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9वीं क्लास के स्टूडेंट ने की सुसाइड की कोशिश, क्लास टीचर व क्लासमेट पर लगाया आरोप

पेरेंट्स चाहते हैं टीचर को हटाया जाए, तभी बेटे को भेजेंगे स्कूल

Gaurav Bhatia | Last Modified - Dec 30, 2017, 04:50 AM IST

  • 9वीं क्लास के स्टूडेंट ने की सुसाइड की कोशिश, क्लास टीचर व क्लासमेट पर लगाया आरोप

    चंडीगढ़.पंचकूला के सीएलडीएवी स्कूल सेक्टर-11 में 9वीं के स्टूडेंट ने सुसाइड की कोशिश की है। घटना 22 दिसंबर की है। इसी दिन स्टूडेंट के बैग से हुक्का पकड़ा गया था। सुसाइड नोट में उसने अपने क्लासमेट और क्लास टीचर पर इल्जाम लगाया है। स्टूडेंट अब घर आ गया है। पेरेंट्स चाहते हैं कि स्कूल टीचर को हटा दे, उसके बाद ही वे बेटे को स्कूल भेजेंगे। पेरेंट्स के मुताबिक टीचर ने बेटे को थप्पड़ मारे थे। टीचर का कहना है थप्पड़ नहीं मारे। स्कूल का कहना है कि टीचर का ट्रैक रिकॉर्ड सही है।

    पूरी क्लास के सामने मारे थप्पड़
    बच्चे के पिता सुरेंद्र बंसल ने बताया कि 22 दिसंबर को बेेटा स्कूल के मैच में ड्यूटी दे रहा था। दो स्टूडेंट्स में लड़ाई हुई तो बेटा बीच-बचाव करने लगा। एक स्टूडेंट ने बेटे को देख लेने की धमकी दी और वहां से चला गया। बाद में क्लास टीचर शिखा ने स्टूडेंट्स के बैग चेक किए तो बेटे और एक और स्टूडेंट के बैग से फ्लेवर्ड इलेक्ट्रॉनिक हुक्का मिला। बेटे ने टीचर को बताया कि धमकी देने वाले स्टूडेंट ने बैग में हुक्का रखा होगा। टीचर ने बात नहीं मानी, बेटे को पूरी क्लास के सामने थप्पड़ मारे और अगले दिन पिता को लाने के लिए कहा।

    उसके बैग से मिला था हुक्का : स्कूल
    प्रिंसिपल अंजली मड़िया ने कहा कि स्टूडेंट रेस्टलेस लग रहा था। उसकी एक्टिविटीज को टीचर ने गौर किया तो कुछ अलग लगा। 22 दिसंबर को स्टूडेंट्स ने टीचर को बताया कि वह हुक्का लेकर स्कूल आता है और बाकी स्टूडेंट्स को भी पिलाता है। बैग से हुक्का मिला। अगले दिन उसे पेरेंट्स को लाने के लिए कहा था। बाद में सुसाइड अटेम्प्ट की बात पता चली। हमने पेरेंट्स से कहा कि स्टूडेंट की काउंसिलिंग करेंगे। टीचर को हटाने का सवाल नहीं है क्योंकि उनका ट्रैक रिकॉर्ड ठीक रहा है। मुझे नहीं लगता कि टीचर ने थप्पड़ मारा होगा।

    फंदा लगाकर की सुसाइड की कोशिश
    पीरमुछल्ला में रहने वाले सुरेंद्र के मुताबिक 22 दिसंबर की शाम को बेटा क्लासमेट के घर गया। रात 8.30 बजे लौटा तो परेशान था। स्कूल में क्या नहीं बताया था। बहन को जरूर बताया था कि मर जाऊंगा। बेटी ने यह बात आगे नहीं बताई। रात 11 बजे बेटे को फंदे पर झूलते देख हॉस्पिटल ले गए।

    मैंने स्टूडेंट को नहीं मारा
    इस स्टूडेंट की क्लास टीचर शिखा ने बताया कि उन्होंने स्टूडेंट को मारा नहीं था। हुक्का मिलने पर उसके पेरेंट्स को कॉल कर कहा था कि अगले दिन स्कूल जरूर आएं। शिखा के मुताबिक- एक टीचर होने के नाते मैंने अपनी ड्यूटी निभाई है।

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