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बचपन में तकिए के नीचे बैट रख सोता था ये लड़का, गांव से निकल बना स्टार क्रिकेटर

मुझे आज भी याद है उसके तकिए के पास जब तक बैट न रखो, उसे नींद नहीं आती थी।

Dainik Bhaskar

Jan 15, 2018, 01:23 AM IST
फाजिल्का के गांव जैमल सिंगवाला के छोटे से गांव में शुभमन का जन्म हुआ था। वे ढाई साल की उम्र से ही क्रिकेट खेल रहे हैं। फाजिल्का के गांव जैमल सिंगवाला के छोटे से गांव में शुभमन का जन्म हुआ था। वे ढाई साल की उम्र से ही क्रिकेट खेल रहे हैं।

चंडीगढ़. शुभमन ने ढाई-तीन साल की उम्र में ही क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था। मुझे आज भी याद है उसके तकिए के पास जब तक बैट न रखो, उसे नींद नहीं आती थी। छोटी उम्र में बच्चे खिलौने मांगते थे लेकिन हमें उसे बैट-बॉल दिलाना पड़ता था। उसका सबसे पहला बैट उसके दादा ने बनवाया था, जिसकी फोटो आज भी उन्होंने संभाल कर रखी है। ये कहना है शुभमन के पिता लखविंदर सिंह का। हाफ सेंचुरी लगाते ही घर पर आने लगे बधाई देने वालों के फोन...

- न्यूजीलैंड में शुरू हुए अंडर-19 वर्ल्ड कप में शुभमन ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 54 गेंदों में 63 रनों की पारी खेली, जिसमें उन्होंने 6 चौके और एक छक्का लगाया। जैसे ही शुभमन ने हाफ सेंचुरी पूरा किया, उनके घर पर बधाई देने वालों के फोन आने शुरू हो गए। भारत ने अपने पहले मैच में ऑस्ट्रेलिया को 100 रनों से हराया।

- पिता ने बताया कि उन्होंने घर के आंगन में ही शुभमन को क्रिकेट सिखाना शुरू कर दिया था।

- घर पर ही नेट लगाया हुआ था। उसमें बाकी बच्चों से एक बात अलग थी कि वह छोटी उम्र में ही पैर निकालकर ड्राइव मारना सीख गया था।

- वह अपने से काफी बड़ी उम्र के बच्चों के साथ क्रिकेट खेलता था। लखविंदर ने बताया कि बचपन से उन्होंने ही शुभमन को ट्रेनिंग दी और वह सारा क्रेडिट मुझको ही देता है।

- 8 सितंबर 1999 को फाजिल्का के गांव जैमल सिंगवाला के छोटे से गांव में जन्मे शुभमन के पिता जमींदार थे।

- उनके पिता लखविंदर सिंह को भी क्रिकेट में काफी इंटरेस्ट था पर गांव में क्रिकेट के लिए कोई भी सुविधा नहीं थी। सिर्फ शुभमन के लिए उनका परिवार मोहाली में आकर बस गया।

- यहां उन्होंने शुभमन को पीसीए में ट्रेनिंग दिलवानी शुरू कर दी। इसके बाद शुभमन ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।

14 साल की उम्र में 587 रन की पार्टनरशिप...

- शुभमन का नाम पंजाब में तब छाया जब उन्होंने अंडर-16 के एक मैच में अपने साथी निर्मल सिंह के साथ रिकॉर्ड 587 रन की पार्टनरशिप की थी।

- उस वक्त वे महज 14 साल के थे। इस मैच में उन्होंने 351 रनों की शानदार पारी खेली थी।

- इसके अलावा अंडर-16 विजय मर्चेंट ट्रॉफी में अपने डेब्यू मैच में नाबाद दोहरा शतक लगाया। इस साल ही रणजी ट्रॉफी के लिए सेलेक्ट हुए।

एक ही सीरीज में सेंचुरी, ट्रिपल सेंचुरी और 400 रन भी...
शुभमन ने चार साल पहले अंडर-16 इंटर डिस्ट्रिक्ट एमएल मरकन ट्रॉफी में 4 मैचों में 1015 रन बनाए थे।

इसमें रोपड़ के खिलाफ नाबाद 405 रनों की पारी भी खेली थी। इसी सीरीज में उन्होंने एक ट्रिपल सेंचुरी और दो सेंचुरी लगाई थी।

-शुभमन की अचीवमेंट्स...

