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डक्स बची नहीं और अब विदेशी मेहमान भी खतरे में, इंफेक्शन होने का खतरा

न सिटको ऑफिसर्स को पता न ही प्रशासन के अफसरों को जानकारी

Danik Bhaskar | Jan 06, 2018, 04:50 AM IST

चंडीगढ़. सुखना लेक चंडीगढ़ का लैंडमार्क माना जाता है। लेक से प्रशासन को प्रत्येक दिन लाखों रुपए का रेवेन्यू आता है। लेकिन इस लेक के पानी और जो मेहमान परिंदे इस वक्त यहां डेरा जमाए हुए हैं उनके लिए और लेक के पानी को लेकर प्रशासन बिल्कुल लापरवाह है। हालत ये है कि कोई सुखना में ऑयल डाल गया और इसका किसी को पता ही नहीं है कि किसने इस वारदात को अंजाम दिया। अब इस ऑयल में ही माइग्रेटरी बर्ड्स तैर रहे हैं जोकि इनके लिए खतरनाक है।

इस ऑयल से उनको इंफेक्शन हो सकता है। 2017 में भी जब लेक सूखी थी तो उस वक्त भी कोई मरी हुई मछलियां इस लेक में डाल गया था। उसका भी आज तक पता नहीं है कि ये किसने किया था।

लेक इंचार्ज को मामले का ही पता नहीं

लेक इंचार्ज अनुराग वालिया ने कहा कि उनकी जानकारी में ऐसा मामला आया ही नहीं। वालिया के मुताबिक जब उन्होंने लेक पर नियुक्त अफसरों से जानकारी ली तो उनको भी इस बारे में पता ही नहीं था। हालांकि सिटको के अफसरों के मुताबिक उनकी मोटर बोट से ऑयल लीक नहीं हो सकता और अगर तेल लीक हुआ होता तो उसके बारे में जानकारी उनको जरूर होती।

फैल गया है ऑयल

लेक में बोटिंग एरिया के साथ में ही कोई ऑयल डाल गया था। हालांकि शुक्रवार को फॉरेस्ट एंड वाइल्ड लाइफ डिपार्टमेंट के रेंज अफसर मौके पर पहुंचे भी लेकिन ऑयल अब पानी में दूसरी तरफ फैल गया है। इसके चलते इसको खत्म करने को लेकर कुछ नहीं किया जा सका। संतोष कुमार के मुताबिक इस वक्त लेक में माइग्रेटरी बर्ड्स हैं और इनके लिए ये काफी खतरनाक साबित हो सकता है।

जांच करेंगे

जांच करेंगे कि कैसे ऑयल लेक में पहुंचा। इसके लिए रेंज अफसर से शुक्रवार को चेक भी करवाया लेकिन ऑयल लेक के पानी में काफी जगह पर फैल गया था। इसके चलते कुछ नहीं किया जा सके। -संतोष कुमार, चीफ कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट एंड वाइल्ड लाइफ