Hindi News »Union Territory »Chandigarh »News» DNA Positive Despite Acquittal

कोर्ट नहीं आई रेप पीड़िता तो डीएनए पॉजिटिव होने के बावजूद आरोपी बरी

11 महीने से विक्टिम गायब, नवजात से मैच हुअा था आरोपी का डीएनए

11 महीने से विक्टिम गायब, नवजात से मैच हुअा था आरोपी का डीएनए | Last Modified - Jan 24, 2018, 08:35 AM IST

  • कोर्ट नहीं आई रेप पीड़िता तो डीएनए पॉजिटिव होने के बावजूद आरोपी बरी

    चंडीगढ़.तीन महीने पहले एक दस साल की बच्ची से रेप के मामले में जिला अदालत ने आरोपी मामा को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। बच्ची प्रेग्नेंट हो गई थी और नवजात बच्ची के साथ आरोपी मामा का डीएनए मैच हो गया था। लेकिन इससे मिलते-जुलते एक केस में जिला अदालत ने आरोपी को सोमवार को बरी करार दिया। जबकि इस केस में भी आरोपी फूफा प्रकाश के साथ रेप पीड़िता के नवजात बच्चे का डीएनए भी मैच हो गया था। फिर भी कोर्ट ने आरोपी को बरी कर दिया।

    ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि रेप पीड़िता पिछले 11 महीनों से कोर्ट में पेश ही नहीं हो रही थी। रेप पीड़िता इतने महीनों से कहां थी, इसका किसी को पता नहीं चला। यहां तक कि पुलिस ने भी कोर्ट में बयान दे दिया कि उन्हें पीड़िता की कोई खबर नहीं मिली। पीड़िता को पुलिस ने उसके रिश्तेदारों को हैंडओवर कर दिया था। लेकिन बाद में न तो रिश्तेदारों का पता चला और न ही पीड़िता का। इस संबंध में कोर्ट ने डीजीपी को नोटिस भी किया था।

    ये है मामला
    यूपी की रहने वाली पीड़िता चंडीगढ़ में अपनी बुआ के पास रहने आई थी। उसकी बुआ सेक्टर-32 में डॉक्टर कालोनी में डॉ. संजीव गर्ग के घर पर काम करती थी। बुआ ने नाबालिग को भी डॉक्टर के घर काम पर लगा दिया। कुछ समय बाद उन्हें पता चला कि नाबालिग प्रेग्नेंट हैं। इस केस में बच्ची के फूफा प्रकाश पर उसके साथ रेप के आरोप लगे थे।

    इसलिए आरोपी फूफा हुआ बरी...
    पहला कारण :
    पीड़िता पिछले 11 महीने से बयान देने कोर्ट में ही नहीं आ रही थी।
    दूसरा कारण : पीड़िता ने पहले मजिस्ट्रेट के सामने किसी और के खिलाफ शिकायत दी थी।

    पहले आरोप लगे एक डॉक्टर पर, बाद में आया फूफा का नामसितंबर 2015 के इस मामले में नाबालिग ने अपने फूफा प्रकाश के खिलाफ रेप की शिकायत दी थी। बच्ची प्रेग्नेंट हो गई और उसने एक बच्चे को जन्म भी दे दिया। लेकिन जब मजिस्ट्रेट के सामने नाबालिग के बयान हुए तो उसने एक डॉक्टर संजीव गर्ग का नाम ले दिया जिसके घर वह डोमेस्टिक हेल्पर के तौर पर काम करती थी। इस केस में फिर पुलिस ने उस डॉक्टर को भी आरोपी बनाया। फिर पुलिस ने कोर्ट की परमिशन के बाद सच जानने के लिए दोनों आरोपियों का नवजात बच्चे के साथ डीएनए टेस्ट किया तो रिपोर्ट फूफा के खिलाफ आई। जिसके बाद डॉक्टर को जिला अदालत ने डिस्चार्ज कर दिया था।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |
Web Title: DNA Positive Despite Acquittal
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From News

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×