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बाप-बेटे को पता चला अकाउंट में हैं 1 करोड़ रुपए, इनकम टैक्स का आया नोटिस

2017 में रिटायर्ड टीचर और उसके बेटे से मांगा जा रहा लाखों की ट्रांजेक्शन का टैक्स।

Danik Bhaskar | Jan 08, 2018, 05:59 AM IST

पंचकूला. रिटायर्ड टीचर और उसके बेटे के अकाउंट में करोड़ों रुपए जमा रहे लेकिन उनको तब पता चला जब उनको इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की तरफ से टैक्स जमा करवाने का नोटिस आया। नोटिस आने के बाद जब बाप-बेटे ने पता किया तो मालूम पड़ा कि उनके वोटर कार्ड से फर्जी अकाउंट खोलकर करोड़ों रुपए की ट्रांजेक्शन की गई है। ये दोनों अकाउंट महिंद्रा कोटक बैंक मनीमाजरा में 2009 में खोले गए थे। दोनों की तरफ से बैंक और पुलिस को भी इस बारे में शिकायत दी गई लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। ये दोनों गांव निचली चौकी में रहते हैं।

जाली सिग्नेचर से खुलवाए अकाउंट

रिटायर्ड हेड टीचर श्याम लाल शर्मा और उनके बेटे सुमेश शर्मा को इस बात का तब पता चला जब इनकम टैक्स डिपार्टमेंट नोटबंदी के बाद सख्त हुआ। श्याम लाल और उनके बेटे ने बताया कि 17 जुलाई 2017 को इनकम टैक्स की ओर से 70 लाख रुपए का डिमांड नोटिस भेजा गया। इसमें लिखा था कि श्याम शर्मा के अकाउंट नंबर 0290150003882 से 15 अक्टूबर 2009 से लेकर 1 अप्रैल 2010 तक 40.40 लाख की कैश ट्रांजेक्शन हुई थी। ऐसे ही नोटिस उनके बेटे को आया कि सुमेश कुमार के अकाउंट नंबर 02590150003505 से 61.95 लाख रुपए की कैश ट्रांजेक्शन हुई है। यह खाते 2009 में खुले थे और करीब एक साल तक ही ऑपरेट हो पाए हैं। बाप-बेटे का कहना है कि उन दोनों ने कभी भी कोटक महिंद्रा में अकाउंट ही नहीं खुलवाया था। जब उन्होंने अपने लेवल पर जांच की तो पता चला कि उनके वोटर कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और फोटो का दुरुपयोग करके किसी ने उनके नाम के जाली साइन करके ये खाते खुलवाए हैं।

सिर्फ एक साल हुआ अकाउंट ऑपरेट, लाखों की ट्रांजेक्शन

इनकम टैक्स के नोटिस के अनुसार श्याम लाल शर्मा के अकाउंट से 15 अक्टूबर 2009 से लेकर 1 अप्रैल 2010 तक 46,40,000 रुपए की कैश ट्रांजेक्शन हुई है। इन पर सालों का टैक्स जमा न करवाने के चलते 27,69,900 रुपए की रिकवरी डाली गई है। उनके बेटे सुमेश कुमार शर्मा पर 19 अगस्त 2009 से लेकर 1 जुलाई 2010 तक 61.95 लाख की कैश ट्रांजेक्शन और ड्राफ्ट बनाने के चलते 36.64 लाख की अदायगी निकाल दी गई। शाम लाल शर्मा ने बताया कि जब हमने नोटिस देखे तो हम सहम गए। बैंक में दस्तावेज चेक किए तो हमारे जाली साइन किए गए थे और डम्मी एफिडेविट भी लगाया हुआ था। इनकम टैक्स के पास इस ट्रांजेक्शन की पूरी डिटेल पहुंच गई थी। परंतु इन ट्रांजेक्शन के बारे में हम दोनों को कोई जानकारी नहीं है।