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पंचकूला-कालका में ‘भूकंप’, मॉक ड्रिल में फेल हुए इंतजाम, दिखी खामियां ही खामियां

सिविल हॉस्पिटल पंचकूला की ओर से आई रिपोर्ट में ‘15 लोग हुए घायल और 2 की हो गई मौत’

Dainik Bhaskar

Dec 22, 2017, 05:57 AM IST
आर्मी ने इमरजेंसी शिविर में पहुंचाए घायल लोग आर्मी ने इमरजेंसी शिविर में पहुंचाए घायल लोग

पंचकूला. सुबह 10 बजे का समय, सायरन बजा तो डीसी ऑफिस और शिक्षा सदन की िबल्डिंग से लोग िबल्डिंग परिसर में जमा होने लगे। िबल्डिंग परिसर, फायर ब्रिगेड, पुिलसकर्मी, प्रशासनिक अधिकारी व कर्मचारी, एंबुलेंस, जेसीबी, सहित डॉक्टरों की टीम पहुंची। एनडीआरएफ की टीम भूकंप आने की वजह से पूरी िबल्डिंग को खाली करने की घोषणा लगातार कर रही थी। डीसी, डीसीपी, एडीसी, एसडीएम, सिटी मजिस्ट्रेट समेत करीब 300 से ज्यादा कर्मचारी डीसी ऑफिस िबल्डिंग परिसर में जमा हो गए। एनडीआरएफ टीम की अलग-अलग टुकड़ी ने डीसी ऑफिस की िबल्डिंग में घुसकर िबल्डिंग में फंसे हुए लोगों को बाहर निकालने के लिए काम शुरू कर दिया। करीब 42 मिनट की मशक्कत के बाद िबल्डिंग में फंसे हुए 18 लोगों को ऊपर के रास्ते और मेन एंट्रेंस सेे बचाकर बाहर निकाला गया। मौके पर मौजूद डॉक्टरों की टीम ने तुरंत उन्हें फर्स्ट एड ट्रीटमेंट दिया और गंभीर घायल लोगों को तुरंत एंबुलेंस की मदद से अस्पताल में एडमिट करवाया।


यहां दिखी लापरवाही: डीसी ऑफिस िबल्डिंग के सेकंड फ्लोर से एनडीआरएफ की टीम फंसे लोगों को बचाकर सीढ़ी से बाहर ला रही थी। इसी समय सीढ़ी से ही डीसी ऑफिस काम के सिलसिले में आए आम लोग अपने से जा रहे थे। जिन्हें बाहर प्रशासनिक अधिकारी व पुिलस ने रोका तक नहीं और लोग डीसी ऑफिस की िबल्डिंग में अपने काम के सिलसिले में घूमते रहे।


ई-दिशा में चलता रहा काम: मॉक ड्रिल के दौरान ई-दिशा में काम चलता रहा और करीब दो दर्जन कर्मचारी और अपने काम से आए 100 से ज्यादा लोग काम करवाते रहे। लेकिन उन्हें मॉक ड्रिल का हिस्सा नहीं बनाया।
सायरन बजने के बाद ऑफिस में बैठे रहे लोग: एक दिन पहले डीसी के अनाउंस किए जाने और मॉक ड्रिल की शुरूआत पर सायरन बजने के बावजूद डीसी ऑफिस के तीनों फ्लोर्स पर कर्मचारी अपने ऑफिस में मौजूद दिखे।


- ग्राउंड फ्लोर पर एमए ब्रांच में तीन महिला कर्मचारी बैठी हुई थीं और वह फोन पर बात कर रही थीं।
- फर्स्ट फ्लोर पर एसीपी ऑफिस के पास कमरा नंबर-206 में पुिलसकर्मचारी अपना काम करते दिखे, एसीपी मुनीष सहगल के ऑफिस में कुछ पुिलसकर्मी दिखे।
- थर्ड फ्लोर के एस के ब्रांच में 3 कर्मचारी रहे, टाऊन एंड प्लानिंग डिपार्टमेंट के 329 नंबर कमरे में 4 कर्मचारी मौजूद रहे,