- दो साल लगातार बेस्ट जूनियर क्रिकेटर ऑफ द ईयर के अवॉर्ड से सम्मानित

- अंडर-14 और 16 में पंजाब के लिए सर्वाधिक स्कोर बनाने वाला बल्लेबाज

- इंग्लैंड टूअर में 278 रन बना प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट

शुभमन के पिता ने घर के आंगन में ही उन्हें क्रिकेट सिखाना शुरू कर दिया था। शुभमन के पिता ने घर के आंगन में ही उन्हें क्रिकेट सिखाना शुरू कर दिया था।
बेटे के हाफ सेंचुरी लगाते ही उनके घर पर बधाई देने वालों के फोन आने शुरू हो गए। बेटे के हाफ सेंचुरी लगाते ही उनके घर पर बधाई देने वालों के फोन आने शुरू हो गए।
सिर्फ शुभमन के लिए उनका परिवार मोहाली में आकर बस गया। सिर्फ शुभमन के लिए उनका परिवार मोहाली में आकर बस गया।
शुभमन का सबसे पहला बैट उसके दादा ने बनवाया था, जिसकी फोटो आज भी उन्होंने संभाल कर रखी है। शुभमन का सबसे पहला बैट उसके दादा ने बनवाया था, जिसकी फोटो आज भी उन्होंने संभाल कर रखी है।
वह छोटी उम्र में ही पैर निकालकर ड्राइव मारना सीख गया था। वह छोटी उम्र में ही पैर निकालकर ड्राइव मारना सीख गया था।
न्यूजीलैंड में शुरू हुए अंडर-19 वर्ल्ड कप में शुभमन ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 54 गेंदों में 63 रनों की पारी खेली। न्यूजीलैंड में शुरू हुए अंडर-19 वर्ल्ड कप में शुभमन ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 54 गेंदों में 63 रनों की पारी खेली।
शुभमन सचिन के बेटे का दोस्त है। शुभमन सचिन के बेटे का दोस्त है।
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फाजिल्का के गांव जैमल सिंगवाला के छोटे से गांव में शुभमन का जन्म हुआ था। वे ढाई साल की उम्र से ही क्रिकेट खेल रहे हैं।फाजिल्का के गांव जैमल सिंगवाला के छोटे से गांव में शुभमन का जन्म हुआ था। वे ढाई साल की उम्र से ही क्रिकेट खेल रहे हैं।
शुभमन के पिता ने घर के आंगन में ही उन्हें क्रिकेट सिखाना शुरू कर दिया था।शुभमन के पिता ने घर के आंगन में ही उन्हें क्रिकेट सिखाना शुरू कर दिया था।
बेटे के हाफ सेंचुरी लगाते ही उनके घर पर बधाई देने वालों के फोन आने शुरू हो गए।बेटे के हाफ सेंचुरी लगाते ही उनके घर पर बधाई देने वालों के फोन आने शुरू हो गए।
सिर्फ शुभमन के लिए उनका परिवार मोहाली में आकर बस गया।सिर्फ शुभमन के लिए उनका परिवार मोहाली में आकर बस गया।
शुभमन का सबसे पहला बैट उसके दादा ने बनवाया था, जिसकी फोटो आज भी उन्होंने संभाल कर रखी है।शुभमन का सबसे पहला बैट उसके दादा ने बनवाया था, जिसकी फोटो आज भी उन्होंने संभाल कर रखी है।
वह छोटी उम्र में ही पैर निकालकर ड्राइव मारना सीख गया था।वह छोटी उम्र में ही पैर निकालकर ड्राइव मारना सीख गया था।
न्यूजीलैंड में शुरू हुए अंडर-19 वर्ल्ड कप में शुभमन ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 54 गेंदों में 63 रनों की पारी खेली।न्यूजीलैंड में शुरू हुए अंडर-19 वर्ल्ड कप में शुभमन ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 54 गेंदों में 63 रनों की पारी खेली।
शुभमन सचिन के बेटे का दोस्त है।शुभमन सचिन के बेटे का दोस्त है।
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