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वकील ने पूछा-खून से सने कपड़े तुमने पुलिस को दिए, शिकायतकर्ता बोला-मुझसे किसी ने मांगे नहीं

एडवोकेट सुखीजा ने बताया कि राठौर ने हादसे के नक्शे के मुताबिक भी बयान नहीं दिए।

Dainik Bhaskar

Dec 14, 2017, 06:33 AM IST
डेमोफोटो डेमोफोटो

चंडीगढ़. हिमाचल के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के भतीजे आकांक्ष सेन की मौत के मामले में शिकायतकर्ता अदम्य सिंह राठौर ने पिछली सुनवाई पर आरोपी हरमेहताब सिंह उर्फ फरीद के खिलाफ कोर्ट में गवाही दी थी। गवाही के बाद बुधवार को डिफेंस के वकील एएस सुखीजा ने उनका क्रॉस एग्जामिनेशन किया। ज्यादातर सवालों पर कहा- उसे याद नहीं
एडवोकेट सुखीजा ने बताया कि राठौर ने हादसे के नक्शे के मुताबिक भी बयान नहीं दिए।

राठौर ज्यादातर सवालों का यही जवाब दे रहा था कि उसे कुछ पता नहीं या उसे याद नहीं। अब मामले की अगली सुनवाई 11 जनवरी के लिए तय की गई है जिसमें बाकी गवाहों के बयान होंगे।


मामला : 9 फरवरी 2017 की रात आकांक्ष के सेक्टर-9 में रहने वाले दोस्त दीप ने नाइट हाउस पार्टी रखी थी। यहां आकांक्ष के साथ उसका दोस्त शेरा भी आया। जबकि दीप ने बलराज और हरमेहताब को बुला रखा था। आकांक्ष के दोस्त शेरा और बलराज का पुराना विवाद था, जो रातभर चली हाउस पार्टी में गर्मा गया। बलराज और शेरा में मारपीट हो गई। आकांक्ष छुड़ाने लगा। पहले मारपीट को रोककर आकांक्ष वहां से चला गया, लेकिन शेरा वहीं रह गया। उसे लेने के लिए जब वापस आकांक्ष गया तो बलराज ने आकांक्ष पर गाड़ी चढ़ा दी। आरोप है कि गाड़ी में साथ की सीट पर बैठे हरमेहताब ने कहा था कि अभी वह मरा नहीं है, दोबारा गाड़ी चढ़ा दे, जिस पर बलराज ने गाड़ी रिवर्स की और दोबारा आकांक्ष पर चढ़ा दी। इस मामले में मुख्य आरोपी बलराज रंधावा अभी फरार है और कोर्ट उसे भगौड़ा करार दे चुकी है।

अदम्य से डिफेंस के वकील के सवाल-जवाब

वकील: हादसे के बाद तुमने आकांक्ष को गाड़ी में डाला तो क्या तुम्हारे कपड़ों पर खून लगा था?
राठौर: हां लगा था।
वकील: तो तुमने उन कपड़ों का क्या किया?
राठौर: पुलिस ने कपड़े मांगे नहीं तो मैंने दिए नहीं।
वकील: जब तुम शेरा को बचाने के लिए मौके पर गए तो शेरा ने आकांक्ष को पीजीआई ले जाने में तुम्हारी मदद क्यों नहीं की?
राठौर: मैंने शेरा से मदद मांगी ही नहीं।
वकील: असल में अदम्य राठौर ने जो बयान दिए वे झूठे हैं, उस रात राठौर ने बहुत शराब पी रखी थी, वह नशे में था, जिस कारण वह मौके पर पहुंचा ही नहीं। जब बलराज ने आकांक्ष को टक्कर मारी, उस वक्त तुम कार से कितनी दूर थे?
राठौर: वह 30 फीट दूर खड़ा था।
वकील: तो इतनी दूर से तुम्हें ये कैसे सुनाई दे गया कि फरीद ने कहा कि ‘आकांक्ष मरा नहीं, उस पर दोबारा गाड़ी चढ़ा दे’।
राठौर: फरीद ने गुस्से में पूरे जोश से ये बात कही थी, इसलिए सुनाई दे गया।

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