मॉक ड्रिल की ये थी तैयारी: एनडीआरएफ की टीम में करीब तीन दर्जन से ज्यादा जवान शामिल थे। टीम ने परिसर में तंबू लगाया था और उसमें घायलों के इलाज के लिए तीन बेड लगाए थे। इसके अलावा आपातकालीन परिस्थिति से निपटने को िबल्डिंग की छत से नीचे उतरने के लिए रस्सी का सहारा लिया गया था। इसके अलावा ड्रिलिंग मशीन, कटर सहित कई मशीनें अपने साथ लेकर अाए थे जिन्हें ऐसे में इस्तेमाल किया जाता है वह भी दिखाया। सेक्टर-5 स्थित परेड ग्राउंड में मॉक एक्सरसाईज के लिए स्टेजिंग एरिया स्थापित किया था और सूचना मिलते ही वहां से फायर वाहन, जेसीबी, एंबुलेंस मॉक एक्सरसाईज के लिए निर्धारित स्थानों पर पहुंची और बचाव कार्यों में जुट गई।। भूकंप की स्थिति में डीसी ऑफिस िबल्डिंग के दूसरे फ्लोर पर एमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर स्थापित किया गया था। भूकंप से डीसी ऑफिस में घायल ग्रीन टैग के-5, यैलो टैग के-4, रैड टैग के-2 तथा ब्लैक टैग के 1 लोग पाए गए। सभी को सेक्टर-6 के जनरल अस्तपाल मे भर्ती करवाया गया। इसी प्रकार सेक्टर-6 अस्तपाल की इमरजेंसी में भूकंप से 15 घायल हुए, जिनमें 2 की मौत हो गई, 9 घायल और 4 सामान्य थे।

ये थे अरेंजमेंट...
- अर्थक्वेक का सायरन बजने पर इमरजेंसी के सभी मरीजों को 9 मिनट में एक्स-रे डिपार्टमेंट के पास शिफ्ट किया।
- एक्स-रे डिपार्टमेंट के पास ट्राईएज एरिया बनाया गया, 10 से ज्यादा टेंपरेरी गद्दों वाले बैड लगाए गए
- मरीजों के सैंपल लेने और उनके टैस्ट करने के लिए टेंपरेरी लैब इंस्टॉल की, कर्मियों को तैनात किया
- एक्सीडेंट, बर्न और अलग-अलग कैटेगिरी के मरीजों के लिए अलग-अलग अरेंजमेंट थे
- स्पेशलिस्ट डॉक्टरों के अलावा मेडिकल डॉक्टर्स की टीम पीएमओ के साथ ट्राईएज एरिया में मौजूद रही
- सिक्योरिटी गार्ड्स, फोर्थ क्लास और नर्सिंग स्टाफ आपातकालीन मरीजों के लिए तैनात रहे
- जहां-जहां मॉकड्रिल के लिए बिल्डिंग प्लान की गई, सीएमओ फोन पर वहां संपर्क बनाते रहे
- जितने भी केस डम्मी के रूम में आते रहे पुलिस और अस्पताल का स्टाफ सबकी डिटेल नोट करता रहा
- बिल्डिंग के बाहर पुलिस कर्मियों ने लाईनें बनाकर पब्लिक को दूर रखा
- मरीजों के लिए फार्मेसी, ईसीजी, ब्लड बैंक का भी बंदोबस्त किया गया
ये है टाईमिंग...
- सुबह 10.00 पर अलर्ट का अलार्म बजा
- सुबह 10.02 पर अनाउंसमेंट हुई कि इमरजेंसी खाली करें।
बिल्डिंग से नीचे रस्सी के सहारे उतारे गए घायल... बिल्डिंग से नीचे रस्सी के सहारे उतारे गए घायल...
रेलवे फाटक पर ट्रैफिक जाम में फंसी एंबुलेंस रेलवे फाटक पर ट्रैफिक जाम में फंसी एंबुलेंस
False arrangements in the mock drill
False arrangements in the mock drill
False arrangements in the mock drill
False arrangements in the mock drill
False arrangements in the mock drill
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आर्मी ने इमरजेंसी शिविर में पहुंचाए घायल लोगआर्मी ने इमरजेंसी शिविर में पहुंचाए घायल लोग
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