जनरल सेक्रेट्री ने बताया कि दो दिनों में चैम्पियनशिप में विभिन्न आयु वर्ग के 500 से ज्यादा खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया और बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। महेंद्रगढ़ के निवासी वर्षीय रघुबीर ने बताया कि बताया कि मैं 12 बेटों को बाप हूं और इस उम्र में भी रोजाना आधा किलोमीटर से एक किलोमीटर की दौड़ लगाता हूं। 40 साल के खेल के करियर में अब तक कुल 45 मेडल जीते हैं। मैं खेल करियर के शुरूआती 20 साल में गांव से जाती ट्रेन के साथ रोजाना सुबह-शाम दौड़ लगाता था। रोजाना सुबह बकरी का दूध पीता हूं ताकि फिट रह सकूं। मेरे दांत नहीं हैं, इसके बावजूद सब कुछ खाता हूं।

75 साल की दर्शना घर से चुपचाप आईं खेल में हिस्सा लेने

घर से बिना बताए चैंपियनशिप में हिस्सा लेने पहुंची। 75 साल की दर्शना ने बताया कि सितंबर महीने में 100 साल की मनकौर और प्रेरणा ने मलेशिया व चीन में आयोजित रेस में हिस्सा लिया था तो उनकी खबर पढ़ी थी। उनसे प्रेरित होकर पंचकूला पहुंचीं और चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता। गोल्ड मेडल जीतने के बाद दर्शना ने अपने घरवालों को फोन कर बताया कि वह पंचकूला आई हैं, ठीक हैं और गोल्ड मेडल जीता है। साथ ही कहा-फिक्र न करें।

बेटियों के साथ दौड़ने की आदत ने बनाया एथलीट

कमलेश ने तीन बेटियों को एथलीट बनाने के लिए 12 साल पहले दौड़ना शुरू किया था। इसी आदत ने कमलेश को एथलीट बना दिया। उनकी बेटियां भी एथलेटिक्स गेम्स में नेशनल लेवल मेडल जीत चुकी हैं।