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पेपर शुरू होते ही वॉट्सएप ग्रुप में आने लगे जवाब, ये था नकल करने का नया तरीका

मोबाइल पर दो ऐसे वॉट्स ग्रुप मिले हैं, जिनमें जवाब आ रहे थे। दोनों ग्रुप्स में 434 स्टूडेंट्स हैं।

Danik Bhaskar | Dec 16, 2017, 05:46 AM IST

चंडीगढ़. डीएवी कॉलेज सेक्टर-10 में शुक्रवार को ऑर्गेनाइज्ड तरीके से पेपर लीक और ऑनलाइन चीटिंग का मामला सामने आया है। पंजाब यूनिवर्सिटी की ओर से सोशियाेलॉजी के सेमेस्टर-1 और पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन के सेमेस्टर-5 का एग्जाम शुक्रवार को लिया गया। डीएवी कॉलेज में पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन का पेपर दे रहे स्टूडेंट रवि के पास मोबाइल फोन मिला जिसमें वॉट्सएप ग्रुप में सारे सवालों के जवाब आ रहे थे। सेंटर सुपरिंटेंडेंट ने उसे मोबाइल इस्तेमाल करते देखा और पकड़ा। रवि के मोबाइल पर दो ऐसे वॉट्स ग्रुप मिले हैं, जिनमें जवाब आ रहे थे। दोनों ग्रुप्स में 434 स्टूडेंट्स हैं।


पीयू के कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशंस परविंदर सिंह ने पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन का एग्जाम रद्द कर दिया है, लेकिन सोशियोलॉजी के एग्जाम को कैंसिल नहीं किया गया है। ऑर्गेनाइज्ड तरीके से हुए इस पेपर लीक और चीटिंग में न डीएवी मैनेजमेंट ने पुलिस को शिकायत दी है, न ही पीयू ने।


पेपर शुरू होने के थोड़ी देर बाद सेंटर सुपरिंटेंडेंट ने रवि को मोबाइल इस्तेमाल करते हुए पकड़ा। उसका वॉट्सएप ग्रुप चेक किया तो पता चला कि जो एग्जाम चल रहा है उसी के जवाब आ रहे हैं। वॉट्सएप ग्रुप को कम्प्यूटर पर खोला गया तब भी लगातार सवालों के जवाब आते जा रहे थे। कॉलेज स्टाफ यह देख रहा था लेकिन कुछ करने में बेबस था। ये समझ ही नहीं पा रहे थे कि पेपर सॉल्व करके भेजने वाला कहां बैठा है और इसके दम पर नकल करने वाले स्टूडेंट्स कौन हैं और किस-किस कॉलेज में बैठे हैं। यह पेपर सिर्फ चंडीगढ़ में नहीं पूरे पंजाब में हो रहा था। इसके बाद मौके पर क्राइम ब्रांच की टीम को बुलाया गया, लेकिन फिलहाल पुलिस को शिकायत नहीं दी गई है।

अनफेयर मींस का स्पेशल केस
डीएवी कॉलेज ने रवि के खिलाफ अनफेयर मींस का स्पेशल केस बनाकर पीयू को दिया है। दरअसल जब उसे पकड़ा गया, तब तक उसने आंसरशीट पर कुछ भी नहीं लिखा था। वॉट्सएप ग्रुप में जो आंसर आए उसके आधार पर स्पेशल केस बनाया गया है। 200 प्रिंट निकाले गए हैं।

ऐसे हुई ऑनलाइन चीटिंग...

1. एग्जाम सुबह 9.30 बजे शुरू हुआ। इसके चंद मिनटों के बाद ही सोशियोलॉजी और पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन का पेपर लीक होकर ग्रुप में जवाब भी आने लगे।
2. एक-एक करके आंसर्स को सॉल्व करके ग्रुप में डाला जा रहा था। जवाब तीनों लैंग्वेज- अंग्रेजी, हिंदी और पंजाबी में आ रहे थे।

3. क्वेश्चन पेपर कैसे लीक हुआ इसकी दो थ्योरी हैं। पहली तो यह कि कॉलेज के ही किसी स्टाफ ने क्वेश्चन पेपर की फोटो खींच इसे किसी आउटसाइडर को भेजा। दूसरे थ्योरी यह कि किसी स्टूडेंट ने ही क्वेश्चन पेपर की फोटो एग्जाम के दौरान खींचकर आउटसाइडर को भेजी।

