चंडीगढ़ समाचार

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बहन के सामने भाई का सिर हुआ धड़ से अलग, कहता था एग्जाम के बाद खेलेंग ये गेम

सीट के नीचे से पड़ा मृतक बच्चे के सिर का हिस्सा, बहन ने मां को फोन पर बताया भाई सीट पर मरा पड़ा है।

Dainik Bhaskar

Feb 13, 2018, 04:01 AM IST
बहन ख्वाहिश और मृतक समर्थ बहन ख्वाहिश और मृतक समर्थ

खरड़ (चंडीगढ़). खरड़-माेरिंडा हाईवे पर करीब सवा सात बजे सेंट जोसफ स्कूल सेक्टर-44 की बस को पंजाब रोडवेज की बस ने टक्कर मार दी। इस हादसे में बस में सवार 4th क्लास के स्टूडेंट समर्थ सचदेवा की मौत हो गई। समर्थ के पिता रामपाल सचदेवा का प्रॉपर्टी डीलिंग का काम है। उनका परिवार खरड़ के ग्रीन एन्क्लेव में रहता है।

- सुबह मां पूजा ने बेटा समर्थ और बेटी ख्वाहिश को तैयार करके स्कूल भेजा था। कुछ ही देर में हादसे में बेटे की मौत की खबर आ गई।

- अचानक बेटा खो देने के बाद मां पूजा बार-बार बेसुध हो रही थी और होश में आने पर बेटे का चेहरा देखने के लिए चीख रही थी। बार-बार कह रही थी- केक लाऊंगी... उठ जा।

बहन ने बताया भाई कहता था ये

- हादसे की चश्मदीद ख्वाहिश के चेहरे व कान पर चोट आई है। उसने रोते हुए बताया- स्कूल बस समय पर होती तो मेरा भाई आज मेरे पास होता।

- रोज बस सुबह 6.55 पर आती है, सोमवार को 7.05 बजे आई। मैं बस में लास्ट सीट पर बैठी थी। भाई अरव के साथ सेकेंड लास्ट सीट पर बैठा था।

- कुछ देर बाद मैं उठकर आगे की तरफ सीट पर बैठ गई। मैंने देखा कि अटेंडेंट आंटी बार-बार एक बस को रुकने का इशारा कर रही थी, लेकिन बस ने टक्कर मार दी।

- टक्कर के बाद मैं भाई को देखने पीछे भागी तो... (यह कहते हुए वह फूट-फूटकर रोने लगी) अभी एग्जाम होने वाले हैं।

- समर्थ कहता था कि पेपरों के बाद सब मिलकर पर्सन-1 व 2 वाली गेम खेलेंगे। स्कूल बस लेट न होती तो हादसा ही न होता। क्या अब मेरा भाई कभी नहीं आएगा?

सीट के नीचे से िमला मृतक बच्चे के सिर का हिस्सा

- जब पुलिस समर्थ के शव को बस से बरामद कर रही थी तो उसके सिर का एक हिस्सा टूट जाने के कारण स्कूल कैप सहित सीट के नीचे से उठाया गया।

- जल्दबाजी में पुलिस उसका शव व सिर का हिस्सा तो हॉस्पिटल ले आई, लेिकन उसका ब्रेन मैटर बस की सीट पर पड़ा रहा।

- पोस्टमाॅर्टम के समय बच्चे के घरवालों को इस बात की जानकारी हुई तो उन्होंने डॉक्टरों द्वारा पुलिस से संपर्क कर ब्रेन मैटर रिकवर करवाया।

रोडवेज बस में सवार किसी ने जख्मी स्टूडेंट्स की मदद नहीं की

- समगौली के सरकारी स्कूल में लैक्चरार, गांव पक्की रूड़की नवासी हरजीत सिंह ने बताया वह सुबह ड्यूटी के लिए घर निकला। पहले उसने हाईवे किनारे खड़ी रोडवेज बस के पास लोग खड़े देखे उसने सोचा कि बस खराब हो गई होगी, लेकिन जब हाईवे के दूसरी ओर स्कूल बस देखी तो वह रुक गया।

- उसने देखा स्कूल बस चालक व अटेंडेट बस में खड़े थे। जबिक बस में सवार बच्चे रो रहे थे। वह तुरंत भाग कर बस में चढ़ा व कुछ बच्चों को घायल देखकर बच्चों को अपने साथ ले जाना चाहा, लेकिन बच्चे डरे हुए थे।

- जब उसने कहा कि वह टीचर है तो सहमे बच्चे उसकी कार में आ गए। वह उन्हें लेकर सिविल हॉस्पिटल खरड़ पहुंचा।

- ख्वाहिश ने उसी के फोन से अपनी मां को फोन कर दुर्घटना की सूचना दी। रास्ते में ही ख्वाहिश ने उसे बताया कि उसका भाई पिछली सीट पर मरा पड़ा है।

- रोडवेज बस में सवार किसी ने स्टूडेंट्स की मदद नहीं की।

स्कूल बस में फैला खून। स्कूल बस में फैला खून।
एम्बूलेंस में जाती हुई ख्वाहिश। एम्बूलेंस में जाती हुई ख्वाहिश।
इस बस ने मारी टक्कर। इस बस ने मारी टक्कर।
रोडवेज बस ने स्कूल बस के इस हिस्से में मारी टक्कर। रोडवेज बस ने स्कूल बस के इस हिस्से में मारी टक्कर।
ऐसे हुई थी टक्कर। ऐसे हुई थी टक्कर।
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बहन ख्वाहिश और मृतक समर्थबहन ख्वाहिश और मृतक समर्थ
स्कूल बस में फैला खून।स्कूल बस में फैला खून।
एम्बूलेंस में जाती हुई ख्वाहिश।एम्बूलेंस में जाती हुई ख्वाहिश।
इस बस ने मारी टक्कर।इस बस ने मारी टक्कर।
रोडवेज बस ने स्कूल बस के इस हिस्से में मारी टक्कर।रोडवेज बस ने स्कूल बस के इस हिस्से में मारी टक्कर।
ऐसे हुई थी टक्कर।ऐसे हुई थी टक्कर।
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