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सुरिंदरपाल हत्याकांड :‘पाप-मुक्ति’ के लिए 4 हत्यारों ने हरिद्वार में किया था गंगा स्नान

कत्ल के पाप से मुक्ति के लिए हरिद्वार में गंगा स्नान भी किया था।

Danik Bhaskar | Feb 22, 2018, 07:21 AM IST

होशियारपुर . कनाडा भेजने के नाम पर बेंगलुरु बुलाकर टांडा के युवक सुरिंदरपाल को कत्ल करने के आरोप में पकड़े गए गिरोह के दो गुर्गों ने खुलासा किया है कि उन्होंने कत्ल के पाप से मुक्ति के लिए हरिद्वार में गंगा स्नान भी किया था। परसाराम उर्फ परसू जोकि दादा पंडित के नाम से जाना जाता है और सुमित कुमार उर्फ मितू ने पुलिस कस्टडी में भास्कर को बताया कि सुरिंदरपाल का कत्ल करने वाले काला और मुनीष के साथ वे दोनों हरिद्वार गए और गंगा स्नान किया। मनसा देवी पर 151-151 रुपए का प्रसाद लेकर वहां पूजा करवाई। पाप-मुक्ति का कर्मकांड करने के बाद वे दोनों (परसू व सुमित) पानीपत चले गए जबकि काला और मुनीष हरिद्वार से कहीं और चले गए।

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3 दिसंबर 2017 को हुई थी टांडा के सुरिंदरपाल सिंह की हत्या
- गैंग ने फिरौती न मिलने पर 3 दिसंबर को टांडा के गांव कल्याणपुर के रहने वाले सुरिंदरपाल सिंह की कर्नाटक के रामनगर में हत्या कर दी थी। परसू और सुमित को दिल्ली से पकड़े गए। दोनों जींद (हरियाणा) के गांव खेड़ा खेमावती के रहने वाले हैं।

- पुलिस ने इनके अलावा सुरिंदरपाल को फंसाने वाले ट्रैवल एजेंट हरिंदर सिंह शैली को भी गिरफ्तार किया है। मामले में भाईजान, काला, मुनीष, सुनील, जार्ज सहित 9 लोगों की पुलिस को अभी तलाश है।

सुरिंदरपाल सिंह ने कहा था, अगर मैं पैसा दिलवा भी दूंगा तो भी तुम मुझे मार डालोगे
- परसू व सुमित ने बताया कि जब सुरिंदरपाल को बेंगलुरु ले जाया गया था तो 5 और युवक वहां मौजूद थे, जिनपर नजर रखने के लिए 8 गुर्गे तैनात थे। इनका काम था कि वे उन्हें इतना पीटें कि वह परिवार से पैसे मंगवाने को मजबूर हो जाएं।

- सुरिंदरपाल को पहली मंजिल में रखा गया था और काला और मुनीष ही पीटते थे। उसने पैसे मंगवाने से इंकार करते हुए कहा था कि अगर मैं पैसा दिलवा भी दूंगा तो भी तुम मुझे मार डालोगे।

- काला और मनीष ने उसके सिर पर डंडे मारने शुरू कर दिए जिससे उसकी मौत हो गई। जब उसका कत्ल किया गया था तो ट्रैवल एजेंट हरिंदर शैली के गांव का मनि और रिश्तेदार खुर्दा का गोपी भी वहां मौजूद था।

पानीपत में मुंशी का काम करते थे परसू और सुमित, वहीं सरगना पवन गांधी से मिले थे

- 28 वर्षीय परसूराम ने बताया कि वह पानीपत मंडी में आढ़ती के पास मुंशी लगा हुआ था। इसी दौरान उसकी मुलाकात सरगना पवन गांधी से हुई और वह उसे थाईलैंड ले गया था। वहां बंग्लादेश से फंसाकर लाए गए युवकों को लूटा जा रहा था। उसे 25 हजार मिले थे। िफर उसने पानीपत में ही मुंशी का काम करने वाले 22 साल के सुमित को भी अपने साथ जोड़ लिया।

अंतर्राष्ट्रीय गिरोह चला रहे सरगना पवन गांधी की टांगें नहीं हैं

- परसू-सुमित ने इस बात का भी खुलासा किया कि गैंग में दर्जनों लोग हैं। गिरोह का सरगना पवन गांधी और रहमान हैं। पवन की दोनों टांगें ही नहीं हैं लेकिन फिर भी वह सारी गेम चला रहा है।