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देश का पहला चाइल्ड कैंसर हॉस्पिटल बनेगा चंडीगढ़ में, गवर्नर ने ली मीटिंग

bhaskar news | Last Modified - Dec 04, 2017, 04:55 AM IST

टाटा कैंसर हाॅस्पिटल और पीजीआई के सहयोग से होगा तैयार, शाॅर्ट स्टे सुविधा भी होगी।
  • देश का पहला चाइल्ड कैंसर हॉस्पिटल बनेगा चंडीगढ़ में, गवर्नर ने ली मीटिंग
    डेमो फोटो

    चंडीगढ़.देश का पहला चाइल्ड कैंसर सुपर स्पेशिएलिटी हाॅस्पिटल चंडीगढ़ में बनेगा। यह हाॅस्पिटल टाटा और पीजीआई के सहयोग से तैयार होगा। एडमिनिस्ट्रेटर वीपी सिंह बदनोर की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में इस हाॅस्पिटल का खाका तैयार कर लिया गया है। इस बैठक में पीजीआई और जीएमसीएच-32 के डायरेक्टर तथा टाटा मेमोरियल कैंसर हाॅस्पिटल के प्रतिनिधि मौजूद थे। इस हाॅस्पिटल में बच्चों के कैंसर के इलाज के लिए मेडिकल सुविधा से लेकर सर्जरी तथा उनके पेरेंट्स के लिए शाॅर्ट स्टे की सुविधा मौजूद होगी।


    एडमिनिस्ट्रेटर बदनोर ने प्रशासन के अफसरों को इस हाॅस्पिटल के लिए जमीन का बंदोबस्त करने को कहा है। इसके साथ-साथ आगामी बजट में भी इसके लिए प्रावधान करने को कहा गया है। हाॅस्पिटल के लिए एक्सपर्ट कमेटी का गठन किया जाएगा। देश में अभी तक बच्चों के लिए कैंसर का कोई स्पेशलाइज्ड हाॅस्पिटल नहीं है। वैसे तो मुल्लापुर में टाटा मेमोरियल कैंसर हाॅस्पिटल बन रहा है। चंडीगढ़ में बच्चों का कैंसर हाॅस्पिटल बनने से यह रीजन कैंसर के इलाज के लिए प्रमुख सेंटर बन जाएगा। पीजीआई चंडीगढ़ में रेडियोथैरेपी डिपार्टमेंट ने 1971 से इंडिपेंडेंट रूप से काम करना शुरू किया था। वर्ष 2005 में इसे नेशनल कैंसर कंट्रोल प्रोग्राम के तहत नेशनल रीजनल कैंसर सेंटर के रूप में डेवलप किया गया।


    अटेंडेंट के रहने वालों का भी होगा अरेंजमेंट: देश के किसी भी कैंसर हाॅस्पिटल में मरीजों के साथ-साथ उनके अटेंडेंट के लिए स्टे की सुविधा मौजूद नहीं है। अपोलो हाॅस्पिटल विदेशी पेशेंट के अटेंडेंट को हाॅस्पिटल के पास होटल में स्टे की सुविधा मुहैया करवाता है। ऐसे ही यहां भी स्टे का इंतजाम होगा। एडमिनिस्ट्रेटर वीपी सिंह बदनोर ने प्रशासन के अफसरों को इस प्रोजेक्ट को एक टाइम बाउंड पीरियड के तहत पूरा करने को कहा है।

    मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ से ली जाएगी ग्रांट

    इस हाॅस्पिटल के लिए मिनिस्ट्री आॅफ हेल्थ से भी ग्रांट ली जाएगी। यह सुपर स्पेशिएलिटी हाॅस्पिटल न केवल देश बल्कि इंटरनेशनल लेवल की जरूरतें भी पूरी करेगा। एशिया में भी बच्चों के लिए स्पेशलाइज्ड कैंसर हाॅस्पिटल नहीं है। एक डाटा के अनुसार एम्स दिल्ली में एक साल में 520 इंटरनेशनल पेशेंट इलाज के लिए आते हैं। इनमें से 35 परसेंट मरीज कैंसर के ट्रीटमेंट के लिए आए थे। टाटा मेमोरियल सेंटर विदेशी मरीजों के लिए आॅनलाइन कंसल्टेंसी की सुविधा प्रदान करता है। चंडीगढ़ में बनने वाले हाॅस्पिटल में भी यह सुविधा मौजूद होगी।

    एक छत के नीचे होगा इलाज

    हालांकि कैंसर पीड़ित बच्चों का अभी भी इलाज होता है। लेकिन उन्हें अभी कैंसर के इलाज के लिए कई जगह चक्कर काटने पड़ते हैं। लेकिन इस सेंटर के बनने के बाद बच्चों को एक ही जगह इलाज मिलेगा। साथ सेंटर के खुलने से चंडीगढ़ ही नहीं पूरे रीजन को तो फायदा होगा ही बल्कि पूरे देश को फायदा होगा। क्योंकि देश में अपनी तरह का पहला ऐसा सेंटर होगा।-प्रो. जगत राम, डायरेक्टर, पीजीआई

    मीटिंग हुई है

    इस रीजन में बच्चों के लिए कैंसर हॉस्पिटल बनाने के बारे में मीटिंग हुई है। कैंसर हॉस्पिटल बनाने के लिए जमीन की तलाश की जा रही है। -अनुराग अग्रवाल, होम सेक्रेटरी

    फैक्ट -फिगर्स

    - हर साल दुनिया में 20 साल से कम बच्चों में 250,000 से ज्यादा केस कैंसर के सामने आ रहे हैं।
    - इसका मतलब हर रोज करीब 700 नए बच्चे कैंसर की चपेट में आते हैं।
    - 91,250 के करीब बच्चे हर साल कैंसर के कारण अपनी जान खोते हैं।
    - बच्चों में बोन मैरो और ब्लड कैंसर यानी ल्यूकेमिया सबसे ज्यादा पाया जाता है।
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Web Title: Countrys First Child Cancer Hospital Will Be Built In Chandigarh
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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