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पत्नी ने पति को पहले दीं नींद की गोलियां,फिर भी नहीं मरा तो काट कर मारा डाला

सेक्स रैकेट चलाता था मृतक, पैसों को लेकर पत्नी व साली काे करता था परेशान इसलिए किया मर्डर।

Danik Bhaskar | Jan 07, 2018, 05:22 AM IST
मृतक अब्दुल अपने बेटे के साथ। मृतक अब्दुल अपने बेटे के साथ।

खरड़. अब्दुल मर्डर केस को पुलिस ने 72 घंटों में सॉल्व करने का दावा किया है। इस मामले में मृतक की पत्नी, साली व उसके को आशिक पुलिस ने गिरफ्तार किया है। एसपी इन्वेस्टिगेशन हरबीर सिंह अटवाल की अध्यक्षता में डीएसपी कार्यालय खरड़ में आयोजित प्रेस काॅन्फ्रेंस के दौरान पुलिस ने इस बात का खुलासा किया। अटवाल के अनुसार इस मर्डर केस में सीआईए इंचार्ज त्रिलोचन सिंह की टीम व बलौंगी पुलिस ने संयुक्त जांच की। पुलिस ने शनिवार सुबह इस मामले में मृतक अब्दुल की पत्नी, साली और उसके लवर को अरेस्ट कर लिया गया है। उस दौरान वह एक बाइक पर सवार होकर फरार होने वाले थे।

बहनों ने देखा मरा नहीं तो बुलाया आशिक को

शबाना के अनुसार 2 जनवरी को गुलजार ने उन्हें नशे की दवा के दो पत्ते लाकर दिए। इसकी 20 गोलियां दोनों बहनों ने पीसकर अब्दुल को शराब में मिलाकर पिला दी। इसके बाद अब्दुल जंडपुर से अपनी पत्नी व बच्चे के साथ साली शबनम को उसके घर छोड़ने के लिए चंडीगढ़ निकल पड़ा। नशे में सेक्टर-41 के चौक पर कार चढ़ गई और चारों घायल हो गए। चंडीगढ़ पुलिस ने इन्हें सेक्टर-16 अस्पताल पहुंचाया जहां पर इन्हें इलाज के बाद छुट्टी मिल गई।

सुबह 4 बजे वह लोग कैब हायर करके जंडपुर पहुंचे। दोनों बहनों ने बेहोश अब्दुल को घर में दाखिल किया। जब अब्दुल नहीं मरा तो इन्होंने गुलजार को फोन कर बुला लिया। गुलजार कत्ल के लिए दो चाकू व एक लोहे की रॉड लेकर अपने बाइक पर आ गया। साढ़े चार बजे के करीब गुलजार बाइक पर अब्दुल और शबनम को लेकर चले गए। उन्होंने गांव हुसैनपुर के निकट उसका कत्ल कर दिया।

मोबाइल लोकेशन व फुटेज से पत्नी पर हुआ शक

जब इस परिवार के सदस्यों की मोबाइल टावर लोकेशन जांची गई तो पता चला कि अकसर रात 11 से दो बजे के बीच में वह लोग अपने घरों से बाहर ही रहते थे। वहीं कुछ गांव वालाें ने भी बताया कि इस परिवार का चाल-चलन संदिग्ध है जो देह व्यापार में संलिप्त था। अब्दुल इन दोनों बहनों की कमाई पर मौज करता था। जबकि इन्हें रुपए का कुछ हिस्सा ही मिलता था। यही कत्ल की मुख्य वजह बना।

गांव के सीसीटीवी फुटेज में घटना वाली सुबह 4 बजे दो गाड़ियां व एक बाइक क्षेत्र में आता हुई दिखीं। इसके बाद अधमरी हालत में दोनों बहनें अब्दुल को घर ले जाती दिखी। जबकि शबाना ने पुलिस को पहले बताया था कि वह लोग उसकी बहन को चंडीगढ़ छोड़कर आए थे। वही सीसीटीवी में आरोपी गुलजार व शबनम मोटरसाइकिल पर अब्दुल को बिठाकर ले जाते हुए भी कैद हुए।

पत्नी ने खाेले कत्ल के राज

शबाना ने पुलिस को बताया कि उसका प्रेम विवाह अब्दुल कायूम के साथ 2005 में दिल्ली में हुआ था। अब्दुल पहले से तलाकशुदा था और उनके चार बच्चे भी हुए। वह पिछले पांच साल से खरड़ क्षेत्र में किराए पर रहे थे। उसका पति नशे का आदी था जो अकसर उससे व बच्चों से मारपीट करता था। उसकी बहन शबनम के गुलजार के साथ प्रेम संबंध थे। उसने इन दोनों को बताया कि पति उसे पिछले 12 सालों से प्रताड़ित कर रहा है तो तीनों ने मिलकर उसके मर्डर की योजना बनाई।

गांव देसूमाजरा के खेतों से हथियार मिले

पुलिस के अनुसार कत्ल में इस्तेमाल किए गए हथियारों में पुलिस ने गुलजार की निशानदेही पर लोहे की रोड़ मौके से ही बरामद कर ली थी। जबकि चाकू को देसूमाजरा के एक गटर से बरामद किया। वहीं मृतक का गला रेतने के लिए इस्तेमाल किया गया बड़ा चाकू पास के ही खेत से बरामद किया।

मृतक अब्दुल की वाइफ। मृतक अब्दुल की वाइफ।
मौके का मुआयना करती हुई पुलिस। मौके का मुआयना करती हुई पुलिस।
पुलिस ने 72 घंटों में सॉल्व किया केस पुलिस ने 72 घंटों में सॉल्व किया केस