चंडीगढ़ समाचार

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सर्विस के 16 साल बाद हेड कांस्टेबल, 24 में ASI 30 में SI और 35 साल में बनेंगे इंस्पेक्टर

प्रमोशन देने संबंधी भेजे प्रस्ताव में कांस्टेबल से इंस्पेक्टर रैंक तक प्रमोशन देने की समय सीमा भी तय कर दी है।

Dainik Bhaskar

Dec 30, 2017, 06:00 AM IST
डेमोफोटो डेमोफोटो

चंडीगढ़. पुलिस विभाग में अब निचले स्तर के कर्मचारियों को समय पर प्रमोशन मिल सकेगी। इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर राज्य के डीजीपी कार्यालय ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को भेज दिया है। इसके तहत पुलिस का हर सिपाही अपने सेवाकाल में इंस्पेक्टर बनने के बाद रिटायर हो सकेगा। विभाग ने सभी कर्मचारियों को नियमित अंतराल पर प्रमोशन देने संबंधी भेजे प्रस्ताव में कांस्टेबल से इंस्पेक्टर रैंक तक प्रमोशन देने की समय सीमा भी तय कर दी है।

माना जा रहा है कि सीएम की मंजूरी मिलने के बाद मुलाजिमों को सरकार नए साल में तोहफा दे सकती है। जनवरी महीने में इस पर फैसला लिए जाना लगभग तय माना जा रहा है। बता दें कि पुलिस विभाग में फिलहाल सर्विस के तीन साल पर प्रमोशन के लिए टेस्ट देने की व्यवस्था है। टेस्ट पास करने वालों को छठे साल प्रमोशन मिल जाती है लेकिन अधिकतर कर्मचारी ऐसे भी हैं, जो समय पर टेस्ट को क्लिनर नहीं कर पाते। इस कारण वे प्रमोशन से वंचित ही रह जाते हैं और बिना प्रमोशन के ही रिटायर हो जाते हैं और उनके लिए प्रमोशन के स्टार महज एक सपना बन कर रह जाता है। यही नहीं अधिकतर कर्मचारी रिटायरमेंट के नजदीक पहुंचते प्रमोशन पाने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाते हैं।

सरकार को भेजे गए प्रस्ताव में प्रमोशन का जो खाका तैयार करके भेजा गया है, उसके तहत सिपाही को 16 साल की नौकरी पर हेडकांस्टेबल, फिर 24वें साल में एएसआई, 30 वें साल में एसआई और 35वें साल में इंस्पेक्टर के पद पर प्रमोट किया जाएगा।

दागियों को समय पर प्रमोशन नहीं
प्रस्ताव में प्रमोशन की इस व्यवस्था में पात्रता की एकमात्र शर्त यह है कि संबंधित कर्मचारी का पूरा सेवाकाल बेदाग होना चाहिए। भ्रष्टाचार या किसी भी गैरकानूनी गतिविधि में आरोपी या दोषी को प्रमोशन का लाभ नहीं मिल सकेगा। पुलिस विभाग ने यह प्रस्ताव एडवोकेट जनरल कार्यालय के अधिकारियों से कानूनी राय लेने संशोधन के बाद राज्य सरकार को भेजा है।

भेदभाव के आरोप होंगे बंद
डीजीपीऑफिस के आईजी हेडक्वार्टर जतिंदर सिंह औलख का कहना है कि ऐसा होने से जो विभाग पर आरोप लगते रहे हैं कि मुलाजिमों से भेदभाव कर प्रमोशन हो रही है, इस पर विराम लगेगा। इसके अलावा कई बार मुलाजिम इसके खिलाफ कोर्ट चले जाते थे, इनमें भी कमी आएगी।

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