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पिता ने ट्रेन से कटकर किया सुसाइड, रोती बहन को संभालते हुए भाई ने कहा ऐसा

पुलिस ने थर्ड डिग्री की धमकी देकर बुलाया था 19 को, उससे पहले ही ट्रेन से कट गए।

Danik Bhaskar | Jan 21, 2018, 07:09 AM IST
ड्राइवर के शव को पोस्टमाॅर्टम के बाद घरवालों के हवाले कर दिया गया। ड्राइवर के शव को पोस्टमाॅर्टम के बाद घरवालों के हवाले कर दिया गया।

चंडीगढ़/डेराबस्सी. एडवोकेट घर हुई डेढ़ करोड़ की ज्वेलरी लूट में पुलिस कोई सुराग हासिल करने में पूरी तरह नाकाम रही। इस लूट के 10 दिन बाद शुक्रवार को जैन के ड्राइवर अविनाश यादव ने ट्रेन से कटकर जान दे दी थी। अविनाश ने सुसाइड नोट में लिखा था- पुलिस की मार और लोगों की जिल्लत अब बर्दाश्त नहीं कर सकता। इस सुसाइड नोट में से ‘पुलिस की मार’ को पूरी तरह नजरअंदाज करते हुए शनिवार को जीआरपी लालड़ू पुलिस ने अजीत जैन के खिलाफ सुसाइड के लिए उकसाने का केस (धारा-306) दर्ज कर लिया है। रेलवे पुलिस के मुताबिक अविनाश के बेटे पंकज के बयान पर यह केस दर्ज किया गया है। बेटे ने सुना था ये...

पंकज ने आरोप लगाया है कि उनके पिता वीरवार को जैन को लेकर कहीं जा रहे थे। फैमिली के साथ जैन पीछे बैठेे थे, पिता कार ड्राइव कर रहे थे। तभी पिता ने जैन को कहते सुना कि ड्राइवर को पुलिस से थर्ड डिग्री दिलवाऊंगा। पिता ने घरवालों से इस वाकये का जिक्र किया था। 19 जनवरी को पुलिस ने उन्हें फिर बुलाया था। थर्ड डिग्री ट्रीटमेंट से घबराकर पिता ने जान दे दी। जैन के खिलाफ कार्रवाई की जाए। रेलवे पुलिस के इंचार्ज रामपाल सिंह ने बताया कि पंकज के बयान को आधार मानकर जैन के खिलाफ एफआईआर नंबर 6 के तहत केस दर्ज किया है। हैंड राइटिंग मिलाने के लिए अविनाश का सुसाइड नोट लैब भेजा जाएगा।

पिता के अंतिम संस्कार के मौके पर बेटे ने लगाए बिजनेसमैन अजीत जैन पर आरोप

50 साल के अविनाश यादव ने शुक्रवार को ट्रेन से कटकर जान दे दी थी। शनिवार को मनीमाजरा में उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान बेटा पंकज, फैमिली मेंबर्स और पंकज के कई जानने वाले मौजूद थे। इस मौके पर पंकज ने बताया- अजीत जैन के शक ने मेरे सिर से पिता का साया छीन लिया। मैं तो पहले ही पिता से कह रहा था कि अब अपना ही काम करें। मेरी कमाई से घर ठीक-ठाक चल रहा था। जैन ने ही पुलिस पर दबाव बनाया, जिस वजह से पुलिस पिता को परेशान कर रही थी।

पिता का फोन भी जैन ने दो दिन पहले ले लिया था। जैन के घरवालों ने पिता के फोन से ही जैन को लूट के बारे में बताया था। वह पहले कई जगह नौकरी कर चुके थे, कहीं भी इस तरह का कोई मामला नहीं हुआ। जैन पुलिस के जरिए पिता पर दबाव बना रहे थे कि वह इस लूट में अपनी इन्वॉल्वमेंट कबूल कर लें। नए होने की वजह से जैन और उनका परिवार पिता पर लगातार शक कर रहे थे।

रोती हुई बहन को संभालते हुए कहा- मुझे इंसाफ चाहिए
अविनाश की बड़ी बेटी सरिता भी भाई के साथ थी। 9 जनवरी को जैन के घर लूट हुई थी, उससे ठीक एक दिन पहले सरिता का रसौली का ऑपरेशन हुआ था। रोती हुई बीमार बहन को संभालते हुए पंकज ने कहा कि उनको इंसाफ चाहिए। बेटी के ऑपरेशन के बावजूद पिता ड्यूटी पर थे। वह चौकीदार के साथ कुरियर करवाकर लौटे तो ये घटना (जैन के घर लूट) हो गई।
- परिवार पहले राजीव कॉलोनी में रहता था, दो साल पहले ही जीरकपुर शिफ्ट हुआ था।
- पंकज पांच साल से मोबाइल रिपेयर का अपना काम कर रहा है। अब उस पर तीन बहनों की जिम्मेदारी है।
शुक्रवार तक कोई बात नहीं थी, अचानक मेरे खिलाफ एफआईआर क्यों
जैन का कहना है- अविनाश के सुसाइड नोट में हमारा कोई जिक्र नहीं है। घरवालों ने भी शुक्रवार तक हमारे खिलाफ कोई बात नहीं कही थी, तो अचानक मेरे खिलाफ किस बात पर एफआईआर कर दी? पुलिस ने लूट के बाद जो भी डाटा और लिस्ट मांगी, हमने दी। मैंने कभी घर में काम करने वाले किसी भी शख्स से लूट के बारे में बात नहीं की। किसी को शक है तो घर में लगे कैमरों की फुटेज चेक कर सकता है। सुसाइड से एक दिन पहले अनिवाश सारा दिन ड्यूटी पर ही था। हमें अविनाश की मौत पर दुख है और सहानुभूति उनके परिवार के साथ है।

पुलिस ने 3 बार बुलाया था पूछताछ के लिए

पुलिस ने अविनाश को पूछताछ के लिए 13 जनवरी, 16 जनवरी और 17 जनवरी को बुलाया था। पुलिस ने घर से जुड़े सभी लोगों की कॉल डिटेल हासिल की थी, जिसमें अविनाश का भी नंबर था। उसके मोबाइल फोन के कॉल लॉग से कुछ नंबर मिसिंग थे, लेकिन कॉल डिटेल में वह नंबर आ रहे थे। उससे इसी बारे में पूछताछ की गई थी। अविनाश ने बताया था उन्हें नहीं पता नंबर कैसे डिलीट हुए।

आगे की स्लाइड्स में देखें साली से क्या कहा था मृतक ने...

मां को पानी पिलाता बेटा। मां को पानी पिलाता बेटा।