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सीएसआईओ ने बनाया देश का पहला मिलिट्री एविएशन प्लेटफाॅर्म, टेक्नालॉजी ट्रांसफर

इस तरह की तकनीक इजराइल, अमेरिका, यूके और फ्रांस में ही उपलब्ध है।

Danik Bhaskar | Dec 17, 2017, 06:44 AM IST

चंडीगढ़. सीएसआईओ के साइंटिस्ट विनोद करार ने हेड अप डिस्प्ले तैयार करने के बाद एक कदम आगे बढ़ते हुए मिलिट्री एविएशन कॉकपिट डिस्प्ले वेलिडेशन प्लेटफाॅर्म (एमएसीडीवीपी) तैयार किया है। यह देश का पहला ऐसा प्लेटफाॅर्म है, जो अलग-अलग एयरक्राफ्ट के हेड अप डिस्प्ले, गन साइट्स, ऑप्टिकल साइट्स, एसटीए पैलोड्स का टेस्ट, केलिब्रेशन में सामंजस्य कर सकता है।

सीएसआईओ में इसे मेक इन इंडिया के तहत तैयार किया गया है। इसका फायदा यह होगा कि जब किसी भी टारगेट को साधेंगे तो प्लेटफाॅर्म के द्वारा उनका हार्मोनाइजेशन सेट कर पाएंगे। इसके अंदर कॉली मीटर लगाया गया है, जिससे 25 मीटर से ज्यादा दूरी को सिमुलेट कर पाएंगे। इससे डिस्प्ले और ऑप्टिकल साइट्स के लिए बड़े हैंगर की जरूरत नहीं पड़ेगी। शनिवार को सीएसआईओ में तैयार इस तकनीक को भारत इलेक्ट्राॅनिक्स लि. पंचकूला और रक्षा मंत्रालय को ट्रांसफर किया गया। जो फाइटर विमानों के लिए उड़ान से पहले क्लीयरेंस, उड़ान के बाद एनालिसिस, परीक्षण आदि ऑप्टिकल एवं इलेक्ट्रिकल प्रोसेस, लेजर रेंजर बोर साइटिंग टूल का काम करेगा। अभी तक इस तरह की तकनीक इजराइल, अमेरिका, यूके और फ्रांस में ही उपलब्ध है।

विदेशी इक्विपमेंट से आधी कीमत
डॉ.करार ने बताया कि इस इक्विपमेंट की खास बात यह होगी कि इसमें विदेशों में तैयार होने वाले इस तरह के इक्विपमेंट से ज्यादा फीचर्स होंगे। जबकि कीमत की बात करें तो यह उनसे लगभग आधी कीमत पर यहां पर तैयार होगा। विदेशों से आने वाले एविएशन कॉकपिट डिस्प्ले वेलिडेशन प्लेटफार्म की कीमत 6 से8 करोड़ रुपए है। जबकि यहां पर यह मात्र दो से 3 करोड़ रुपए में ही तैयार हो जाएगा। डॉ. करार ने बताया कि अभी इस तरह का इक्विपमेंट इजराइल, अमरीका, यूके और फ्रांस में ही मिलते हैं। इस तकनीक को तैयार करने में तीन साल लगे हैं। डिफेंस से इस इक्विपमेंट को सर्टिफाइड कराने में लगभग एक साल का वक्त लगा है। डॉ. करार ने बताया कि बाहर से अगर इस तरह की तकनीक अगर भारत में इंपोर्ट की जाती है तो सामरिक कारणों के चलते वे पूरे फीचर्स नहीं देती हैं। जबकि यह मेक इन इंडिया के तहत भारत में ही तैयार किया गया है तो इसमें बाहर से इंपोर्ट होने वाली तकनीक से लगभग 70 फीसदी ज्यादा फीचर्स मिलेंगे।