ऐसा रवैया... कंट्रोलर कहते रहे

पंजाब में ऐसा होना आम बात है सुबह 10 बजे तक डीएवी कॉलेज को यह साफ हो गया था कि मामला सिर्फ चीटिंग का नहीं है, बल्कि ऑर्गेनाइज्ड तरीके से पेपर लीक कराके नकल कराई जा रही है। कॉलेज ने पीयू के कंट्रोलर ऑप एग्जामिनेशन परविंदर सिंह और चंडीगढ़ पुलिस की क्राइम ब्रांच से संपर्क किया। क्राइम ब्रांच की टीम 10 मिनट में पहुंच गई, लेकिन परविंदर सिंह दोपहर 1 बजे के बाद आए। वह पहले तीन घंटे तक डीएवी कॉलेज को यही कहते रहे कि किसी मीटिंग में बिजी हैं। कॉलेज आने के बाद एक घंटे तक प्रिंसिपल रूम में मीटिंग करके मामले को समझा और आखिर में क्राइम ब्रांच को शिकायत तक नहीं दी। कॉलेज स्टाफ का कहना है कि मीटिंग में भी परविंदर सिंह यही कहते रहे कि यह कोई बड़ी बात नहीं है और पंजाब में तो ऐसा होना बहुत आम बात है।

ग्रुप में मैसेज- पेपर अपलोड कर दिया, हुण चक दो फट्‌टे

इस वॉट्सएप ग्रुप पर किसी ने मैसेज डाला था- पेपर अपलोड कर दिया, हुण चक दो फट्‌टे... इसके बाद ही ग्रुप में सवालों के जवाब आने लगे। रवि के मोबाइल के वॉट्सएप ग्रुप में पिछले एक साल के लगभग 70 पेपर मिले हैं। इनमें गाइड्स और नोट्स की प्रिंटेड कॉपीज की फोटो हैं। यूनिवर्सिटी ग्रुप में मौजूद नंबरों की जांच रविवार से शुरू करेगी। रवि का मोबाइल एग्जामिनेशन डिपार्टमेंट के पास सीलबंद है। इसे रिटायर जज वाली यूएमसी कमेटी खोलेगी। इसके बाद ही पुलिस को इन्वॉल्व करने पर फैसला होगा। कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन प्रो. परविंदर सिंह ने कहा कि ग्रुप में हुई चैटिंग की फाइल डीएवी कॉलेज ने यूनिवर्सिटी को सौंप दी है। इसमें सभी पेपर बीए के ही थे। नकल की सूचना पर पूर्व डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर प्रो. अमरीक सिंह आहलूवालिया और पूर्व फैलो डॉ एमसी सिद्धू मौके पर पहुंचे थे। वीसी अरुण ग्रोवर ने भी इस बारे में मीटिंग ली है। मीटिंग में आशंका जताई गई है कि ये रैकेट पंजाब के किसी शहर से चल रहा है। कोई ऐसी एकेडमी शामिल हो सकती है, जो स्टूडेंट्स को पास कराने की गारंटी देती है।

पेपर आउट होने से इनकार

कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन प्रो परविंदर सिंह का कहना है कि पेपर आउट होने की आशंका नहीं है। ऐसा होता तो सुबह तक पूरे जवाब ग्रुप में होते, जबकि सुबह 9.30 बजे तक तीन सवालों के जवाब भी पूरे नहीं आए थे। सोशियोलॉजी का पेपर कैंसिल ना करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि लेटेस्ट पेपर पेपर का क्वेश्चन पेपर या उत्तर फिलहाल ग्रुप में नहीं मिला है।

पब्लिक एड का पेपर 23 को
यूनिवर्सिटी ने बीए 5वे सेमेस्टर का पब्लिक एड का लोकल गवर्नमेंट – विद स्पेशल रेफरेंस टू पंजाब का पेपर रद्द कर दिया है। पेपर का कोड 0429 है। इसमें चंडीगढ़ और पंजाब के करीब 3500 स्टूडेंट्स बैठे थे। पेपर अब 23 दिसंबर को होगा।

हमने पाया है कि दो वॉट्सएप ग्रुप में पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन और सोशियोलॉजी के पेपर के जवाब आ रहे थे। सेंटर सुपरिटेंडेंट ने यूएमसी केस बनाकर पीयू को सौंप दिया है। चूंकि इसमें करीब 500 स्टूडेंट्स शामिल हो सकते हैं इसलिए पीयू को एक्शन लेने के लिए कहा है। -बीसी जोसन, प्रिंसिपल, डीएवी कॉलेज सेक्टर 10