चंडीगढ़ समाचार

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पीपीएससी के पूर्व चेयरमैन सिद्धू को 7 साल कैद, 75 लाख जुर्माना

गोयल ने सोमवार शाम को प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट में सात साल कठोर कारावास की सजा सुनाई।

Danik Bhaskar

Jan 16, 2018, 07:58 AM IST

चंडीगढ़ | पंजाब पब्लिक सर्विस कमीशन (पीपीएससी) के पूर्व चैयरमैन रविंंदर पाल सिंह सिद्धू को एडिशनल जिला सेशन जज मोनिका गोयल ने सोमवार शाम को प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट में सात साल कठोर कारावास की सजा सुनाई। 75 लाख जुर्माना भी किया है। जुर्माना न देने पर सजा एक साल और बढ़ेगी। सजा के बाद सिद्धू ने अपने वकील की ओर देखा और उन्हें थैंक्यू कहने के बाद बेंच पर बैठ गए। वे 26 महीने जेल में रह चुके हैं जो इस सजा में से कम हो जाएंगे। अब उन्हें कुल 58 महीने और जेल में रहना होगा।


सिद्धू काे 2002 के भर्ती घोटाले में 11 जनवरी, 2018 को दोषी घोषित करार दिया था। उन पर पैसे लेकर 32 लोगों को सरकारी नौकरी पर लगवाने का आरोप था। उन्हीं में से एक मामले में यह सजा सुनाई गई है। इससे पहले सिद्धू को 6 अप्रैल 2015 को भी एक अन्य मामले में 7 साल कैद और एक करोड़ रुपए जुर्माने की सजा दी जा चुकी है। जिला अटॉर्नी गुरदीप सिंह ने बताया कि इस केस में नामजद अन्य आरोपियों रणधीर सिंह गिल, प्रेम सागर, परमजीत सिंह, सुरिंद्र कौर व गुरदीप सिंह को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था। सिद्धू पर पद के दुरुपयोग के अलावा जमीन हड़पने और हवाला के जरिए विदेशों में पैसा भेजने के भी आरोप लगे थे।

जजमेंट की कॉपी से छिपाया मुंह
कोर्ट ने सजा सुनाने के बाद 390 पेजों की जजमेंट कॉपी सिद्धू को दे दी। उन्हाेंने उस कॉपी से अपना मुंह छिपा लिया और पत्रकाराें के सवालों के जवाब दिए बिना पुलिस वैन में जाकर बैठ गए। पुलिस कोर्ट से उन्हें रोपड़ जेल ले गई।


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